खर्चीले होते चुनाव और सिद्धारमैया जी का सच...
बकोल राजनीति में पद पर रहते हुए सच बोलने और उसे स्वीकार करने का साहस अब विरल होता जा रहा है। सत्ता में रहते हुए सच बोलने की कीमत कई बार पद गंवाकर या अपनी ही पार्टी में राजनीतिक एकांतवास झेलकर चुकानी पड़ती है। ऐसे समय में कर्नाटक क...


