जयपुर। गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कॉल सेंटर का निरीक्षण कर विभाग से संबंधित परिवादों एवं उनके निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवादियों से प्राप्त प्रकरण, उन पर की गई कार्यवाही, इस कार्यवाही में लगे समय, इस बाबत परिवादी को सूचित करने की प्रक्रिया, परिवादी संतुष्ट हुआ या नहीं, कितने प्रकरणों में नियम विरूद्ध होने या बजट अभाव के कारण परिवादी की मांग पूरी नहीं हुई, आदि बिन्दुओं की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान गोयल ने राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया तथा संपर्क एआई के माध्यम से परिवादों एवं आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान गोयल ने जयपुर के चौमूं निवासी प्रहलाद जाट से दूरभाष पर संवाद कर उनके क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधिक मामलों को लेकर उनकी शिकायत पर जानकारी ली तथा मौके पर ही तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने जयपुर निवासी अशोक बनवारी लाल शर्मा द्वारा महिला सुरक्षा के लिये फास्ट ट्रेक कोर्ट की स्थापना की मांग को लेकर शिकायत को सुना और नियमानुसार शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। संयुक्त शासन सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक परिवाद का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिले तथा जनसेवाओं के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी सुनवाई के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर उसके समयबद्ध समाधान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने किया राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) कॉल सेंटर का निरीक्षण, परिवादियों से सीधे संवाद कर समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
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