Category Archives: लेख

सुनीता विलियम्स से शुभांशु शुक्ला तक : अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती...

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत की अंतरिक्ष यात्रा केवल चंद्रमा तक पहुंचने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक क्षमता और अंतरिक्ष में बढ़ते वैश्विक प्रभाव की कहानी है। 23 अगस्त भारत के लिए केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, ब...

अर्थव्यवस्था की धुरी मध्यम वर्ग को नहीं मिल रही वांछित सुविधाएं...

बाल मुकुन्द ओझा देश में एक बार फिर मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्ग चर्चा के केंद्र में है। भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अब ऐसे मुद्दे उठाए हैं, जिनका सीधा संबंध देश के मिडिल क्ला...

मोबाइल ने छीना बच्चों का मैदानी खेलकूद...

बाल मुकुंद ओझा देश की सर्वोच्च अदालत ने डिजिटल युग में बच्चों की शारीरिक गतिविधियों में आई भारी गिरावट पर बेहद गंभीर चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि आज के दौर में बच्चे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और स्मार्टफोन में इस कदर व...

सड़क पर पैदल चलना भी मौलिक अधिकार, फिर फुटपाथ क्यों बेहाल ?...

-सुनील कुमार महला सड़क पर पैदल चलना मौलिक अधिकार है, लेकिन आज भारत के कई शहरों में पैदल चलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। दरअसल, आज भी बहुत से शहरों में फुटपाथ या तो बने ही नहीं हैं, या उन पर अतिक्रमण, पार्किंग और निर्माण सामग्री ...

पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं के बाद अब आस्था के मुद्दे पर सियासी घ...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुद्दों का रंग बदलता दिखाई देने लगा है। लंबे समय से पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर रहा विपक्ष अब राम मंदिर से...

बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है मगर सम्मान और सुविधाएं नहीं...

बाल मुकुंद ओझा विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस हर साल 21 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को स्वीकार करने और वृद्धावस्था से जुड़ी चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। भारत में ब...

परीक्षा की शुचिता और नौकरी की सुरक्षाः झारखंड की चुनौती...

-ः ललित गर्ग:- झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले पच्चीस दिनों से चला आ रहा छात्र आंदोलन अब एक नए और अधिक जटिल चरण में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्र आंदोलन के दबाव, परीक्षाओं में कथित अनियमित...

देश की सियासत पर अपराधी आचरण वाले लोगों का कब्ज़ा बदस्तूर जारी...

बाल मुकुंद ओझा सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत एक ताज़ा रिपोर्ट का अवलोकन करें तो पाएंगे देश की राजनीति पर आज भी अपराधी आचरण वाले लोगों का कब्ज़ा बदस्तूर जारी है। देश की सर्वोच्च अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा ...

वेनेजुएला के बाद इंडोनेशिया में भूकंप ने दहलाई दुनिया...

– बाल मुकुन्द ओझा भूकंप भी ऐसा लगता है, अब हमारे जनजीवन का हिस्सा बन चुका है। लैटिन अमेरिकी देश वेनेज़ुएला के बाद अब इंडोनेशिया में आये भूकंप से लोग दहशत में है। एक मीडिया रेप[ऑर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में ...

रामकाव्य प्रणेता तुलसीदास...

डॉ. निर्मल सुवासिया गोस्वामी तुलसीदास, भारतीय साहित्य और आध्यात्मिकता के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे। उनका जन्म संवत 1554 विक्रमी, श्रावण शुक्ल सप्तमी (11 अगस्त 1532 ई.) में वर्तमान उत्तर प्रदेश के राजापुर नामक एक छोटे से गाँव में हुआ...

रणवीर सिंह की नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू, दुनिया के...

मुंबई। रणवीर सिंह की महत्वाकांक्षी नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग आज से शुरू हो गई है। अनन्या बिरला के बिरला स्टूडियोज, ट्रू स्टोरी फिल्म्स और मां कसम फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘प्रलय’ म...

पैट्रोल-डीज़ल की बढ़ती खपत-बचत हेतु आगे आए...

कोई समय था जब लोग कहते थे कि धरती के नीचे से क्या कभी पैट्रोल-डीज़ल ख़त्म हो सकता हैं ? मगर अब हम ऐसी समस्या का सामना कर रहें हैं,जिस से पैट्रोल -डीज़ल की कमी आ रही हैं । अब कई मौक़े ऐसे आ चुके हैं जब पम्पों से पेट्रोल-डीज़ल न मिल...

बेजुबान पक्षियों के लिए मौत का खेल बनी पतंगबाजी...

बाल मुकुन्द ओझा स्वतंत्रता दिवस देश की राजधानी दिल्ली में बेजुबान पक्षियों पर कहर बनकर टूटा। इस अवसर पर हुई पतंगबाजी दिल्ली के पक्षियों के लिए खतरनाक साबित हुई। पतंगों के साथ इस्तेमाल होने वाले खतरनाक मांझे ने बड़ी संख्या में पक्ष...

स्वतंत्रता के बाद से आज तक बच्चों की शिक्षा और उनका विकास...

बात उन दिनों की है जब मैं चौथी – पाँचवीं कक्षा में पढ़ता था तब गुरुजन हमें भारतीय महीने, तिथि, गिनती आदि भी सिखाते थे। हम एक, दो, तीन, चार, …. भी बोलते लिखते थे तो One, Two, Three, Four, … भी बोलते लिखते थे। 1, 2,...

आज़ादी का मतलब मनमानी नहीं, जिम्मेदारी है...

-बाल मुकुंद ओझा 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। लाखों देशवासियों ने कुर्बानियां देकर आजादी प्राप्त की थी तब जाकर यह हमें प्राप्त हुई है। 15 अगस्‍त 2026 को आजाद भारत 79 साल का हो जाएगा। हमारे-आपके बीच बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जिन...

आजादी के आठ दशक : लोकतंत्र की जड़ें गहरी हुईं, चुनौतियां भी कम नह...

-राजेश जैन भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आजादी के आठ दशक केवल कैलेंडर के पन्नों पर बीते वर्ष नहीं हैं, बल्कि यह उस लोकतांत्रिक प्रयोग की लंबी यात्रा है, जिसमें एक गरीब, विविधतापूर्ण और नवस्वतंत्र देश ने अपने नागरिकों...

खुशहाली, सौभाग्य और प्रेम का पर्व है हरियाली तीज...

बाल मुकुंद ओझा सावन महाशिवरात्रि के बाद हरियाली तीज का बड़ा महत्व है। इसे श्रावणी तीज भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि क...

मक्का समझौता : भारत को घेरने की शुरुआत या बदलती दुनिया का नया शक्...

-राजेश जैन मक्का से निकली एक खबर ने पश्चिम एशिया से लेकर दक्षिण एशिया तक रणनीतिक समीकरणों पर नई बहस छेड़ दी है। 7 अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का सबसे महत्वपूर...

अंगदान से बच सकती है हजारों लोगों की जिंदगी...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है। अंगदान करके आप किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। अंग प्रत्यारोपण का अभिप्राय सर्जरी के माध्यम से एक व्यक्ति के स्वस्थ अंग को निकालने और उसे किसी ऐसे व्यक्ति में प्र...

युवा ऊर्जा : राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत...

-सुनील कुमार महला अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल 12 अगस्त को युवाओं की भूमिका, अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यदि हम यहां पर इस दिवस के इतिहास पर नजर डालें तो संयु...

युवा शक्ति को मिले दिशा, सपनों को मिले उड़ान...

-ः ललित गर्ग:- युवा केवल उम्र की एक अवस्था नहीं, बल्कि ऊर्जा, साहस, कल्पना, परिवर्तन और नवसृजन की चेतना का नाम है। जिस समाज की युवा शक्ति जाग्रत, संवेदनशील और रचनात्मक होती है, वह समाज परिवर्तन की नई इबारत लिखता है। इसके विपरीत जब...

18 साल की उम्र में फांसी चढ़ने वाले युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस...

बाल मुकुंद ओझा शहीद खुदीराम बोस सबसे कम उम्र के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत में अंग्रेजी राज का विरोध किया था। वह मुज़फ़्फ़रपुर षडयंत्र में शामिल थे और 11 अगस्त, 1908 को 18 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दे दी ग...

नैनीताल का रोप-वे, अंग्रेजों ने 139 वर्ष पहले ही बना ली थी योजना...

प्रयाग पाण्डे अंग्रेजों के प्रकृति प्रेम एवं औपनिवेशिक शासकों की तात्कालिक आवश्यकताओं के चलते आज से करीब 183 साल पहले 1843 में कुछ यूरोपीय नागरिकों की स्वतंत्र पहल से नैनीताल नामक नगर की बसावट शुरू हुई। नैनीताल को एक आदर्श हिल स्ट...

युवाओं में थकान और तनाव की नई बीमारी...

बाल मुकुन्द ओझा आजकल जिसे देखो वह युवाओं को बढ़ चढ़कर ज्ञान देने लगा है। ज्ञान से युवाओं की समस्याएं ख़त्म होने वाली नहीं है। जरुरत है युवाओं में बढ़ रहे तनाव और थकान की वजह खोजकर समाधान की। युवाओं में तनाव की वजह से कम उम्र में ही यु...

खर्चीले होते चुनाव और सिद्धारमैया जी का सच...

बकोल राजनीति में पद पर रहते हुए सच बोलने और उसे स्वीकार करने का साहस अब विरल होता जा रहा है। सत्ता में रहते हुए सच बोलने की कीमत कई बार पद गंवाकर या अपनी ही पार्टी में राजनीतिक एकांतवास झेलकर चुकानी पड़ती है। ऐसे समय में कर्नाटक क...

मुखर योगी और अखिलेश की सियासी कसमकस...

-संजय सक्सेना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। वो दोपहर 12 बजे सो कर उठते थे। दो बजे तैयार होते थे। पांच बजते-बजते उनके जिम जान...

जल जंगल जमीन और संस्कृति के रक्षक है आदिवासी...

-बालमुकुन्द ओझा विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रुप में घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य...

8 अगस्त को हुआ था भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज़...

-बाल मुकुन्द ओझा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 8 अगस्त का दिन एक मील का पत्थर माना जाता है। वर्ष 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान (जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता...

ढाका की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई परीक्षा...

-ः ललित गर्ग:- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा दिसंबर 2026 में स्वदेश लौटने की घोषणा केवल एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिश...

नहरों-नदियों में डूब कर मरने की बढ़ रहीं घटनाएँ: चिंता का विषय...

लगातार कई वर्षों से नहरों -नदियों में लोगों ख़ासकर बालकों और नौजवानों की ओर से नहाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है उसी प्रकिया में नहाते समय इन के डूबने की घटनाएँ और मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही हैं । समय – समय की सरक...

देश में स्थायी ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा माध्‍यम है हथकरघा...

बाल मुकुन्द ओझा भारत में प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। भारतीय हथकरघा उद्योग दुनिया के सबसे पुराने और सबसे जीवंत कुटीर उद्योगों में से एक है। हथकरघा क्षेत्र हमारे देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक वि...

हिरोशिमा दिवस : युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य...

6 अगस्त को विश्वभर में हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। पाठक जानते होंगे कि यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन विश्वभर में परमाणु हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि ...

बहुगुणकारी है शिवजी का प्रिय बेलपत्र...

बाल मुकुन्द ओझा सावन या श्रावण मास शिवजी को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पावन महीने में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। हमारा देश मंदिरों का दे...

छोटा चुनाव, बड़ा संकेत-भाजपा का अति आत्म विश्वास या वजह और..?...

-ऋतुपर्ण दवे तीन अगस्त को तीन राज्यों के तीन नतीजे बहुत बड़े संकेत हैं। निश्चित रूप से बिहार का नतीजा जहाँ सत्ताधारी दल के लिए हैरान और परेशान करने वाला रहा। वहीं मध्यप्रदेश का नतीजा सत्ताधारी दल की अन्दरूनी गुटबाजी का परिणाम रहा।...

दूषित जलापूर्ति से मंडरा रहा बीमारियों का खतरा...

बाल मुकुन्द ओझा देश में में दूषित जल आपूर्ति का खतरा बढ़ गया है। जल जीवन मिशन की जांच में पीने का पानी दूषित होने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं होने की जानकारी मिली है। जल जीवन मिशन द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना जा...

विदेश में डंकी रूट से साइबर धोखाधड़ी तक में फंसते भारतीय...

-संजय सक्सेना भारत में अवैध घुसपैठ हमेशा से एक संवेदनशील राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दा रहा है, जिस पर हर चुनाव और संसद के हर सत्र में सियासी दल अपनी रोटियां सेकते नजर आते हैं। सीमाओं की सुरक्षा, राष्ट्रीय अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के ...

तन, मन और धन के साथ मां की मुस्कान भी छीन लेता है नशा...

बाल मुकुन्द ओझा कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले देश के युवाओं यानि जेन – ज़ी का विकराल रूप देखकर चिंतित प्रधानमंत्री ने अपना ध्यान युवा वर्ग पर केंद्रित किया है। उन्होंने युवाओं को नशे के खिलाफ चेताया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत...

सावन : शिव भक्ति, श्रद्धा और साधना का पावन पर्व...

-सुनील कुमार महला 3 अगस्त को श्रावण मास का पहला सोमवार है। श्रावण मास भगवान शिव की उपासना/आराधना और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।श्रद्धालु व्रत-उपवास, पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक तथा कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान ...

पीओके की पुकार और दुनिया की जिम्मेदारी...

-ः ललित गर्ग:- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक चुनावी प्रक्रिया की कहानी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, मानवाधिकार और जनविश्वास के गहरे संकट की दास्तान हैं। किसी भी लोकतांत्रि...

करोड़पति फकीर ने जगाई शिक्षा सेवा की अलख...

डॉ. दुलाराम सहारण राजस्थान के झुंझुनू जिले के गाँव सीगड़ी की मिट्टी में जन्मे डॉ. घासीराम वर्मा एक ऐसा नाम हैं, जो जनहितकारी व्यक्तित्व के साथ सादगी, शिक्षा सेवा और दानवीरता की अनूठी मिसाल के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। समय के सा...

सामाजिक एकता और समानता के प्रतीक संत रविदास...

बाल मुकुन्द ओझा देशभर में विभिन्न सियासी और सामाजिक संगठनों की ओर से संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जन्म जयंती के कार्यक्रम शुरू हो गए है। रविदास को रैदास नाम से भी जाना जाता है। रविदास का जन्म वाराणसी के पास के गांव में हुआ था...

खाद्य पदार्थों में मिलावट : स्वास्थ्य और समाज पर बढ़ता संकट...

-सुनील कुमार महला खाद्य पदार्थों में मिलावट आज एक बहुत ही गंभीर सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन चुकी है। आज के समय में अधिक लाभ कमाने के लालच में भोजन में हानिकारक एवं निम्न गुणवत्ता वाले पदार्थ मिलाए जा रहे हैं, जिस...

आम आदमी की बोली ठोली के रचनाकार थे मुंशी प्रेमचंद...

बाल मुकुन्द ओझा आज उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती है। ग्रामीण जन जीवन के चितेरे लेखक मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं आज भी न केवल प्रासंगिक है अपितु हिंदी साहित्य की अमर अजय रचनाएं है। प्रेमचंद ने कहानी और उपन्यास विधा में एक नई ...

अध्यात्म प्रकृति और उत्सव का संगम है सावन का महीना...

बाल मुकुन्द ओझा हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना श्रावण मास के नाम से जाना जाता है। यह महीना भारतीय संस्कृति में अत्यंत पावन, पवित्र और धार्मिक आस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून की फुहारों के साथ यह महीना न केवल प्र...

धरती तप रही है : बढ़ती गर्मी और मानव जीवन पर मंडराता खतरा...

-सुनील कुमार महला आज धरती का तापमान लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वास्तव में, कहना ग़लत नहीं होगा कि वैश्विक तापमान में लगातार हो रही वृद्धि आज पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग, वनों ...

गांव की चौखट से शुरू होगा समानता का दौर...

-करीना थायत भारत विकास और आर्थिक प्रगति की नई इबारत लिखने की बात करता है। लेकिन इस विकास का अर्थ तभी पूरा होगा, जब गांव की महिलाएं और किशोरियां भी अपने अधिकारों, अवसरों और फैसलों पर बराबरी की हिस्सेदार बनें। किसी देश की प्रगति केव...

गुरु महिमा अपरंपार

-बाल मुकुन्द ओझा गुरु के प्रति आदर सम्मान को व्यक्त करने के लिए आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस बार यह बुधवार, 29 जुलाई 2024 को मनाई जाएगी। जीवन में गुरु और शिक्षक के महत्व को आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए य...

विश्वास और संवाद टूटे तो बिखरते रिश्ते, जन्म लेते खतरनाक अपराध...

देवेंद्र सिंह पति-पत्नी का रिश्ता रक्त संबंधों पर नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान, संवाद और पारस्परिक सहयोग पर आधारित होता है। यही कारण है कि इसे समाज का सबसे मजबूत और संवेदनशील संबंध माना जाता है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का साथ नहीं...

हरित भविष्य की राह : प्रकृति संरक्षण का संकल्प...

-सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 28 जुलाई को जैव विविधता के संरक्षण, विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किए जाने,पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की रक्षा करने के क्रम में विश्व प्रकृति स...

सपने वो हैं जो आपको सोने न दें : डॉ. कलाम के प्रेरक जीवन का संदेश...

-सुनील कुमार महला ‘सपने वे नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते।’ यह प्रेरक विचार भारत के महान वैज्ञानिक, ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ (अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइल परियोजनाओं में महत्...

डिजिटल मीडिया के दौर में प्रिंट मीडिया की पकड़ ढीली नहीं हुई है...

बाल मुकुन्द ओझा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद काँकरोच जनता पार्टी का आंदोलन मीडिया के सम्बन्ध में कई प्रश्न अनुत्तरित छोड़ गया। विशेषकर न्यूज़ चैनलों के कवरेज और उसके कुछ एंकरों और पत्रकारों की पिटाई और धक्कामुक्क...

भारतीय सेना के साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है कारगिल विजय दिव...

बाल मुकुन्द ओझा आज देश कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है। कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। आज का दिन भारतीय वीरों के अदम्य साहस और वीरता की कहानी को याद करने का है। साथ ही यह दिन देश के वीर सैनिकों क...

व्यक्ति-क्रांति से धर्म-क्रांति के पुरोधा: युगद्रष्टा आचार्य भिक्...

-ः ललित गर्ग:- भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि धर्म की आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित किया। वे परम्परा के अनुयायी भर नहीं बने, बल्कि समय की आवश्यकताओं के अनुरूप धर्म क...

पेपर लीक से उठे सवाल और छात्रों की आवाज़ : अब सरकार को संवाद का र...

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता केवल लाखों युवाओं के भविष्य का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास का आधार भी है। पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं ने...

देशभर में नकली और एक्सपायरी दवाओं का फैला गोरखधंधा...

बाल मुकुन्द ओझा भारत में नकली, घटिया और अवैध दवाओं का धंधा तेजी से फैल रहा है, जिसकी वजह से रोगियों की जान जोखिम में है। विशेषज्ञों के मुताबिक जो दवाएं धोखाधड़ी से निर्मित या पैक की गई हैं, उन्हें नकली और घटिया दवाएं कहा जाता है क...

सिक्किम हादसा : प्रकृति की चेतावनी या मानवीय लापरवाही ?...

हाल ही में सिक्किम के समरडुंग, नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना के निर्माणाधीन टनल (एडीआइटी-3) में हादसा हो गया। मीडिया में उपलब्ध जानकारी के अनुसार 20 जुलाई 2026 को निर्माणाधीन सुरंग के अंदर अचानक मीथ...

भारत के कर प्रशासन के विकास की याद दिलाता है आयकर दिवस...

-बाल मुकुन्द ओझा आज देश भर में 167वां आयकर दिवस मनाया जा रहा है। यह भारत के वित्तीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिवस हर वर्ष 24 जुलाई को मनाया जाता है। आयकर केवल एक राजस्व उपकरण नहीं है अपितु यह एक समृद्ध और स्थिर राष्ट्र ...

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक: स्वराज, स्वाभिमान और राष्ट्रजागरण के मह...

‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।’ यह प्रसिद्ध उद्घोष महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, राष्ट्रवादी नेता, प्रभावशाली वक्ता, लेखक, जन-जागरण के अग्रदूत, भारतीय संस्कृति और परंपराओं के समर्थक, यु...

आकाशवाणी ने मन की बात के माध्यम से सामाजिक बदलाव और नवाचार की पहल...

बाल मुकुन्द ओझा राष्ट्रीय प्रसारण दिवस के अवसर पर यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम आकाशवाणी का एक परिवर्तनकारी और क्रन्तिकारी कार्यक्रम बन चुका है। यह कार्यक्रम पिछले 12 वर्षों से म...

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा : राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस का संदेश...

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारे राष्ट्र की पहचान, गौरव, एकता और संप्रभुता का प्रतीक है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र, राष्ट्रीय अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है। भारत के इतिहास में 22 जुलाई 1...

क्यों फट जाते है बादल और क्यों गिरती है आसमान से बिजली...

बाल मुकुन्द ओझा मानसून अपने साथ जहां खुशियों की सौगात लेकर आते है वहीं मानसून के खतरे भी कम नहीं है जिससे हर साल सैंकड़ों लोग अकाल काल कलवित हो जाते है। अतिवृष्टि, बाढ़, आकाशीय बिजली और बादल फटने की घटना आम बात हो गई है। मॉनसून आने ...

तत्काल स्वास्थ्य लाभ के चक्कर में डॉक्टर शॉपिंग का नया चलन...

समय के साथ सोच में एक बड़ा बदलाव तेजी से यह देखने में आ रहा है कि यदि जुखाम, बुखार, खांसी जैसी सामान्य बीमारी में भी डॉक्टर की दवा से तत्काल राहत नहीं मिलती तो अब डॉक्टर बदलने में कोई गुरेज नहीं होता। देखा जाएं तो तुरंत स्वास्थ्य ...

पेपर लीक के नाम पर राजनीति का प्रदर्शन नहीं चलेगा...

दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए तथाकथित “चलो संसद” मार्च ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश में हर आंदोलन वास्तव में जनहित के लिए होता है या फिर कुछ आंदोलन केवल राजनीतिक उद्देश्य साधने के लिए खड...

संसद का मानसून सत्रः हंगामे नहीं, समाधान का संकल्प बने...

-ललित गर्ग- भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल उसकी संसद है। यही वह मंच है जहां देश की आकांक्षाएं, समस्याएं और भविष्य की दिशा तय होती है। संसद केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श, जवाबदेही और जनभावनाओं की अभिव्यक्...

यूपी के चुनाव करेंगे देश के भाग्य का फैसला...

बाल मुकुंद ओझा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे सियासी पार्टियों ने अपनी रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी है। एक दूसरे पर आरोपों की बौछारे सियासी पारे में गर्माहट पैदा करने ...

कहां चला गया पुलिस के हाथों में लहराने वाला डंडा...

संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश की सड़कों पर वर्षों तक एक दृश्य बेहद सामान्य हुआ करता था, जो अब केवल पुरानी यादों या पुलिस थानों की धूल फांकती फाइलों में सिमट कर रह गया है। खाकी वर्दी पहने एक पुलिस कर्मी, जिसके हाथ में एक लंबी, मजबूत और...

संसद चल पाएगी या फिर हंगामे की भेंट चढ़ेगी...

बाल मुकुन्द ओझा संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों ने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के लिए अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। विपक्ष सरकार को घेरने की जोरदार तैयारी में है तो सरकार 130 वां संविधान संशो...

अब मध्य प्रदेश में यूसीसीः भाजपा शासित राज्यों की बदलती तस्वीर...

-संजय सक्सेना भारत में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मुद्दा लंबे समय से संवैधानिक और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को यह निर्देश दिया गया है कि वह भारत के समस्त नागरिकों के लिए एक ...

बचकर रहिए, मौसम बदलते ही बढ़ा सर्पदंश का खतरा...

-बाल मुकुन्द ओझा बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ सांपों का खतरा भी बढ़ जाता है. लगातार बारिश से बिलों में पानी भरने पर सांप सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में घरों, खेतों और पशुशालाओं तक पहुंच जाते हैं। मीडि...

महिला आरक्षण का ऐतिहासिक क्षण सामने...

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ ऐसे अवसर आते हैं जो केवल कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं होते बल्कि सामाजिक परिवर्तन की नई दिशा तय करते हैं। महिला आरक्षण का प्रश्न भी ऐसा ही विषय है। वर्षों से देश की आधी आबादी संसद और विधानसभाओं म...

कैच द रैन अभियान : 1.21 लाख एकड़ जलाशयों का होगा पुनर्निर्माण...

-बाल मुकुन्द ओझा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के 135वें संस्करण के दौरान कैच द रेन अभियान की गति को बनाए रखने का आह्वान किया था। कैच द रेन अभियान का उद्देश्य बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजकर जल संकट का ...

राहुल के गुप्त विदेशी दौरे की कीमत चुकाती कांग्रेस...

-संजय सक्सेना लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी 20 दिनों की गोपनीय यात्रा के बाद भारत वापस आ गये हैं। इस यात्रा के खिलाफ बीजेपी ने राहुल गांधी से कई सवाल पूछे हैं। भाजपा मीडिया सेल ने सवाल किया है कि र...

विश्व युवा कौशल दिवस : हुनर ही भविष्य की पहचान है...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व युवा कौशल दिवस हर साल 15 जुलाई को दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में यु...

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती...

-ः ललित गर्ग अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अम...

हर साल विलुप्त हो रही हैं 73 हज़ार प्रजातियां...

बाल मुकुंद ओझा जलवायु परिवर्तन ने प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन शुरू कर दिया। जंगलों को खत्म कर दिया गया। ऐसे ही कितने ही जीव-जंतुओं का शिकार इस हद तक किया गया कि वह विलुप्त होने की कगार में हैं और कुछ तो विलुप्त भी हो गए। वि...

स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं वाहनों से निकलने वाला धुआं...

बाल मुकुन्द ओझा सेहत व जिंदगी के लिए जरूरी स्वच्छ वातावरण अब ख्वाब बनकर रह गया है। हर सांस के साथ धुआं रूपी जहर शरीर के अंदर पहुंच रहा है। सड़कों पर बढ़ती वाहनों की संख्या और इससे पैदा होने वाला प्रदूषण देश और दुनिया के लिए खतरा है।...

साइबर ठगी से बचाव की समझ ही सबसे बड़ी सुरक्षा...

देश में तेजी से बढ़ रही साइबर ठगी और फर्जी निवेश योजनाएं आज युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। बेरोजगारी और जल्दी अमीर बनने की चाह का फायदा उठाकर ठग नए नए तरीके अपनाते हैं। हाल ही में वाराणसी में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ...

यूरेनियम डील से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत...

-महेन्द्र तिवारी दुनिया इस समय ऊर्जा परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। एक ओर जलवायु परिवर्तन की चुनौती देशों को कोयले और पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए मजबूर कर रही है, तो दूसरी ओर तेजी से...

पेपर बैग : प्लास्टिक से मुक्ति की दिशा में एक सार्थक प्रयास...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व पेपर बैग दिवस हर साल 12 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 26 में प्लास्टिक बैग की थीम एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्ति: एक एक स्थायी भविष्य की ओर रखी गई है। इस दिन का उद्देश्य प्लास्टिक बैग की जगह पेपर बैग के इस्तेमा...

जनसंख्या विस्फोट से खतरे में है मानव जीवन...

बाल मुकुन्द ओझा संयुक्त राष्ट्र की ओर से हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जनसंख्या दिवस की इस साल थीम युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करना – आज और भविष्य के लिए रखी गई है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक द...

अखिलेश से नाराज साइलेंट मुस्लिम वोटर बड़ा खतरा...

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बेहद खामोश लेकिन गहरा वैचारिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसकी धुरी समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव के इर्द-गिर्द घूम रही है। पारंपरिक रूप से ‘एम-वाई’ (मुस्लिम-यादव) सम...

भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत...

– महेन्द्र तिवारी भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, संचालन क्षमता, प्रशिक्षण, तकनीकी दक्...

सालाना तीस लाख जिंदगियां निगल रही है शराब...

बाल मुकुन्द ओझा शराब सेहत के लिए हानिकारक है। लोगों को लगता है कि इससे सिर्फ लिवर खराब होता है। लिवर के लिए शराब सबसे घातक होती है, लेकिन इसका असर आपके दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। शराब पीने से हार्ट डिजीज का खतरा काफी बढ़ जाता है...

आज पानी बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य होगा सुरक्षित...

बाल मुकुन्द ओझा देश में हर साल मानसून आता है और सर्वत्र बारिश होती है, इसके बावजूद लोग पानी के लिए तरस जाते है। इसका एक मुख्य कारण है हम वर्षा जल का संचयन नहीं कर पाते। मौसम विभाग की माने तो मानसून भारत में प्रवेश कर चुका है। कश्म...

हिंद-प्रशांत में भारत का बढ़ता सामर्थ्य एवं साझेदारियां...

-ः ललित गर्ग:- भारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने जिस आत्मविश्वा...

गर्म होती पृथ्वी, ठंडी पड़ती समझ: भारत का जलवायु सच...

-प्रो. आरके जैन “अरिजीत” भारतीय सभ्यता सदियों तक ऋतुओं पर उतना ही भरोसा करती रही, जितना सूर्योदय पर। खेती, नदियाँ, पर्व-त्योहार और जीवन मौसम की नियमित लय पर आधारित थे। किंतु अब प्रकृति चेतावनी दे रही है। अप्रैल–मई 2026 में कई शहरो...

आवारा पशुओं की समस्या : देखन में छोटी लगे घाव करे गंभीर...

बाल मुकुन्द ओझा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान में ट्यूशन से लौट रही 5 वर्षीय बेटी पर एक आवारा गाय ने हमला कर दिया। चीख सुनते ही मां मंजीत कौर गाय से भिड़ गईं और सींग पकड़कर बेटी की जान बचा ली। इस दौरान उनकी कई पसलिय...

भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा : हर क्षेत्र में सफलता का नया अध्...

भारत आज विश्व मंच पर जिस आत्मविश्वास, क्षमता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। एक समय था जब भारत को केवल एक विकासशील देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। विज्ञा...

मजबूत लोकतंत्र के लिये दागी नेताओं से मुक्ति जरूरी...

-ः ललित गर्ग भारतीय लोकतंत्र ने स्वतंत्रता के बाद अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं। आज भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति होने के साथ-साथ विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भार...

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है ध्वनि प्रदूषण...

-बाल मुकुन्द ओझा पृथ्वी पर वायु और जल प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी संकट का बड़ा कारण बन गया है। जब कभी ध्वनि आवश्यकता से अधिक तेज़ होती है तब उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। यह प्रदूषण जल तथा वायु प्रदूषण से एकदम भिन्न है, क्योंकि इ...

प्लास्टिक बैग से जकड़ी जीवन-शैली से पर्यावरण तबाह...

-ः ललित गर्ग पृथ्वी आज जिस सबसे बड़े पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, उसमें जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता का क्षरण और प्रदूषण के साथ-साथ प्लास्टिक प्रदूषण भी एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है। कभी आधुनिक जीवन की सुविधा और विकास का प्...

संघ के पंजीकरण की मांग : कितनी जायज और कितनी नाजायज...

बाल मुकुन्द ओझा आज़ादी के बाद से ही देश और दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगातार विवादों में घसीटने का प्रयास किया जाता रहा है। कई बार प्रतिबन्ध की मार झेल चुका संघ विवाद खड़े करने के बावजूद आगे बढ़ता र...

भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषक...

-बाल मुकुन्द ओझा देश और दुनिया में हर साल दिनांक 3 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है। प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने के उद्देश्य से इस दिवस की शुरुआत साल 2009 में जीरो वेस्ट यूरोप द्वारा की ग...

परमाणु तकनीक से हाइड्रोजन बनाने में भारत प्रथम...

-महेन्द्र तिवारी भारत ने विज्ञान, ऊर्जा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र में द...

खेल और खिलाड़ियों की आवाज़ हैं खेल पत्रकार...

-सुनील कुमार महला खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने, उन्हें विश्व स्तर पर एक मंच पर साथ लाने तथा खेल पत्रकारिता के उच्च मानकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 2 जुलाई को विश्व...

यूपी चुनाव में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की धमाकेदार एंट्री...

-बाल मुकुंद ओझा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे नये नये चुनावी मुद्दों की धमाकेदार एंट्री होती जा रही है। इनमें सबसे ताज़ा अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का है। इसे ले...

क्या हम विकास और विनाश के बीच संतुलन साध पाएंगे?...

-ललित गर्ग वेनेजुएला में हाल में आए भीषण भूकम्प ने केवल एक देश को नहीं, बल्कि पूरी मानवता को झकझोर दिया है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या समय के साथ बदलती रही हो, लेकिन त्रासदी की भयावहता निर्विवाद है। हजारों परिवार अपने प्रियजन...

डॉक्टर की मुस्कुरहट में छिपा है मरीज़ का इलाज...

-बाल मुकुन्द ओझा भारत में डॉक्टर विधान चन्द्र राय की समृति में एक जुलाई को प्रति वर्ष डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है डॉक्टर की मुस्कुरहट में छिपा है मरीज़ का इलाज। डॉक्टर को धरती का भगवान माना और स्वीकार किया जात...

विश्व सोशल मीडिया दिवस : संवाद, सूचना और नवाचार का मंच...

-सुनील कुमार महला आज का युग सोशल मीडिया का युग है।सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों को आपस में जोड़ने और संचार में इसकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए 30 जून को प्रतिवर्ष ‘विश्व सोशल मीडिया दिवस’ मनाया जाता है। यहां पर...

मानसून का बदलता मिजाज

-महेन्द्र तिवारी भारत में मानसून केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा, अर्थव्यवस्था और कृषि का मुख्य आधार है। वर्ष 2026 में भी करोड़ों देशवासी इस जीवनदायिनी वर्षा की बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। भारतीय मौसम ...

प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी यात्राएँ भारत के लिए अर्थलाभदायक?...

-सौरभ वार्ष्णेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएँ केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने भारत की वैश्विक पहचान, आर्थिक हितों और सामरिक प्रभाव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया है। वर्ष 2014 में ...

सांख्यिकी केवल संख्याओं का खेल नहीं है अपितु विकास का आइना है...

बाल मुकुन्द ओझा आज राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस है। भारत में हर साल 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य रोजाना की जिंदगी और योजना एवं विकास की प्रक्रिया में सांख्यिकी के महत्त्व के प्रति लोगों को जागरुक करन...

मधुमेह से बचने का रामबाण उपाय : शारीरिक कसरत और संयमित भोजन...

बाल मुकुन्द ओझा डायबिटीज या मधुमेह उन गंभीर बीमारियों में से एक है जिसका खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह समस्या अब सभी उम्र के लोगों को शिकार बना रही है। डायबिटीज रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 27 जून को...

भरोसे के रिश्तों के कत्ल से कांपता समाज...

-ः ललित गर्ग:- पुणे के लोहगढ़ किले की ऊंची पहाड़ी से मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने के आरोप में सिया गोयल की गिरफ्तारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इससे पहले मेघालय में इंदौर के राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान कथित तौ...

बड़े चेहरों-जातीय संतुलन से सजी यूपी बीजेपी की नई टीम...

उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिख रही है। पार्टी ने जिस तरह ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अलग-अलग इलाकों से जुड़े चेहरों को जगह दी है, उससे यह संदेश दिया जा रहा है कि संगठन केवल एक वर्ग या...

नशाखोरी केवल एक बीमारी नहीं है अपितु हज़ार रोगों की जननी भी है...

बाल मुकुन्द ओझा अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस मानाने का निर्णय लिया थ...

कांग्रेस के माथे से नहीं मिटा इमरजेंसी का कलंक...

-बाल मुकुन्द ओझा लाख चेष्टा के बाद भी कांग्रेस इमरजेंसी के दाग को अपने दामन से आज तक नहीं मिटा पाई है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला था। 25 जून 1975 को भारत में इमरजेंसी लागू हुई थी। नागरिक अधिकारों के लिए संघर्षरत लाखों लोगों को गिरफ्...

महिलाओं में बढ़ता तंबाकू सेवन नई पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चेताव...

देश में तंबाकू सेवन को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। विशेष रूप से महिलाओं में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक...

भारत को मिला वैश्विक वित्तीय सुरक्षा में वैश्विक नेतृत्व...

– महेन्द्र तिवारी भारत ने वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ चल रही अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पहली बार किसी भारतीय अधिकारी को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल के उपाध्यक्ष पद पर...

श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपने साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है...

बाल मुकुन्द ओझा भारतीय जनता पार्टी अपने पितृ पुरुष और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाता ...

कश्मीर में गूंजते मंत्र और भाईचारे का संदेश...

-महेन्द्र तिवारी कश्मीर को सदियों से विविध संस्कृतियों, परंपराओं और आस्थाओं की साझा भूमि के रूप में जाना जाता रहा है। यहाँ की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि उस सामाजिक ताने-बाने से भी रही है जिसमें अलग-अलग समुदाय...

दुनियां ने जाना मोटे अनाज का महत्व...

बाल मुकुन्द ओझा प्रगति और विकास के साथ न केवल हमारी जीवनशैली बदली अपितु हमारा खान-पान भी पूरी तरह से बदल गया। चार पांच दशक पहले मोटा अनाज हमारे आहार का मुख्य घटक था । जिन अनाज को हमारी कई पीढ़ियां खाती आ रही थीं, उनसे हमने मुंह मोड़...

योगाभ्यास बढ़ती उम्र में जीवन को स्वस्थ बनाने में मदद करता है...

बाल मुकुन्द ओझा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को दुनियाभर में मनाया जाता है। योग भारत की धरोहर है। योग और प्राणायाम को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिला है। इस वर्ष की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग यानि स्वस्थ बुढ़ापे के ल...

योग और महिला सशक्तिकरण

21 जून को विश्व योग दिवस है। पूरी दुनिया इस दिन एक साथ योग करेगी और योग के महत्व और लाभ को समझते हुए उसे नियमित रूप से प्रतिदिन करने का संकल्प भी लेगी। दिवस मनाना तो एक सम्मान है। वर्षगांठ मनाना हमें याद दिलाता है कि हमने वर्ष भर ...

तन मन को ताकत देती है शारीरिक गतिविधियां...

-बाल मुकुन्द ओझा शरीर को स्वस्थ और फिट रखने की कोशिशें एक बार फिर परवान पर है। विभिन्न शोध रिपोर्टों में साफतौर पर इंगित किया गया है कि आजकल की भागदौड़ भरी और व्यस्त लाइफस्टाइल ने बच्चे से बुजुर्ग तक को समय से पूर्व ही शारीरिक रूप ...

क्या अमेरिका और ईरान ने वास्तव में शांति चुन ली है?...

– महेन्द्र तिवारी अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चला आ रहा टकराव केवल दो देशों का विवाद नहीं रहा है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु प्रसार, समुद्री व्यापार और मध्य पूर्व की स्थिरता से जुड़ा एक ऐसा प्रश्न ब...

गहलोत और पायलट की मुस्कान के पार कांग्रेस का सियासी सच...

-निरंजन परिहार राजस्थान में कांग्रेसी राजनीति की उड़ान उलझन भरी है। बरसों सत्ता में रहने वाली ताकतवर कांग्रेस राजनीतिक धरातल पर कमजोर लगती है, तो कभी कभार फिर से प्रदेश में सरकार बनाने की हुंकार भरती हुई भी दिखती है। इसीलिए अपने न...

पर्यावरण के साथ सेहत भी संवारेंगे औषधीय पौधे...

-बाल मुकुन्द ओझा देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। मानसून अपने साथ अपार खुशियां लेकर आता है। लोगों को पीने के लिए जहाँ पानी मिलता है वहां किसान अपने खेतों में बुवाई शुरू कर देते है। इसी के साथ देशभर में पौधरोपण का कार्य भी ...

गोवा क्रांति दिवस : लम्बे जनजागरण के बाद मिली थी गोवा को आज़ादी...

-बाल मुकुन्द ओझा भारत में प्रतिवर्ष 18 जून के दिन को गोवा क्रांति दिवस के रूप मे मनाया जाता है। यह दिन गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। आज ही के दिन 18 जून 1946 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सम...

सड़कों पर बढ़ता संकट : आवारा पशु और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी...

-सुनील कुमार महला आज हमारे देश के छोटे-बड़े शहरों और कस्बों की गलियों, मुख्य सड़कों तथा व्यस्त बाजारों में आवारा पशुओं, विशेषकर गोवंश की बढ़ती संख्या एक अत्यंत गंभीर, सामाजिक और संवेदनशील समस्या बन चुकी है। हर तरफ नजर दौड़ाने पर सड़कों...