Category Archives: लेख

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा : राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस का संदेश...

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारे राष्ट्र की पहचान, गौरव, एकता और संप्रभुता का प्रतीक है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र, राष्ट्रीय अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है। भारत के इतिहास में 22 जुलाई 1...

क्यों फट जाते है बादल और क्यों गिरती है आसमान से बिजली...

बाल मुकुन्द ओझा मानसून अपने साथ जहां खुशियों की सौगात लेकर आते है वहीं मानसून के खतरे भी कम नहीं है जिससे हर साल सैंकड़ों लोग अकाल काल कलवित हो जाते है। अतिवृष्टि, बाढ़, आकाशीय बिजली और बादल फटने की घटना आम बात हो गई है। मॉनसून आने ...

तत्काल स्वास्थ्य लाभ के चक्कर में डॉक्टर शॉपिंग का नया चलन...

समय के साथ सोच में एक बड़ा बदलाव तेजी से यह देखने में आ रहा है कि यदि जुखाम, बुखार, खांसी जैसी सामान्य बीमारी में भी डॉक्टर की दवा से तत्काल राहत नहीं मिलती तो अब डॉक्टर बदलने में कोई गुरेज नहीं होता। देखा जाएं तो तुरंत स्वास्थ्य ...

पेपर लीक के नाम पर राजनीति का प्रदर्शन नहीं चलेगा...

दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए तथाकथित “चलो संसद” मार्च ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश में हर आंदोलन वास्तव में जनहित के लिए होता है या फिर कुछ आंदोलन केवल राजनीतिक उद्देश्य साधने के लिए खड...

संसद का मानसून सत्रः हंगामे नहीं, समाधान का संकल्प बने...

-ललित गर्ग- भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल उसकी संसद है। यही वह मंच है जहां देश की आकांक्षाएं, समस्याएं और भविष्य की दिशा तय होती है। संसद केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श, जवाबदेही और जनभावनाओं की अभिव्यक्...

यूपी के चुनाव करेंगे देश के भाग्य का फैसला...

बाल मुकुंद ओझा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे सियासी पार्टियों ने अपनी रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी है। एक दूसरे पर आरोपों की बौछारे सियासी पारे में गर्माहट पैदा करने ...

कहां चला गया पुलिस के हाथों में लहराने वाला डंडा...

संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश की सड़कों पर वर्षों तक एक दृश्य बेहद सामान्य हुआ करता था, जो अब केवल पुरानी यादों या पुलिस थानों की धूल फांकती फाइलों में सिमट कर रह गया है। खाकी वर्दी पहने एक पुलिस कर्मी, जिसके हाथ में एक लंबी, मजबूत और...

संसद चल पाएगी या फिर हंगामे की भेंट चढ़ेगी...

बाल मुकुन्द ओझा संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों ने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के लिए अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। विपक्ष सरकार को घेरने की जोरदार तैयारी में है तो सरकार 130 वां संविधान संशो...

अब मध्य प्रदेश में यूसीसीः भाजपा शासित राज्यों की बदलती तस्वीर...

-संजय सक्सेना भारत में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मुद्दा लंबे समय से संवैधानिक और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को यह निर्देश दिया गया है कि वह भारत के समस्त नागरिकों के लिए एक ...

बचकर रहिए, मौसम बदलते ही बढ़ा सर्पदंश का खतरा...

-बाल मुकुन्द ओझा बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ सांपों का खतरा भी बढ़ जाता है. लगातार बारिश से बिलों में पानी भरने पर सांप सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में घरों, खेतों और पशुशालाओं तक पहुंच जाते हैं। मीडि...

महिला आरक्षण का ऐतिहासिक क्षण सामने...

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ ऐसे अवसर आते हैं जो केवल कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं होते बल्कि सामाजिक परिवर्तन की नई दिशा तय करते हैं। महिला आरक्षण का प्रश्न भी ऐसा ही विषय है। वर्षों से देश की आधी आबादी संसद और विधानसभाओं म...

कैच द रैन अभियान : 1.21 लाख एकड़ जलाशयों का होगा पुनर्निर्माण...

-बाल मुकुन्द ओझा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के 135वें संस्करण के दौरान कैच द रेन अभियान की गति को बनाए रखने का आह्वान किया था। कैच द रेन अभियान का उद्देश्य बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजकर जल संकट का ...

राहुल के गुप्त विदेशी दौरे की कीमत चुकाती कांग्रेस...

-संजय सक्सेना लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी 20 दिनों की गोपनीय यात्रा के बाद भारत वापस आ गये हैं। इस यात्रा के खिलाफ बीजेपी ने राहुल गांधी से कई सवाल पूछे हैं। भाजपा मीडिया सेल ने सवाल किया है कि र...

विश्व युवा कौशल दिवस : हुनर ही भविष्य की पहचान है...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व युवा कौशल दिवस हर साल 15 जुलाई को दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में यु...

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती...

-ः ललित गर्ग अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अम...

हर साल विलुप्त हो रही हैं 73 हज़ार प्रजातियां...

बाल मुकुंद ओझा जलवायु परिवर्तन ने प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन शुरू कर दिया। जंगलों को खत्म कर दिया गया। ऐसे ही कितने ही जीव-जंतुओं का शिकार इस हद तक किया गया कि वह विलुप्त होने की कगार में हैं और कुछ तो विलुप्त भी हो गए। वि...

स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं वाहनों से निकलने वाला धुआं...

बाल मुकुन्द ओझा सेहत व जिंदगी के लिए जरूरी स्वच्छ वातावरण अब ख्वाब बनकर रह गया है। हर सांस के साथ धुआं रूपी जहर शरीर के अंदर पहुंच रहा है। सड़कों पर बढ़ती वाहनों की संख्या और इससे पैदा होने वाला प्रदूषण देश और दुनिया के लिए खतरा है।...

साइबर ठगी से बचाव की समझ ही सबसे बड़ी सुरक्षा...

देश में तेजी से बढ़ रही साइबर ठगी और फर्जी निवेश योजनाएं आज युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। बेरोजगारी और जल्दी अमीर बनने की चाह का फायदा उठाकर ठग नए नए तरीके अपनाते हैं। हाल ही में वाराणसी में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ...

यूरेनियम डील से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत...

-महेन्द्र तिवारी दुनिया इस समय ऊर्जा परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। एक ओर जलवायु परिवर्तन की चुनौती देशों को कोयले और पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए मजबूर कर रही है, तो दूसरी ओर तेजी से...

पेपर बैग : प्लास्टिक से मुक्ति की दिशा में एक सार्थक प्रयास...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व पेपर बैग दिवस हर साल 12 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 26 में प्लास्टिक बैग की थीम एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्ति: एक एक स्थायी भविष्य की ओर रखी गई है। इस दिन का उद्देश्य प्लास्टिक बैग की जगह पेपर बैग के इस्तेमा...

जनसंख्या विस्फोट से खतरे में है मानव जीवन...

बाल मुकुन्द ओझा संयुक्त राष्ट्र की ओर से हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जनसंख्या दिवस की इस साल थीम युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करना – आज और भविष्य के लिए रखी गई है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक द...

अखिलेश से नाराज साइलेंट मुस्लिम वोटर बड़ा खतरा...

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बेहद खामोश लेकिन गहरा वैचारिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसकी धुरी समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव के इर्द-गिर्द घूम रही है। पारंपरिक रूप से ‘एम-वाई’ (मुस्लिम-यादव) सम...

भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत...

– महेन्द्र तिवारी भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, संचालन क्षमता, प्रशिक्षण, तकनीकी दक्...

सालाना तीस लाख जिंदगियां निगल रही है शराब...

बाल मुकुन्द ओझा शराब सेहत के लिए हानिकारक है। लोगों को लगता है कि इससे सिर्फ लिवर खराब होता है। लिवर के लिए शराब सबसे घातक होती है, लेकिन इसका असर आपके दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। शराब पीने से हार्ट डिजीज का खतरा काफी बढ़ जाता है...

आज पानी बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य होगा सुरक्षित...

बाल मुकुन्द ओझा देश में हर साल मानसून आता है और सर्वत्र बारिश होती है, इसके बावजूद लोग पानी के लिए तरस जाते है। इसका एक मुख्य कारण है हम वर्षा जल का संचयन नहीं कर पाते। मौसम विभाग की माने तो मानसून भारत में प्रवेश कर चुका है। कश्म...

हिंद-प्रशांत में भारत का बढ़ता सामर्थ्य एवं साझेदारियां...

-ः ललित गर्ग:- भारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने जिस आत्मविश्वा...

गर्म होती पृथ्वी, ठंडी पड़ती समझ: भारत का जलवायु सच...

-प्रो. आरके जैन “अरिजीत” भारतीय सभ्यता सदियों तक ऋतुओं पर उतना ही भरोसा करती रही, जितना सूर्योदय पर। खेती, नदियाँ, पर्व-त्योहार और जीवन मौसम की नियमित लय पर आधारित थे। किंतु अब प्रकृति चेतावनी दे रही है। अप्रैल–मई 2026 में कई शहरो...

आवारा पशुओं की समस्या : देखन में छोटी लगे घाव करे गंभीर...

बाल मुकुन्द ओझा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान में ट्यूशन से लौट रही 5 वर्षीय बेटी पर एक आवारा गाय ने हमला कर दिया। चीख सुनते ही मां मंजीत कौर गाय से भिड़ गईं और सींग पकड़कर बेटी की जान बचा ली। इस दौरान उनकी कई पसलिय...

भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा : हर क्षेत्र में सफलता का नया अध्...

भारत आज विश्व मंच पर जिस आत्मविश्वास, क्षमता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। एक समय था जब भारत को केवल एक विकासशील देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। विज्ञा...

मजबूत लोकतंत्र के लिये दागी नेताओं से मुक्ति जरूरी...

-ः ललित गर्ग भारतीय लोकतंत्र ने स्वतंत्रता के बाद अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं। आज भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति होने के साथ-साथ विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भार...

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है ध्वनि प्रदूषण...

-बाल मुकुन्द ओझा पृथ्वी पर वायु और जल प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी संकट का बड़ा कारण बन गया है। जब कभी ध्वनि आवश्यकता से अधिक तेज़ होती है तब उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। यह प्रदूषण जल तथा वायु प्रदूषण से एकदम भिन्न है, क्योंकि इ...

प्लास्टिक बैग से जकड़ी जीवन-शैली से पर्यावरण तबाह...

-ः ललित गर्ग पृथ्वी आज जिस सबसे बड़े पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, उसमें जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता का क्षरण और प्रदूषण के साथ-साथ प्लास्टिक प्रदूषण भी एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है। कभी आधुनिक जीवन की सुविधा और विकास का प्...

संघ के पंजीकरण की मांग : कितनी जायज और कितनी नाजायज...

बाल मुकुन्द ओझा आज़ादी के बाद से ही देश और दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगातार विवादों में घसीटने का प्रयास किया जाता रहा है। कई बार प्रतिबन्ध की मार झेल चुका संघ विवाद खड़े करने के बावजूद आगे बढ़ता र...

भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषक...

-बाल मुकुन्द ओझा देश और दुनिया में हर साल दिनांक 3 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है। प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने के उद्देश्य से इस दिवस की शुरुआत साल 2009 में जीरो वेस्ट यूरोप द्वारा की ग...

परमाणु तकनीक से हाइड्रोजन बनाने में भारत प्रथम...

-महेन्द्र तिवारी भारत ने विज्ञान, ऊर्जा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र में द...

खेल और खिलाड़ियों की आवाज़ हैं खेल पत्रकार...

-सुनील कुमार महला खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने, उन्हें विश्व स्तर पर एक मंच पर साथ लाने तथा खेल पत्रकारिता के उच्च मानकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 2 जुलाई को विश्व...

यूपी चुनाव में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की धमाकेदार एंट्री...

-बाल मुकुंद ओझा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे नये नये चुनावी मुद्दों की धमाकेदार एंट्री होती जा रही है। इनमें सबसे ताज़ा अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का है। इसे ले...

क्या हम विकास और विनाश के बीच संतुलन साध पाएंगे?...

-ललित गर्ग वेनेजुएला में हाल में आए भीषण भूकम्प ने केवल एक देश को नहीं, बल्कि पूरी मानवता को झकझोर दिया है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या समय के साथ बदलती रही हो, लेकिन त्रासदी की भयावहता निर्विवाद है। हजारों परिवार अपने प्रियजन...

डॉक्टर की मुस्कुरहट में छिपा है मरीज़ का इलाज...

-बाल मुकुन्द ओझा भारत में डॉक्टर विधान चन्द्र राय की समृति में एक जुलाई को प्रति वर्ष डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है डॉक्टर की मुस्कुरहट में छिपा है मरीज़ का इलाज। डॉक्टर को धरती का भगवान माना और स्वीकार किया जात...

विश्व सोशल मीडिया दिवस : संवाद, सूचना और नवाचार का मंच...

-सुनील कुमार महला आज का युग सोशल मीडिया का युग है।सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों को आपस में जोड़ने और संचार में इसकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए 30 जून को प्रतिवर्ष ‘विश्व सोशल मीडिया दिवस’ मनाया जाता है। यहां पर...

मानसून का बदलता मिजाज

-महेन्द्र तिवारी भारत में मानसून केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा, अर्थव्यवस्था और कृषि का मुख्य आधार है। वर्ष 2026 में भी करोड़ों देशवासी इस जीवनदायिनी वर्षा की बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। भारतीय मौसम ...

प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी यात्राएँ भारत के लिए अर्थलाभदायक?...

-सौरभ वार्ष्णेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएँ केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने भारत की वैश्विक पहचान, आर्थिक हितों और सामरिक प्रभाव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया है। वर्ष 2014 में ...

सांख्यिकी केवल संख्याओं का खेल नहीं है अपितु विकास का आइना है...

बाल मुकुन्द ओझा आज राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस है। भारत में हर साल 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य रोजाना की जिंदगी और योजना एवं विकास की प्रक्रिया में सांख्यिकी के महत्त्व के प्रति लोगों को जागरुक करन...

मधुमेह से बचने का रामबाण उपाय : शारीरिक कसरत और संयमित भोजन...

बाल मुकुन्द ओझा डायबिटीज या मधुमेह उन गंभीर बीमारियों में से एक है जिसका खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह समस्या अब सभी उम्र के लोगों को शिकार बना रही है। डायबिटीज रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 27 जून को...

भरोसे के रिश्तों के कत्ल से कांपता समाज...

-ः ललित गर्ग:- पुणे के लोहगढ़ किले की ऊंची पहाड़ी से मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने के आरोप में सिया गोयल की गिरफ्तारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इससे पहले मेघालय में इंदौर के राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान कथित तौ...

बड़े चेहरों-जातीय संतुलन से सजी यूपी बीजेपी की नई टीम...

उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिख रही है। पार्टी ने जिस तरह ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अलग-अलग इलाकों से जुड़े चेहरों को जगह दी है, उससे यह संदेश दिया जा रहा है कि संगठन केवल एक वर्ग या...

नशाखोरी केवल एक बीमारी नहीं है अपितु हज़ार रोगों की जननी भी है...

बाल मुकुन्द ओझा अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस मानाने का निर्णय लिया थ...

कांग्रेस के माथे से नहीं मिटा इमरजेंसी का कलंक...

-बाल मुकुन्द ओझा लाख चेष्टा के बाद भी कांग्रेस इमरजेंसी के दाग को अपने दामन से आज तक नहीं मिटा पाई है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला था। 25 जून 1975 को भारत में इमरजेंसी लागू हुई थी। नागरिक अधिकारों के लिए संघर्षरत लाखों लोगों को गिरफ्...

महिलाओं में बढ़ता तंबाकू सेवन नई पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चेताव...

देश में तंबाकू सेवन को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। विशेष रूप से महिलाओं में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक...

भारत को मिला वैश्विक वित्तीय सुरक्षा में वैश्विक नेतृत्व...

– महेन्द्र तिवारी भारत ने वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ चल रही अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पहली बार किसी भारतीय अधिकारी को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल के उपाध्यक्ष पद पर...

श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपने साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है...

बाल मुकुन्द ओझा भारतीय जनता पार्टी अपने पितृ पुरुष और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाता ...

कश्मीर में गूंजते मंत्र और भाईचारे का संदेश...

-महेन्द्र तिवारी कश्मीर को सदियों से विविध संस्कृतियों, परंपराओं और आस्थाओं की साझा भूमि के रूप में जाना जाता रहा है। यहाँ की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि उस सामाजिक ताने-बाने से भी रही है जिसमें अलग-अलग समुदाय...

दुनियां ने जाना मोटे अनाज का महत्व...

बाल मुकुन्द ओझा प्रगति और विकास के साथ न केवल हमारी जीवनशैली बदली अपितु हमारा खान-पान भी पूरी तरह से बदल गया। चार पांच दशक पहले मोटा अनाज हमारे आहार का मुख्य घटक था । जिन अनाज को हमारी कई पीढ़ियां खाती आ रही थीं, उनसे हमने मुंह मोड़...

योगाभ्यास बढ़ती उम्र में जीवन को स्वस्थ बनाने में मदद करता है...

बाल मुकुन्द ओझा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को दुनियाभर में मनाया जाता है। योग भारत की धरोहर है। योग और प्राणायाम को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिला है। इस वर्ष की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग यानि स्वस्थ बुढ़ापे के ल...

योग और महिला सशक्तिकरण

21 जून को विश्व योग दिवस है। पूरी दुनिया इस दिन एक साथ योग करेगी और योग के महत्व और लाभ को समझते हुए उसे नियमित रूप से प्रतिदिन करने का संकल्प भी लेगी। दिवस मनाना तो एक सम्मान है। वर्षगांठ मनाना हमें याद दिलाता है कि हमने वर्ष भर ...

तन मन को ताकत देती है शारीरिक गतिविधियां...

-बाल मुकुन्द ओझा शरीर को स्वस्थ और फिट रखने की कोशिशें एक बार फिर परवान पर है। विभिन्न शोध रिपोर्टों में साफतौर पर इंगित किया गया है कि आजकल की भागदौड़ भरी और व्यस्त लाइफस्टाइल ने बच्चे से बुजुर्ग तक को समय से पूर्व ही शारीरिक रूप ...

क्या अमेरिका और ईरान ने वास्तव में शांति चुन ली है?...

– महेन्द्र तिवारी अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चला आ रहा टकराव केवल दो देशों का विवाद नहीं रहा है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु प्रसार, समुद्री व्यापार और मध्य पूर्व की स्थिरता से जुड़ा एक ऐसा प्रश्न ब...

गहलोत और पायलट की मुस्कान के पार कांग्रेस का सियासी सच...

-निरंजन परिहार राजस्थान में कांग्रेसी राजनीति की उड़ान उलझन भरी है। बरसों सत्ता में रहने वाली ताकतवर कांग्रेस राजनीतिक धरातल पर कमजोर लगती है, तो कभी कभार फिर से प्रदेश में सरकार बनाने की हुंकार भरती हुई भी दिखती है। इसीलिए अपने न...

पर्यावरण के साथ सेहत भी संवारेंगे औषधीय पौधे...

-बाल मुकुन्द ओझा देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। मानसून अपने साथ अपार खुशियां लेकर आता है। लोगों को पीने के लिए जहाँ पानी मिलता है वहां किसान अपने खेतों में बुवाई शुरू कर देते है। इसी के साथ देशभर में पौधरोपण का कार्य भी ...

गोवा क्रांति दिवस : लम्बे जनजागरण के बाद मिली थी गोवा को आज़ादी...

-बाल मुकुन्द ओझा भारत में प्रतिवर्ष 18 जून के दिन को गोवा क्रांति दिवस के रूप मे मनाया जाता है। यह दिन गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। आज ही के दिन 18 जून 1946 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सम...

सड़कों पर बढ़ता संकट : आवारा पशु और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी...

-सुनील कुमार महला आज हमारे देश के छोटे-बड़े शहरों और कस्बों की गलियों, मुख्य सड़कों तथा व्यस्त बाजारों में आवारा पशुओं, विशेषकर गोवंश की बढ़ती संख्या एक अत्यंत गंभीर, सामाजिक और संवेदनशील समस्या बन चुकी है। हर तरफ नजर दौड़ाने पर सड़कों...

चिन्ताजनक है महंगी होती दवाइयां, महंगा होता इलाज...

-ललित गर्ग भारत आज विकसित राष्ट्र बनने के स्वप्न के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना बार-बार दोहराई जा रही है। बड़े-बड़े बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष उपलब्धियां और आर्थिक विकास के दावों...

दुनिया हर साल खो देती है 24 अरब टन उपजाऊ भूमि...

-बाल मुकुन्द ओझा संयुक्त राष्ट्र हर साल 17 जून को मरुस्थलीकरण और सूखे का मुकाबला करने के लिए विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा विरोधी दिवस मनाता है। इस वर्ष इस दिवस की थीम चारागाह : पहचानें और सम्मान करें रखी गई है। इस वर्ष की थीम पारिस्...

ममता दीदी और उनकी मुश्किलें...

-महेन्द्र तिवारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में साल 2026 एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उलटफेर के गवाह के रूप में दर्ज हो चुका है। लगातार 15 वर्षों तक राज्य की सत्ता पर एकछत्र राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस और उसकी सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी...

इज्जत की जिंदगी से मोहताज़ होते बुजुर्ग...

बाल मुकुन्द ओझा देश और दुनिया में हर साल 15 जून, विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य बुजुर्ग के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जागरूक करना...

सनातन आस्था का पर्व सोमवती अमावस्या और मिथुन संक्रांति...

– महेन्द्र तिवारी सनातन परंपरा और वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर का गहरा महत्व है। वर्ष 2026 में एक अद्भुत और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। 15 जून 2026 को एक ही दिन में कई बड़े धार्मिक अवसर एक साथ घटित हो रहे हैं।...

क्यों मनाया जाता है विश्व रक्तदान दिवस और क्या हैं इसके फायदे ?...

विश्व रक्तदान दिवस हर वर्ष 14 जून को मनाया जाता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि यदि कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में रक्त का दान करता है तो यह मानवता के हित में सबसे बड़ा काम है, लेकिन एक आंकड़े के अनुसार हमारे देश की आबादी का केवल 37 प्रत...

क्यों पहाड़ों पर ही रह जाते हैं पर्वतारोहियों के शव?...

– महेन्द्र तिवारी माउंट एवरेस्ट, जो कि संसार की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है, सदियों से इंसानी साहस और महत्वाकांक्षा का प्रतीक रही है। समुद्र तल से 8848 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस बर्फीले शिखर को छूने का सपना दुनिया भर के अनगिनत स...

खानपान में जैविक प्रदूषण : हर दिन हजारों मौतें और लाखों बीमार...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल बर्डन ऑफ़ फूड़बॉर्न डिजीजेज 20 – 21 शीर्षक से जारी एक ताज़ा रिपोर्ट में दूषित भोजन के सेवन से होने वाले खतरनाक स्वास्थ्य संकट से चेताया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि खेत से घर क...

जब भारत ने सैन्य विमान निर्माण में रचा नया इतिहास...

-महेन्द्र तिवारी भारत ने रक्षा और विमानन क्षेत्र में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे आने वाले वर्षों में देश की औद्योगिक और सामरिक प्रगति के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा और एयरबस की अंत...

मानवता के माथे पर कलंक है बाल श्रम...

हमारी लाख कोशिशों के बाद भी देश में बाल श्रम को ख़त्म नहीं किया जा सका है। इसमें गरीबी, अशिक्षा जैसे अनेक कारण गिनाये जा सकते है मगर खेलने कूदने और शिक्षा प्राप्त करने के दिनों में बच्चों द्वारा मजदूरी करना निश्चय ही मानता पर कलंक ...

स्वाधीनता संग्राम में अमर नाम है राम प्रसाद बिस्मिल का...

-महेन्द्र तिवारी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वैचारिक चेतना और सशस्त्र क्रांति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जिसने दमनकारी ब्रिटिश सत्ता की नींव हिलाकर रख दी थी। इस अद्वितीय संगम के सबसे प्रखर प्रतीक पुरुष थे अ...

बुलंदियों पर मोदी का आत्मविश्वास : तोड़ा नेहरू और इंदिरा का रिकॉर...

बाल मुकुन्द ओझा मोदी सरकार के कार्यकाल के बारह सालों की चर्चा इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ दिया...

लुप्त होने लगी हैं बहुमूल्य औषधीय वनस्पतियां...

बाल मुकुन्द ओझा राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस 10 जून को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरूआत सन् 1999 में हुई थी। जड़ी-बूटी दिवस औषधीय पौधों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को याद दिलाने का अवसर है। यह दिवस हमें प्रकृति...

परमाणु हथियारों की दौड़ में भारत और पाकिस्तान...

-महेन्द्र तिवारी स्टॉकहोम स्थित अंतरराष्ट्रीय शोध संस्था सिपरी की वर्ष 2026 की रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की सामरिक राजनीति को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 तक भारत के पास लगभग 190 परमाणु वॉरहेड्स हैं, जबकि ...

आदिवासी समाज के भगवान बिरसा मुंडा...

बाल मुकुन्द ओझा आज भारतीय इतिहास के एक महान नायक, जननायक और आदिवासी समाज के भगवान कहे जाने वाले बिरसा मुंडा का शहीद दिवस है। अंग्रेजों के खिलाफ जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाले बिरसा मुंडा की मौत बहुत ही रहस्यमय और दुखद परिस्थ...

क्या भारत बूढ़ा होने की ओर बढ़ रहा है?...

– महेन्द्र तिवारी भारत को लंबे समय से वैश्विक पटल पर एक ऊर्जावान और सबसे युवा आबादी वाले देश के रूप में देखा जाता रहा है। यही वह मुख्य कारण है जिसके आधार पर पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों और विचारकों ने भा...

पृथ्वी और मानव जीवन की अमूल्य धरोहर है महासागर...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व महासागर दिवस प्रतिवर्ष 8 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मानाने का उद्देश्य लोगों को समुद्र की विशेषता और बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसके लिए हर वर्ष एक थीम जारी की जाती है। थीम...

नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज होने जा रहा एक नया रिकॉर्ड...

-महेन्द्र तिवारी भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है। यहाँ जनता समय-समय पर अपने नेताओं का चयन करती है और सत्ता परिवर्तन के माध्यम से लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाती है। स्वतंत्रता के बाद से देश ने अनेक प्र...

शतरंज के नए विश्व नायक बने भारत के प्रज्ञानंद...

– महेन्द्र तिवारी वैश्विक शतरंज के इतिहास में 6 जून 2026 का यह दिन सुनहरे अक्षरों में अंकित हो चुका है। भारत के युवा और असाधारण रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित शतरंज प्रतिय...

खाद्य जनित बीमारियों से आज भी 60 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं...

बाल मुकुन्द ओझा संयुक्त राष्ट्र द्वारा सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और खाद्य और कृषि संगठन को खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी दी है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस...

बदलते परिवेश में भी भारत और रूस की मित्रता रहेगी कायम...

-महेन्द्र तिवारी वैश्विक कूटनीति के निरंतर बदलते स्वरूप के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत के संदर्भ में दिया गया हालिया बयान दोनों देशों के बीच की प्रगाढ़ और ऐतिहासिक मित्रता को एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। पुतिन ने अत...

विश्व कीट दिवस : छोटे जीव, बड़ा संकट...

कीट प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मधुमक्खियाँ, तितलियाँ और अनेक अन्य कीट परागण, जैविक अपघटन तथा खाद्य श्रृंखला को बनाए रखने में सहायक होते हैं। किंतु सभी कीट लाभदायक नहीं होते। मच्छर, दीमक, टिड्डी, फल मक्खी औ...

बदलती जीवनशैली की बढ़ती कीमत डायबिटीज और मोटापे की गिरफ्त में आता...

-कांतिलाल मांडोत राजस्थान में डायबिटीज अब केवल एक बीमारी नहीं बल्कि एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) की हाल ही में जारी रिपोर्ट ने प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति को...

प्राणी जीवन की रक्षा हेतु प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा आवश्यक...

-बाल मुकुन्द ओझा पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्रकृति से प्रेरित: जलवायु और हमारे भविष्य के लिए रखी गई है। पर्यावरण को लेकर आज ...

बंगाल में सत्ता गंवाने वाली पार्टियां कभी वापसी नहीं करतीं...

-बाल मुकुन्द ओझा बंगाल की सियासत में इस समय जैसे को तैसा की कहावत चरितार्थ हो रही है। बुरी तरह पराजित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस और उनके नेता हार के सदमे से उबर नहीं पाये है। तृणमूल के नेताओं को देखते ही लोग गुस्से से उबल पड़ते है...

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला विवाहित पुत्रियों को भी मिलेगा सम...

-कांतिलाल मांडोत भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है। समय के साथ न्यायपालिका ने अनेक ऐसे निर्णय दिए हैं जिन्होंने समाज में व्याप्त भेदभावपूर्ण व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और समान अधिकारों की अवधारणा को म...

कंप्यूटर और लैपटॉप बना रहे हैं बीमार...

-बाल मुकुन्द ओझा गलत आदते हमारे सेहत की दुश्मन बन गई है। हम एक्ससरसाइज से दूर हो रहे है और छोटे स्क्रीन से चिपके हुए है जिसका खामियाजा शरीर को उठाना पड़ रहा है। सुबह आँख खुलने से देर रत तक मोबाइल, लैपटॉप, ईयरफोन और स्क्रीन हमारे सा...

स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ पर्यावरण का आधार है साइकिल...

-ः ललित गर्ग हर वर्ष 3 जून को मनाया जाने वाला विश्व साइकिल दिवस केवल एक साधारण वाहन के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समानता और सतत विकास के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज जब...

कमजोर मानसून तो महंगाई का लगेगा तड़का, अर्थव्यवस्था होगी प्रभावित...

एक बात साफ हो जानी चाहिए कि मानसून हमेशा सामान्य ही रहेगा यह सोचना अपने आप में गलत होगा। जिस तरह से वातावरण प्रदूषित हो रहा है, जंगल घटते जा रहे हैं, पेड़ पौधे कम हो रहे हैं वह किसी और की देन नहीं हमारे कारण ही हो रहा है। हालात यह ...

पेट्रोल बचत का ज्ञान, सरकारी गाड़ियों में खानदान...

– डॉ. प्रियंका सौरभ देश में जब भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ती हैं, तब अचानक सरकारों, अधिकारियों और नेताओं को “ईंधन बचत” की चिंता सताने लगती है। टीवी चैनलों पर संदेश चलने लगते हैं, अखबारों में विज्ञापन छपते हैं और मंचों ...

जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने अनुवाद की मूक पशुओं की भाषा...

-महेन्द्र तिवारी मानव सभ्यता के इतिहास में यह इच्छा हमेशा से रही है कि हम अपने आस-पास के मूक पशुओं की भाषा को समझ सकें। पौराणिक कहानियों से लेकर आधुनिक विज्ञान कथाओं तक, जानवरों से बातचीत करने की क्षमता को हमेशा एक जादुई शक्ति या ...

तम्बाकू की लत कर रही है घर-परिवार तबाह...

-बाल मुकुन्द ओझा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस हर साल दुनिया भर में 31 मई को मनाया जाता है। यह दिन लोगों को तम्बाकू के खतरों के बारे में जागरूक करने और इसके सेवन को रोकने के लिए मनाया जाता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 का विषय निकोट...

हिन्दी पत्रकारिता दिवस : बदलते दौर में सच की तलाश...

भारत में हर वर्ष 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उस वैचारिक यात्रा का स्मरण है जिसने देश की चेतना को शब्द दिए। 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से हिन्दी के प्...

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज...

-ललित गर्ग भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा ...

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में, भारत क्यों बना हुआ है मजबूत?...

-महेन्द्र तिवारी दुनिया इस समय आर्थिक अनिश्चितता के ऐसे दौर से गुजर रही है जिसमें युद्ध, ऊर्जा संकट, महंगाई, व्यापारिक अस्थिरता और राजनीतिक तनाव एक साथ वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने पूरी...

सावरकर और हिंदुत्व एक ही सिक्के के दो पहलू है...

-बाल मुकुन्द ओझा वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर देश में हिंदुत्व की चर्चा होना स्वाभाविक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है, हिंदुत्व वह तत्व है जो हमारे पूरे समाज को आपस में जोड़ता है और आपसी बंधनों को मजबूत करता है। जो कोई भ...

कॉकरोच से क्रांति तक : सोशल मीडिया पर युवाओं का डिजिटल विद्रोह...

-सुनील कुमार महला हमारे देश में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)’ नाम सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। यह चर्चा इतनी तेज़ी से बढ़ी कि इसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 1 करोड़ से 2.2 करोड़ (10–22 मिलियन) तक फॉलोअर्स पहुंचने के...

नौ दिन तपायेगा नौतपा

-बाल मुकुंद ओझा हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ का महीना सबसे गर्म माना जाता है और इस दौरान सूर्य देव अपने चरम पर होते हैं। वहीं मान्यता यह है कि इसी दौरान नौतपा आता है, जिसका मतलब है साल के सबसे ज्यादा गर्म 9 दिन। देश में नौतपा 25...

यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म...

-ललित गर्ग किसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों, माता-पिता और निर्बल वर्ग के प्रति कितना संवेदनशील है। लेकिन...

अमेरिका-ईरान युद्ध से महंगाई के कारण आमजन प्रभावित...

-डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा भले ही 1970 के तेल संकट जैसे हालात होने की संभावना ना हो या 2008 जैसी वित्तीय मंदी के हालात ना हो फिर भी एक बात साफ है कि अमेरिका-ईरान के बीच करीब तीन माह से चल रहे युद्ध के नकारात्मक परिणाम सामने आने ल...

महान क्रांतिकारी नेता रासबिहारी बोस...

-बाल मुकुन्द ओझा आज भारत के एक महान क्रान्तिकारी नेता रासबिहारी बोस की जयंती है। रासबिहारी बोस का जन्म 25 मई 1886 को बंगाल में बर्धमान जिले के सुबालदह गाँव में हुआ था। रासबिहारी बोस ने ब्रिटिश राज के विरुद्ध गदर षडयंत्र एवं आजाद ह...

कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओं का आभासी विद्रोह...

-महेन्द्र तिवारी भारत में राजनीति हमेशा केवल चुनाव, दलों और भाषणों तक सीमित नहीं रही। समय बदलने के साथ राजनीति की भाषा, उसके प्रतीक और विरोध के तरीके भी बदलते रहे हैं। कभी सड़कों पर नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया जाता था, कभी कविताओं...

तेल संकट की आंच में झुलसती भारतीय अर्थव्यवस्था...

-महेन्द्र तिवारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुए संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव ने जिस तरह वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, उसका असर अब के...

लू का कहर : बचाव ही उपचार है...

बाल मुकुंद ओझा देश के अधिकांश राज्य विशेषकर देश की राजधानी दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर और मध्य भारत इस समय झुलसाने वाली गर्म हवाओं की चपेट में है। त्वचा को झुलसाने और शरीर का पानी सुखाने वाली गर्म हवाएं चल रही हैं। इसे हम लू भी कह सक...

प्रतिभाशालियों के हौसले तोड़ता रोज-रोज का पेपर लीक...

-ऋतुपर्ण दवे भारत में एक बार फिर प्रतिष्ठित मेडिकल परीक्षा का पेपर लीक हो गया। पेपर लीक एकदम आम सा हो गया है। जितनी सहजता से खामियों को छुपाते हुए परीक्षा रद्द कर दी जाती है, उसके एवज में लाखों बच्चों के मनोमस्तिष्क पर इसका क्या प...

सुरक्षित जीवन का आधार है जैव विविधता...

बाल मुकुन्द ओझा अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 22 मई को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल जैव विविधता के मुद्दों के बारे में लोगों की समझ और जागरूकता विकसित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम स्थानीय रूप ...

नौतपा और भारतीय जीवन दर्शन...

-महेन्द्र तिवारी भारतीय उपमहाद्वीप की जलवायु विश्व की सबसे विविध और जटिल जलवायु प्रणालियों में गिनी जाती है। यहाँ ऋतुओं का परिवर्तन केवल मौसम का बदलाव नहीं होता, बल्कि यह कृषि, अर्थव्यवस्था, समाज और मानव जीवन की गति को भी निर्धारि...

सांस्कृतिक विविधता भारत की अन्तर्राष्ट्रीय धरोहर है...

बाल मुकुन्द ओझा संवाद और विकास के लिए सांस्कृतिक विविधता का विश्व दिवस 21 मई को मनाया जाता है। यूनेस्को द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य विभिन्न देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को समझना तथा उनका सम्मान करना है। हर दे...

एआई का दुरुपयोग नहीं सदुपयोग हो...

-अशोक बैद आज एआई का जमाना है और मानव जीवन में दिन प्रतिदिन इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है पर देखने में आ रहा है कुछ लोग इसका सदुपयोग की जगह दुरुपयोग ज्यादा करने लगे हैं जिससे एआई वरदान की जगह अभिशाप बनता जा रहा है। लोग एआई का दुरुपयोग...

बेजुबान पक्षी और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम...

– महेन्द्र तिवारी आज के आधुनिक युग में वैश्विक स्तर पर शहरीकरण अत्यंत तीव्र गति से बढ़ रहा है। इस प्रगति के साथ ही दुनिया भर के महानगर और शहर एक अत्यंत विकराल समस्या से जूझ रहे हैं, और वह समस्या है कचरा प्रबंधन की। हमारे शहर...

झुलसाती गर्मी के साथ आंधी – बारिश और लू का चौतरफा अटैक...

-बाल मुकुंद ओझा यह मौसम गर्मी का है। इस दौरान जलवायु परिवर्तन के अज़ब गज़ब नज़ारों से देश और दुनिया को को दो दो हाथ करने पड़ रहे है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा है कि देश के बड़े हिस्से में भीषण लू चल रही है, और दिल...

नियंत्रित अनिश्चितता के दौर में अमेरिका और चीन...

– महेन्द्र तिवारी वैश्विक राजनीति के वर्तमान दौर में अमेरिका और चीन के बीच बीजिंग में आयोजित हुई उच्च स्तरीय बैठक को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व एक जटिल...

सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा में संग्रहालयों की नई चुनौतियां...

-सुनील कुमार महला संग्रहालयों के महत्व, इनके इतिहास, इनकी संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के क्रम में प्रतिवर्ष 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (इंटरनेशनल म्यूजियम डे) मनाया जाता है। कहना ग़ल...

कब तक दोहराई जाती रहेंगी निर्भया जैसी त्रासदियां?...

-ः ललित गर्ग दिल्ली के नांगलोई में एक निजी बस के भीतर महिला के साथ हुई बस कंडक्टर एवं ड्राइवर के दुष्कर्म की घटना ने एक बार फिर पूरे देश की चेतना को झकझोर दिया है। यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि उस भयावह सामाजिक और प्र...

हाई ब्लड प्रेशर बना साइलेंट किलर...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व उच्च रक्तचाप दिवस हर वर्ष 17 मई को मनाया जाता है। दरअसल आजकल की सभी बीमारियां खराब जीवनशैली से जुड़ी होती हैं, ऐसे में ब्लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लि...

डेंगू पर नियंत्रण के प्रभावी प्रयास...

-बाल मुकुन्द ओझा राष्ट्रीय डेंगू दिवस प्रतिवर्ष 16 मई को पूरे भारत में मनाया जाता है। डेंगू के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और बचाव के तरीके समझाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। हमारे देश में हमने काफी हद तक डेंगू पर काबू पाने का...

नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है नफरत का काला जादू...

बाल मुकुन्द ओझा राम और कृष्ण के देश में इस समय एक दूसरे के प्रति नफरत और घृणा की बयार बह रही है। पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक तक बयानवीरों ने जैसे नफरती बयानों का ठेका ले लिया है। हिन्दू – मुस्लिम तो आज़ादी के बाद से...

संस्कार और खुशियों का खजाना है परिवार...

बाल मुकुन्द ओझा विश्व परिवार दिवस 15 मई को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस म...

शारीरिक श्रम के प्रति लापरवाह हो रहे हमारे युवा...

-बाल मुकुंद ओझा शरीर को स्वस्थ और फिट रखने की कोशिशें एक बार फिर परवान पर है। विभिन्न शोध रिपोर्टों में साफतौर पर इंगित किया गया है कि आजकल की भागदौड़ भरी और व्यस्त लाइफस्टाइल ने बच्चे से बुजुर्ग तक को समय से पूर्व ही शारीरिक रूप स...