Category Archives: लेख

नौ दिनों का महापर्व है शारदीय नवरात्र...

बाल मुकुन्द ओझा भारत में दुनियाँ के सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है। इनमें नवरात्रि देश का बहुत महत्वपूर्ण प्रमुख त्योहार है जिसे पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि शब्द एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ...

जेपी की संपूर्ण क्रांतिः राजनीति को नई दिशा देने का मंत्र...

-ः ललित गर्ग भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने समय की सीमाओं को लांघकर आने वाली पीढ़ियों के लिए विचार, आदर्श और प्रेरणा के शाश्वत स्रोत बन जाते हैं। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ऐसे ही महान जननायक थे, जिन्होंने सत्...

राजस्थान में कांग्रेस की वापसी की उम्मीद के बीच गहलोत-पायलट समीकर...

राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के भीतर एक बार फिर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालिया नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों ने पार्टी को आत्ममंथन का अवसर दिया है। एक ओर कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों में...

देवी स्वरूप दुर्गा माँ : शक्ति, साहस और नारी सम्मान की प्रतीक...

-डॉ. लीलाधर दोचानिया भारतीय संस्कृति में देवी-उपासना की परंपरा अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रही है। हमारी सनातन परंपरा में नारी को केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि शक्ति का साक्षात स्वरूप माना गया है। इसी शक्ति का सबसे प्रभावश...

चुनाव आयोग पर सियासी घमासान के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों के साम...

भारतीय राजनीति में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल एक संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है। यह विवाद आने वाले समय की व्यापक राजनीतिक दिशा से भी जुड़ता दिखाई दे रहा ...

विश्व दृष्टि दिवस : छोटा स्क्रीन बड़ा खतरा उजाले की दुनिया का अंधे...

बाल मुकुन्द ओझा अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि दिवस हर साल अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस 8 अक्तूबर को मनाया जा रहा है। इस दिवस की थीम लव योर आइज़ यानी अपनी आंखों का ख्याल रखे रखी गई है। इस दिवस की शुरुआत उन...

भरोसे पर भी खरे उतरे सेलिब्रिटिज...

विज्ञापनों के प्रति सेलिब्रिटिज की जवाबदेही को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की हालिया टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि अपने उत्पादों को बेचने के लिए सेलिब्रिटिज का उपयोग सबसे अधिक किया जाता रहा है। विज्ञापनदाता जानते हैं क...

पृथ्वी पर जन जीवन का आधार है वन्यजीव...

बाल मुकुन्द ओझा देश में वन्यजीव सप्ताह-2026 का शुभारंभ हो गया है, जिसका समापन 8 अक्टूबर को होगा। हर वर्ष 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान देशभर में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर आम लोगों से वन ए...

ड्राई डे पर शटर जरूर बंद होता है, पर क्या वास्तव में शराब की बिक्...

शुष्क दिवस (ड्राई डे) वह दिन होता है जब सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व या धार्मिक महत्व के अवसरों पर सभी प्रकार की देशी-विदेशी शराब की क्रय-बिक्री करने, परोसने और उसके परिवहन पर पूरी तरह रोक रहती है। इस दिन सभी शराब की दुकानें, बार,...

भविष्य गढ़ने वाला असली शिल्पकार है शिक्षक...

-सुनील कुमार महला शिक्षक को पीढ़ियों का निर्माता और समाज का मार्गदर्शक माना जाता है और वह है भी।सच तो यह है कि शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षक हैं और किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था से ही तय होता है।ह...

पशुओं के अधिकार, संरक्षण और कल्याण हमारी जिम्मेदारी...

बाल मुकुन्द ओझा दुनिया भर में हर साल चार अक्टूबर को पशुओं के अधिकार, संरक्षण और कल्याण को समर्पित यह दिन विश्व पशु कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे देश में पशु संरक्षण की सुदीर्घ और स्वस्थ परम्परा रही है जिसका निर्वहन ह...

एसआईआर : लोकतंत्र की शुचिता और विश्वास की कसौटी...

-ः ललित गर्ग:- भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका मतदाता है और मतदाता की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पहचान उसका मताधिकार है। इसलिए मतदाता सूची केवल नामों का प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। जिस व्यक...

गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर सुलगते सवाल...

बाल मुकुंद ओझा हम लोग आज भी आज़ादी के महा नायक महात्मा गाँधी का नाम बड़े गर्व से लेते है और उनके विचारों पर चलने की सौगंध खाने से नहीं चूकते मगर असल जिंदगी में हमारा गाँधी से कोई लेना देना नहीं है। गांधी जयंती अहिंसा दिवस के रूप में...

गांधी का पुनर्जन्म ही नहीं, गांधी-दृष्टि का पुनर्जागरण हो...

-ललित गर्ग- महात्मा गांधी को याद करना केवल अतीत के एक महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि अपने वर्तमान की दिशा और भविष्य की दशा पर विचार करना भी है। गांधी किसी एक कालखंड, राजनीतिक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं...

चुनाव आयोग विवाद : उपलब्धियों के बीच उठते भरोसे के सवाल...

-जयदेव राठी भारत के चुनाव आयोग और उसके मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। विपक्ष उनके खिलाफ इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष उन्हें एक निष्पक्ष, नियमसम्मत और दक्ष चुनाव प्रबंधनकर...

जीवित माता पिता की सेवा ही है सच्चा श्राद्ध...

बाल मुकुन्द ओझा श्राद्ध के दिन चल रहे हैं। श्राद्ध को लेकर बड़ी बड़ी बातें की जा रही है। शास्त्रों में कहा गया है कि यदि माता-पिता वृद्धावस्था में अभाव या असंतोष की स्थिति में रह जाएं तो संतान पितृ ऋण से मुक्त नहीं हो सकता। इसलिए कह...

दिल का मामला है, हर धड़कन कुछ कहती है..!!...

-ऋतुपर्ण दवे आज विश्व हृदय दिवस है। पिछले एक दशक में, स्वस्थ हृदय के महत्व को समझने वालों की संख्या में वृद्धि जरूर हुई है लेकिन साथ ही दुखद पहलू यह भी है कि हृदय संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोत्तरी ह...

हार्ट अटैक से बचना है तो बदले अपनी जीवन शैली...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व हृदय दिवस 29 सितम्बर को मनाया जाता है। यह दिन हमें हृदय स्वास्थ्य के महत्व को याद दिलाने का मौका प्रदान करता है। हर साल विश्व हृदय दिवस अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल यानी 2026 में इस दिवस की थीम एक...

आधुनिक जीवनशैली के आघात से हृदय की रक्षा जरूरी...

-ः ललित गर्ग हृदय केवल शरीर का एक अंग नहीं, जीवन की धड़कन है। जब तक दिल धड़कता है, तब तक जीवन में उम्मीद, संवेदना, प्रेम और कर्म की संभावनाएं बनी रहती हैं। लेकिन विडंबना यह है कि आधुनिक सभ्यता ने जीवन को सुविधाजनक तो बनाया है, पर ...

यूपी चुनाव बनेगा पानीपत का मैदान...

बाल मुकुंद ओझा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है। विपक्षी पार्टियां ज्ञानेश के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। बर्खास्तगी से लेकर गिरफ़्तारी तक की मांग की जा रही है। ऐसे में यूपी का चुनाव बेहद आक्रामक हो...

स्वस्थ पर्यावरण तो स्वस्थ मानव, यही स्वस्थ पृथ्वी का संकल्प...

-ः ललित गर्ग विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस 2026 का संदेश है- “पर्यावरण स्वास्थ्य-समुदायों की रक्षा के लिए विज्ञान के साथ खड़े होना।” यह थीम केवल पर्यावरण की रक्षा का आह्वान नहीं है, बल्कि विज्ञान, प्रमाण और सामूहिक जिम्मेदारी को मा...

गरीबों और दलितों के संरक्षक महान समाज सुधारक ईश्वरचंद विद्यासागर...

बाल मुकुन्द ओझा महान दार्शनिक, समाज सुधारक और लेखक ईश्वरचंद विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को कोलकाता में हुआ था। वह स्वाधीनता संग्राम के सेनानी भी थे। ईश्वरचंद विद्यासागर को गरीबों और दलितों का संरक्षक माना जाता था। उन्होंने स...

अंत्योदय : विकसित भारत की मानवीय आधारशिला...

-ः ललित गर्ग:- भारत की विकास यात्रा आज ऐसे दौर में है, जब आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रभाव के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की ग...

संयुक्त राष्ट्र की जेंडर रिपोर्ट : लैंगिंग समानता की बातें हवा हव...

बाल मुकुन्द ओझा संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा जेंडर स्नैपशॉट 2026 रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन और विश्लेशण करे तो महिला समानता की वास्तविक स्थिति भयावह रूप से हमारे सामने प्रस्तुत होती है। रिपोर्ट में खुलाशा किया गया है कि, लैंगिक समान...

विश्व समुद्री दिवस : लहरों पर मंडरा रहा है मौत का खतरा...

-बाल मुकुन्द ओझा विश्व समुद्री दिवस हर वर्ष सितम्बर माह के अंतिम गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस 25 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन उस योगदान को उजागर करता है जो हर समुद्री अधिकारी, सेवा एजेंट और नाविक हमारे व्यक्तिगत...

जब जिंदगी बचाने वाली दवा ही जिंदगी की कीमत मांगने लगे...

कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही किसी परिवार के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। बीमारी से लड़ने का साहस जुटाया भी नहीं होता कि सामने इलाज का खर्च खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में यदि जीवन बचाने वाली दवा की कीमत ही मरीज की पहुंच से बाहर ...

आईआईटी बॉम्बे के छात्र आत्महत्या से जुड़े सवाल...

-ः ललित गर्ग आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को हुई मृत्यु ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, परीक्षा में बढ़ती अनैतिकता, शिक्षकों की जव...

साइमन गो बैक और क्विट इंडिया का नारा यूसुफ मेहर अली ने दिया था...

बाल मुकुन्द ओझा कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक रहे यूसुफ मेहर अली का जन्म 23 सितंबर, 1903 को मुम्बई के अभिजात्य वर्गीय खोजा मुस्लिम परिवार में हुए था। आज की पीढ़ी के लोग उन्हें नहीं जानते। मगर यह सत्य है की वे जेपी और लोहिया ...

पिघलते ग्लेशियर और खोखले होते पहाड़ः चेतावनी सुने...

-ः ललित गर्ग हिमालय केवल बर्फ से ढकी पर्वत-शृंखला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, जल, कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण का आधार है। लेकिन जलवायु परिवर्तन और पहाड़ों की वहन-क्षमता की अनदेखी करते हुए हो रहे निर्माण ने हिमालयी क्षेत्र को एक ऐ...

अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन...

-बाल मुकुन्द ओझा आज देश और दुनिया में गुरु नानक देव का स्मृति दिवस सोल्लास मनाया जा रहा है। हर साल 22 सितंबर को गुरु नानक देव की पुण्यतिथि मनाई जाती है। गुरु नानक देव ने 22 सितंबर 1539 को करतारपुर में अपने प्राण का त्याग किया था। ...

युद्ध की राख से शांति का नया संसार कैसे बने?...

-ललित गर्ग 21 सितम्बर का अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस इस वर्ष ऐसे समय में आया है, जब दुनिया को शांति की सबसे अधिक जरूरत है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है, पश्चिम एशिया में इजराइल-गाजा संघर्ष की मानवीय त्रासदी समाप्त नहीं हुई है...

भारत में सुपर अल नीनों की आहट से मंडराया जन जीवन पर खतरा...

बाल मुकुन्द ओझा प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन के कारण देश के मौसम का मिजाज अप्रत्याशित होने पर वैज्ञानिकों ने गहरी चिंता जताई है। भारत के 180 से अधिक पर्यावरण और पारिस्थितिकी वैज्ञानिकों ने वर्ष 26 – 27 में बेहद शक्तिशाली अल नीन...

कचरे के ढेर पर बढ़ते शहर

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में तेजी से बढ़ता शहरीकरण आर्थिक विकास, रोजगार और बेहतर जीवन-स्तर के अवसर तो पैदा कर रहा है, लेकिन इसके साथ उत्पन्न होने वाले ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अनियोज...

भूजल संकट से पेयजल के साथ खेती किसानी प्रभावित...

बाल मुकुन्द ओझा देश में बढ़ते भूजल संकट से आने वाले समय में देश की जनता को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की विश्व मौसम विज्ञान संगठन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत का भूजल लगातार गिर रहा है, जितना पानी ज...

खाड़ी महा युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर...

बाल मुकुंद ओझा खाड़ी महा युद्ध के बीच भारत की अर्थ व्यवस्था की मज़बूती के लगातार समाचार मिल रहे है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने अपनी एक ताज़ा रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमा...

पेट्रोस्टेट से इलेक्ट्रोस्टेट की दिशा में तेजी से बढ़ता भारत...

नवीकरणीय उर्जा की दिशा में तेजी से बढ़ता भारत अब पेट्रोस्टेट के स्थान पर इलेक्ट्रोस्टेट की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जुलाई की 13 तारीख को पवन और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विद्युत उत्पादन का आंकड़ा 100 गीगावाट को पार कर गया। यह विद्युत ...

प्रकृति का अनमोल उपहार है बांस...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व बांस दिवस हर साल 18 सितम्बर को मनाया जाता है। यह सालाना दिवस बांस के लाभों के बारे में जागरुकता बढ़ाने और रोजमर्रा के उत्पादों में इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष इस दिवस की थीम सीमाओं...

नैनीताल कैसे भूलता जा रहा है 146 वर्ष पुरानी प्राकृतिक आपदा…...

-प्रयाग पाण्डे नैनीताल में हुए प्रलयकारी भू-स्खलन को 146 साल पूरे हो गए हैं। 18 सितंबर,1880 को नैनीताल की शेर-का-डांडा पहाड़ी में विनाशकारी हुआ था। इस भू-स्खलन ने कुछ ही पलों में नैनीताल का भौगोलिक मानचित्र बदल दिया था। इस दर्दनाक ...

रोगी सुरक्षा है सर्वोपरि...

बाल मुकुंद ओझा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व रोगी सुरक्षा दिवस हर साल 17 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस वैश्विक जागरूकता पैदा करने, रोगी सुरक्षा में सार्वजनिक जुड़ाव बढ़ाने और रोगी को होने वाले नुकसान के मुद्दों को दूर करने...

सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा और मेटा की जवाबदेही...

-सुनील कुमार महला। सोशल मीडिया मंचों पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के प्रसार को लेकर केंद्र सरकार के कड़े रुख के बाद मेटा(अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी) का भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे मामलों की जानकारी देने पर सहम...

बसपा में उथल-पुथल, आकाश आनंद और दलित वोटरों पर सबकी नजर...

-संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर मचे घमासान से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि आखिर पार्टी का परंपरागत दलित वोट बैंक अब किस दिशा में जाएगा। मायावती ने 3 सितंबर 2026 को अपने भतीजे आकाश...

सुधार की राह पर है ओजोन परत : खतरा अभी टला नहीं...

-बाल मुकुन्द ओझा विश्व ओज़ोन दिवस हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस हमें पृथ्वी पर ओज़ोन परत के महत्व, उसके संरक्षण और इस दिशा में किये गए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की याद दिलाता है। ओजोन परत के बारे में सामान्यत लोग ज्यादा ...

ब्रिक्स में भारत की जय-जयकार आतंकवाद पर एकजुट दुनिया और बदलती वैश...

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने बदलती वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और कठोर रुख रखा, वैश्विक दक्षिण क...

छद्म लोकतंत्र ने लोक कल्याण की भावना को किया कमजोर...

बाल मुकुंद ओझा अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 15 सितंबर को मनाया जाता है। दुनियाभर में लोकतांत्रिक देशों में भारी उथल पुथल के बीच यह दिन लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को बढ़ावा देने, नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरू...

विविधता में एकता की परिचायक राष्ट्र भाषा हिन्दी ….....

-गोविन्द शर्मा भारत की एकता उसकी विविधता में है, पर इस विविधता को एक सूत्र में पिरोने के लिए एक मात्र हिन्दी भाषा है।देश का बड़ा वर्ग इस भाषा को समझता है। जनगणना के अनुसार देश के लगभग 44% लोग हिन्दी को मातृभाषा के रूप में बोलते है...

भगवान गणेश : मंगल, समृद्धि और विकसित भारत के प्रेरणास्रोत...

– ललित गर्ग – भगवान श्री गणेश भारतीय संस्कृति के ऐसे बहुआयामी एवं सर्वस्वीकार्य देवता हैं, जिनका स्मरण किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में किया जाता है। वे केवल विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के रूप में पूजित नहीं हैं, बल्कि उनका संपूर्ण व्...

गणेश उत्सव : मूलाधार से आत्मचेतना तक गणेशतत्व की यात्रा...

गणेश उत्सव के पावन पर्व पर हम भगवान श्री गणेश की तरह-तरह से वंदना करते हैं। कहीं सुंदर प्रतिमा स्थापित होती है, कहीं पूजा-पाठ और आरती होती है, तो कहीं भव्य सजावट और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। निश्चित रूप से यह हमारी श्रद्धा और आस...

सकारात्मक सोच भारतीय जनजीवन का मूल मंत्र है...

बाल मुकुन्द ओझा देश में हर साल 13 सितम्बर को सकारात्मक सोच दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य जीवन में सकारात्मक सोच के महत्व को उजागर करना है। सकारात्मक सोच न केवल हमारे मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करती है, बल्कि शारीरिक स्वास...

पर्युषण महापर्व : आत्मशुद्धि से आत्मजागरण की ओर...

-ः ललित गर्ग जैन धर्म का प्रमुख आध्यात्मिक महाकुंभ पर्युषण महापर्व इन दिनों देशभर में त्याग, तपस्या, संयम, साधना और आत्मचिंतन के साथ मनाया जा रहा है। यह केवल आठ दिनों तक चलने वाला धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को जगाने, जीवन को प...

मायावती चुनावी रेस से बाहर : मुकाबला भाजपा और सपा में ही होगा...

बाल मुकुन्द ओझा बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों फिर चर्चा में है। कभी यूपी जैसे देश के सबसे बड़े प्रदेश पर एक छत्र राज करने वाली बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती आजकल अजीब उधेड़बुन की शिकार ...

ब्रिटेन के ऐतिहासिक किले पर पाकिस्तानी झंडे का विवाद...

-संजय सक्सेना ब्रिटेन के वेल्स प्रांत की राजधानी कार्डिफ में स्थित ऐतिहासिक ‘कार्डिफ कैसल’ (किले) पर पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर ब्रिटिश राजनीति में एक बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है। दक्षिणपंथी राजनीतिक दलों ने ...

कानून कायदों की धज्जियां उड़ाते कोचिंग सेंटर और पीजी हॉस्टल...

बाल मुकुन्द ओझा कोचिंग संस्थानों की दुरावस्था के बाद अब पीजी हॉस्टल मौत के कुएं बन रहे है। देश की राजधानी दिल्ली में एक पीजी हॉस्टल ने देशवासियों का ध्यान खिंचा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में कानून कायदों की धज्जियां ...

विनोबा भावे के भुदान एवं सर्वोदय में सबका विकास संभव...

-ः ललित गर्ग जब कोई राष्ट्र आर्थिक समृद्धि, तकनीकी प्रगति और वैश्विक प्रतिष्ठा की ओर बढ़ता है, तब उसके सामने एक बड़ा प्रश्न खड़ा होता है-क्या विकास केवल भौतिक उपलब्धियों का नाम है अथवा मनुष्य के भीतर नैतिकता, करुणा, सह-अस्तित्व और जि...

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस : सरकारी अधिकारियों और रंगीन दुनिया क...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस हर वर्ष 10 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आत्महत्याओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने, करुणा को बढ़ावा देने और सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने...

जनता जनप्रतिनिधि चुनती है न कि प्रतिनिधि का प्रतिनिधि...

जनप्रतिनिधि का अर्थ है जिसे जनता अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनती है। जनता सिर्फ मतदान के द्वारा अपना प्रतिनिधि चुनती है न कि जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि को, मगर कई बार हमें सरपंच प्रतिनिधि, पार्षद प्रतिनिधि जैसे शब्द सुनने को मिलते ह...

बच्चों में बढ़ता कुपोषण का खतरा...

बाल मुकुन्द ओझा कुपोषण के सम्बन्ध में एक हालिया रिपोर्ट में भयावह आंकड़ों का खुलासा हुआ है। देश में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर पोषण ट्रैकर के जुलाई 2026 तक के आंकड़ों में बड़ी तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देशभर म...

समय की मांग है- क्लाइमेट कंपनसेशन यानी जलवायु मुआवजा...

-कुलदीप सिंह भाटी नेपाल में 26 अगस्त 2026 को विनाशकारी बाढ़ आई। प्रारंभ में इस भयानक बाढ़ का कारण ग्लेशियर झील के फटने को बताया गया था। भू-विज्ञान की भाषा में इसे ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। किंतु बाद के शोध और...

साक्षरता गरीबी के चक्रव्यूह को भेदने का सशक्त माध्यम है...

बाल मुकुन्द ओझा साक्षरता या शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। साक्षरता दिवस 2026 की थीम लोगों, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता रखी गई है...

सरकारी अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता...

-डॉ. प्रियंका सौरभ सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने लोगों के संवाद करने, सूचना प्राप्त करने और खुद को दुनिया के सामने पेश करने के तरीके को बदल दिया है। जी हां, सरकारी अधिकारी भी इससे अछूते नहीं हैं। सोशल मीडिया, चाहे वह रील्स हों, छ...

बाल अपराध के पीछे गरीबी और अशिक्षा सबसे बड़ा कारण...

बाल मुकुन्द ओझा देश की सर्वोच्च अदालत का कहना है, जिस माहौल में बच्चे को शिक्षा और बराबरी का अवसर नहीं मिलता, वहां उसके सामने गलत रास्ते खुल सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा है कि गरीबी, असमानता, अशिक्षा और भेद...

शिक्षक दिवस : एआई के दौर में शिक्षक की बदलती भूमिका और बढ़ती प्रा...

हम सब यह जानते हैं कि 5 सितंबर को प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। वास्तव में, यह दिन भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के महत्व और शिक्षकों के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति का दिन है। यह भी सर्वविदित है कि...

गुरुकुल से लेकर आधुनिक शिक्षा के सफर में शिक्षक की भूमिका...

बाल मुकुंद ओझा पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस 5 सितम्बर को हर साल शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन समाज और देश के विकास में शिक्षकों के योगदान पर प्रकाश डाला जाता है। आज देश में शिक्षा और शिक्षक ...

शिक्षा कोरी नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति का माध्यम बने...

-ः ललित गर्ग शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा-दृष्टि, शिक्षक की भूमिका और भावी पीढ़ी के निर्माण पर गंभीर आत्ममंथन का दिन है। किसी राष्ट्र का भविष्य केवल उसके विद्यालयों की संख्या, भवनों की भव्य...

जन्माष्टमी पर्व श्री कृष्ण के मानव कल्याण के कार्यों और आदर्शों क...

बाल मुकुन्द ओझा कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 4 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है। भारत में इस पर्व का विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व माना जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर...

सुरक्षा, एकजुटता और संकल्प से खत्म होगा आतंकवाद...

-सुनील कुमार महला हाल ही में हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से तह साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। यदि कोई देश आतंकवाद की न...

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर से मोदी सरकार बल्ले बल्ले...

बाल मुकुंद ओझा अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। परस्पर विरोधी खबरों के बावजूद कुछ अच्छी खबरें मिलने से मोदी सरकार एक बार फिर बल्ले बल्ले है। देश की अर्थव्यवस्था में मिले सुधार के संकेतों से मोदी सरकार को सुकून मिला है। भारत...

क्या महिलाएं आज भी सुरक्षित हैं?...

-सुनील कुमार महला हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार घटना के आरोपी बस चालक और कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर ल...

स्वास्थ्य, सौन्दर्य और सेहत का अनमोल स्रोत है नारियल...

-बाल मुकुंद ओझा विश्व नारियल दिवस हर साल 2 सितंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी थीम “अनिश्चितता के समय में नारियल: भोजन, ऊर्जा और आजीविका की सुरक्षा” रखी गई है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को नारियल के महत्व और उपयोग के बारे में जा...

सुहागिनों का खास पर्व है सातुड़ी तीज...

बाल मुकुंद ओझा भारत तीज त्योहारों का देश है। हमारे देश में तीज त्योहार का अपना ही अलग महत्व है और अलग अलग स्थानों पर श्रद्धालु इसे अपनी तरह से उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। हमारे यहाँ चार प्रकार की तीज मुख्यत रूप से मनाई जाती ह...

युवाचार्य महावीर कुमार : अध्यात्म-जगत में एक नवीन युग-संभावना का ...

-ः ललित गर्ग:- कुछ घटनाएं इतिहास में दर्ज होती हैं और कुछ घटनाएं इतिहास की दिशा बदलने की क्षमता रखती हैं। तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमणजी द्वारा मुख्य मुनि महावीर कुमारजी को अपने उत्तराधिकारी के रूप में युवाचार्य...

खेलों की उड़ान, विकसित भारत की पहचान...

-ललित गर्ग राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की खेल-चेतना को जगाने एवं खेल आयामों को नये शिखर देने का दिन है। 29 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद...

यूपी : अभी तो फ्री बीज की शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है...

-बाल मुकुन्द ओझा जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते है वैसे वैसे राजनीतिक पार्टियां अपने सिद्धांत और विचार त्याग कर जीत हासिल करने के लिए सभी प्रकार के जायज नाजायज हथकंडे अपनाना शुरू कर देती है। रेवड़ी संस्कृति लोकतंत्र और अर्थतंत्र का बेड...

भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व रक्षाबंधन...

-गोविन्द शर्मा विश्व में भारतीय संस्कृति अनुपम है यहां की संस्कृति में जहां विविधता में एकता के दर्शन होते है वही यह त्योहार राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता का सन्देश भी हैं। त्यौहारों का यह भारत देश, विश्व मे आकर्षण का केन्द्र है।यहा...

हमारी सांस्कृतिक धरोहर है राखी का त्योहार...

– बाल मुकुन्द ओझा रक्षाबंधन मात्र एक पर्व या त्योहार नहीं है, अपितु यह भाई-बहन के अमर प्रेम का प्रतीक है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन मनाने की परंपरा है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी ...

राखी कोरा रक्षा कवच नहीं, नारी-सम्मान का संकल्प बने...

-ः ललित गर्ग:- रक्षाबंधन केवल कलाई पर बंधा हुआ एक धागा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस विराट चेतना का प्रतीक है जिसमें प्रेम, विश्वास, दायित्व, आत्मीयता और संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। लेकिन बदलते समय में इस पर्व के अर्थ को...

त्योहारी सीजन में महंगाई ने फिर दिखाए अपने तेवर...

बाल मुकुन्द ओझा त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही महंगाई का तड़का शुरू हो गया है। रक्षा बंधन और जन्माष्टमी के बड़े त्योहारों के अवसर पर महंगाई की मार रसोई पर पड़ने से लोगों के घरों का बजट गड़बड़ा गया है। चालू वर्ष में जनता को झटके प...

लैंगिक समानता समाज और विकास की कुंजी है...

बाल मुकुन्द ओझा महिला समानता दिवस 26 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ भेदभाव, बलात्कार, छेड़छाड़, दुष्कर्म, एसिड अटैक्स, भूण हत्या, राजनीतिक – सामाजिक चेतना जैसे क...

विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल...

-ः ललित गर्ग:- भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक शिक्षक, टूटती दीवारें और घटते सरकारी स्कूल-क्या शिक्षा के बिना 2047 का सपना पूरा होगा? दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश ...

दिशाहीन आरक्षण के खिलाफ आवाज पर सियासी खामोशी...

-संजय सक्सेना दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक, आज देश की सड़कों पर एक नई और गंभीर सुगबुगाहट साफ सुनाई दे रही है। यह वह आवाज़ है जो सामान्य श्रेणी के उन छात्रों और युवाओं की है, जिन्हें लगता है कि व्यवस्था...

चेहरा नहीं, काम और काबिलियत देखकर चुनें शहर की सरकार...

राजेश जैन राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है और संबंधित शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार प्रदेश के 309 निकायों में चुनाव होंगे। ...

सुनीता विलियम्स से शुभांशु शुक्ला तक : अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती...

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत की अंतरिक्ष यात्रा केवल चंद्रमा तक पहुंचने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक क्षमता और अंतरिक्ष में बढ़ते वैश्विक प्रभाव की कहानी है। 23 अगस्त भारत के लिए केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, ब...

अर्थव्यवस्था की धुरी मध्यम वर्ग को नहीं मिल रही वांछित सुविधाएं...

बाल मुकुन्द ओझा देश में एक बार फिर मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्ग चर्चा के केंद्र में है। भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अब ऐसे मुद्दे उठाए हैं, जिनका सीधा संबंध देश के मिडिल क्ला...

मोबाइल ने छीना बच्चों का मैदानी खेलकूद...

बाल मुकुंद ओझा देश की सर्वोच्च अदालत ने डिजिटल युग में बच्चों की शारीरिक गतिविधियों में आई भारी गिरावट पर बेहद गंभीर चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि आज के दौर में बच्चे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और स्मार्टफोन में इस कदर व...

सड़क पर पैदल चलना भी मौलिक अधिकार, फिर फुटपाथ क्यों बेहाल ?...

-सुनील कुमार महला सड़क पर पैदल चलना मौलिक अधिकार है, लेकिन आज भारत के कई शहरों में पैदल चलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। दरअसल, आज भी बहुत से शहरों में फुटपाथ या तो बने ही नहीं हैं, या उन पर अतिक्रमण, पार्किंग और निर्माण सामग्री ...

पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं के बाद अब आस्था के मुद्दे पर सियासी घ...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुद्दों का रंग बदलता दिखाई देने लगा है। लंबे समय से पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर रहा विपक्ष अब राम मंदिर से...

बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है मगर सम्मान और सुविधाएं नहीं...

बाल मुकुंद ओझा विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस हर साल 21 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को स्वीकार करने और वृद्धावस्था से जुड़ी चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। भारत में ब...

परीक्षा की शुचिता और नौकरी की सुरक्षाः झारखंड की चुनौती...

-ः ललित गर्ग:- झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले पच्चीस दिनों से चला आ रहा छात्र आंदोलन अब एक नए और अधिक जटिल चरण में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्र आंदोलन के दबाव, परीक्षाओं में कथित अनियमित...

देश की सियासत पर अपराधी आचरण वाले लोगों का कब्ज़ा बदस्तूर जारी...

बाल मुकुंद ओझा सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत एक ताज़ा रिपोर्ट का अवलोकन करें तो पाएंगे देश की राजनीति पर आज भी अपराधी आचरण वाले लोगों का कब्ज़ा बदस्तूर जारी है। देश की सर्वोच्च अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा ...

वेनेजुएला के बाद इंडोनेशिया में भूकंप ने दहलाई दुनिया...

– बाल मुकुन्द ओझा भूकंप भी ऐसा लगता है, अब हमारे जनजीवन का हिस्सा बन चुका है। लैटिन अमेरिकी देश वेनेज़ुएला के बाद अब इंडोनेशिया में आये भूकंप से लोग दहशत में है। एक मीडिया रेप[ऑर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में ...

रामकाव्य प्रणेता तुलसीदास...

डॉ. निर्मल सुवासिया गोस्वामी तुलसीदास, भारतीय साहित्य और आध्यात्मिकता के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे। उनका जन्म संवत 1554 विक्रमी, श्रावण शुक्ल सप्तमी (11 अगस्त 1532 ई.) में वर्तमान उत्तर प्रदेश के राजापुर नामक एक छोटे से गाँव में हुआ...

रणवीर सिंह की नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू, दुनिया के...

मुंबई। रणवीर सिंह की महत्वाकांक्षी नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग आज से शुरू हो गई है। अनन्या बिरला के बिरला स्टूडियोज, ट्रू स्टोरी फिल्म्स और मां कसम फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘प्रलय’ म...

पैट्रोल-डीज़ल की बढ़ती खपत-बचत हेतु आगे आए...

कोई समय था जब लोग कहते थे कि धरती के नीचे से क्या कभी पैट्रोल-डीज़ल ख़त्म हो सकता हैं ? मगर अब हम ऐसी समस्या का सामना कर रहें हैं,जिस से पैट्रोल -डीज़ल की कमी आ रही हैं । अब कई मौक़े ऐसे आ चुके हैं जब पम्पों से पेट्रोल-डीज़ल न मिल...

बेजुबान पक्षियों के लिए मौत का खेल बनी पतंगबाजी...

बाल मुकुन्द ओझा स्वतंत्रता दिवस देश की राजधानी दिल्ली में बेजुबान पक्षियों पर कहर बनकर टूटा। इस अवसर पर हुई पतंगबाजी दिल्ली के पक्षियों के लिए खतरनाक साबित हुई। पतंगों के साथ इस्तेमाल होने वाले खतरनाक मांझे ने बड़ी संख्या में पक्ष...

स्वतंत्रता के बाद से आज तक बच्चों की शिक्षा और उनका विकास...

बात उन दिनों की है जब मैं चौथी – पाँचवीं कक्षा में पढ़ता था तब गुरुजन हमें भारतीय महीने, तिथि, गिनती आदि भी सिखाते थे। हम एक, दो, तीन, चार, …. भी बोलते लिखते थे तो One, Two, Three, Four, … भी बोलते लिखते थे। 1, 2,...

आज़ादी का मतलब मनमानी नहीं, जिम्मेदारी है...

-बाल मुकुंद ओझा 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। लाखों देशवासियों ने कुर्बानियां देकर आजादी प्राप्त की थी तब जाकर यह हमें प्राप्त हुई है। 15 अगस्‍त 2026 को आजाद भारत 79 साल का हो जाएगा। हमारे-आपके बीच बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जिन...

आजादी के आठ दशक : लोकतंत्र की जड़ें गहरी हुईं, चुनौतियां भी कम नह...

-राजेश जैन भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आजादी के आठ दशक केवल कैलेंडर के पन्नों पर बीते वर्ष नहीं हैं, बल्कि यह उस लोकतांत्रिक प्रयोग की लंबी यात्रा है, जिसमें एक गरीब, विविधतापूर्ण और नवस्वतंत्र देश ने अपने नागरिकों...

खुशहाली, सौभाग्य और प्रेम का पर्व है हरियाली तीज...

बाल मुकुंद ओझा सावन महाशिवरात्रि के बाद हरियाली तीज का बड़ा महत्व है। इसे श्रावणी तीज भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि क...

मक्का समझौता : भारत को घेरने की शुरुआत या बदलती दुनिया का नया शक्...

-राजेश जैन मक्का से निकली एक खबर ने पश्चिम एशिया से लेकर दक्षिण एशिया तक रणनीतिक समीकरणों पर नई बहस छेड़ दी है। 7 अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का सबसे महत्वपूर...

अंगदान से बच सकती है हजारों लोगों की जिंदगी...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है। अंगदान करके आप किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। अंग प्रत्यारोपण का अभिप्राय सर्जरी के माध्यम से एक व्यक्ति के स्वस्थ अंग को निकालने और उसे किसी ऐसे व्यक्ति में प्र...

युवा ऊर्जा : राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत...

-सुनील कुमार महला अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल 12 अगस्त को युवाओं की भूमिका, अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यदि हम यहां पर इस दिवस के इतिहास पर नजर डालें तो संयु...

युवा शक्ति को मिले दिशा, सपनों को मिले उड़ान...

-ः ललित गर्ग:- युवा केवल उम्र की एक अवस्था नहीं, बल्कि ऊर्जा, साहस, कल्पना, परिवर्तन और नवसृजन की चेतना का नाम है। जिस समाज की युवा शक्ति जाग्रत, संवेदनशील और रचनात्मक होती है, वह समाज परिवर्तन की नई इबारत लिखता है। इसके विपरीत जब...

18 साल की उम्र में फांसी चढ़ने वाले युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस...

बाल मुकुंद ओझा शहीद खुदीराम बोस सबसे कम उम्र के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत में अंग्रेजी राज का विरोध किया था। वह मुज़फ़्फ़रपुर षडयंत्र में शामिल थे और 11 अगस्त, 1908 को 18 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दे दी ग...

नैनीताल का रोप-वे, अंग्रेजों ने 139 वर्ष पहले ही बना ली थी योजना...

प्रयाग पाण्डे अंग्रेजों के प्रकृति प्रेम एवं औपनिवेशिक शासकों की तात्कालिक आवश्यकताओं के चलते आज से करीब 183 साल पहले 1843 में कुछ यूरोपीय नागरिकों की स्वतंत्र पहल से नैनीताल नामक नगर की बसावट शुरू हुई। नैनीताल को एक आदर्श हिल स्ट...

युवाओं में थकान और तनाव की नई बीमारी...

बाल मुकुन्द ओझा आजकल जिसे देखो वह युवाओं को बढ़ चढ़कर ज्ञान देने लगा है। ज्ञान से युवाओं की समस्याएं ख़त्म होने वाली नहीं है। जरुरत है युवाओं में बढ़ रहे तनाव और थकान की वजह खोजकर समाधान की। युवाओं में तनाव की वजह से कम उम्र में ही यु...

खर्चीले होते चुनाव और सिद्धारमैया जी का सच...

बकोल राजनीति में पद पर रहते हुए सच बोलने और उसे स्वीकार करने का साहस अब विरल होता जा रहा है। सत्ता में रहते हुए सच बोलने की कीमत कई बार पद गंवाकर या अपनी ही पार्टी में राजनीतिक एकांतवास झेलकर चुकानी पड़ती है। ऐसे समय में कर्नाटक क...

मुखर योगी और अखिलेश की सियासी कसमकस...

-संजय सक्सेना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। वो दोपहर 12 बजे सो कर उठते थे। दो बजे तैयार होते थे। पांच बजते-बजते उनके जिम जान...

जल जंगल जमीन और संस्कृति के रक्षक है आदिवासी...

-बालमुकुन्द ओझा विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रुप में घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य...

8 अगस्त को हुआ था भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज़...

-बाल मुकुन्द ओझा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 8 अगस्त का दिन एक मील का पत्थर माना जाता है। वर्ष 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान (जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता...

ढाका की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई परीक्षा...

-ः ललित गर्ग:- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा दिसंबर 2026 में स्वदेश लौटने की घोषणा केवल एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिश...

नहरों-नदियों में डूब कर मरने की बढ़ रहीं घटनाएँ: चिंता का विषय...

लगातार कई वर्षों से नहरों -नदियों में लोगों ख़ासकर बालकों और नौजवानों की ओर से नहाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है उसी प्रकिया में नहाते समय इन के डूबने की घटनाएँ और मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही हैं । समय – समय की सरक...

देश में स्थायी ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा माध्‍यम है हथकरघा...

बाल मुकुन्द ओझा भारत में प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। भारतीय हथकरघा उद्योग दुनिया के सबसे पुराने और सबसे जीवंत कुटीर उद्योगों में से एक है। हथकरघा क्षेत्र हमारे देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक वि...

हिरोशिमा दिवस : युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य...

6 अगस्त को विश्वभर में हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। पाठक जानते होंगे कि यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन विश्वभर में परमाणु हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि ...

बहुगुणकारी है शिवजी का प्रिय बेलपत्र...

बाल मुकुन्द ओझा सावन या श्रावण मास शिवजी को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पावन महीने में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। हमारा देश मंदिरों का दे...

छोटा चुनाव, बड़ा संकेत-भाजपा का अति आत्म विश्वास या वजह और..?...

-ऋतुपर्ण दवे तीन अगस्त को तीन राज्यों के तीन नतीजे बहुत बड़े संकेत हैं। निश्चित रूप से बिहार का नतीजा जहाँ सत्ताधारी दल के लिए हैरान और परेशान करने वाला रहा। वहीं मध्यप्रदेश का नतीजा सत्ताधारी दल की अन्दरूनी गुटबाजी का परिणाम रहा।...

दूषित जलापूर्ति से मंडरा रहा बीमारियों का खतरा...

बाल मुकुन्द ओझा देश में में दूषित जल आपूर्ति का खतरा बढ़ गया है। जल जीवन मिशन की जांच में पीने का पानी दूषित होने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं होने की जानकारी मिली है। जल जीवन मिशन द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना जा...

विदेश में डंकी रूट से साइबर धोखाधड़ी तक में फंसते भारतीय...

-संजय सक्सेना भारत में अवैध घुसपैठ हमेशा से एक संवेदनशील राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दा रहा है, जिस पर हर चुनाव और संसद के हर सत्र में सियासी दल अपनी रोटियां सेकते नजर आते हैं। सीमाओं की सुरक्षा, राष्ट्रीय अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के ...

तन, मन और धन के साथ मां की मुस्कान भी छीन लेता है नशा...

बाल मुकुन्द ओझा कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले देश के युवाओं यानि जेन – ज़ी का विकराल रूप देखकर चिंतित प्रधानमंत्री ने अपना ध्यान युवा वर्ग पर केंद्रित किया है। उन्होंने युवाओं को नशे के खिलाफ चेताया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत...

सावन : शिव भक्ति, श्रद्धा और साधना का पावन पर्व...

-सुनील कुमार महला 3 अगस्त को श्रावण मास का पहला सोमवार है। श्रावण मास भगवान शिव की उपासना/आराधना और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।श्रद्धालु व्रत-उपवास, पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक तथा कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान ...

पीओके की पुकार और दुनिया की जिम्मेदारी...

-ः ललित गर्ग:- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक चुनावी प्रक्रिया की कहानी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, मानवाधिकार और जनविश्वास के गहरे संकट की दास्तान हैं। किसी भी लोकतांत्रि...

करोड़पति फकीर ने जगाई शिक्षा सेवा की अलख...

डॉ. दुलाराम सहारण राजस्थान के झुंझुनू जिले के गाँव सीगड़ी की मिट्टी में जन्मे डॉ. घासीराम वर्मा एक ऐसा नाम हैं, जो जनहितकारी व्यक्तित्व के साथ सादगी, शिक्षा सेवा और दानवीरता की अनूठी मिसाल के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। समय के सा...