निजी चिकित्सा संस्थानों पर सीएमएचओ की सख्ती, अनियमितताओं पर नोटिस मेट्रो व श्रीजी हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिले, नोटिस जारी

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धौलपुर। जिले में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा निजी चिकित्सा संस्थानों में निर्धारित मापदंडों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने को लेकर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा ने रविवार को विभिन्न निजी चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं को लेकर संबंधित संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए गए तथा व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
सीएमएचओ डॉ. धर्मसिंह मीणा ने मेट्रो हॉस्पिटल, श्रीजी हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल, बघेला हॉस्पिटल, श्री राम क्लिनिक ओंडेला रोड, श्री कृष्णा हॉस्पिटल, बालाजी पैथोलॉजी सुआ का बाग एवं जेएस क्लिनिक सुआ का बाग का निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकीय स्टाफ, पंजीकरण एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया।
ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मेट्रो हॉस्पिटल एवं श्रीजी हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर उपलब्ध नहीं पाए गए। इस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निर्धारित समय पर आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए।
बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों को तीन दिन की मोहलत
निरीक्षण में श्री राम क्लिनिक, ओंडेला रोड, धौलपुर एवं जेएस क्लिनिक, सुआ का बाग पंजीकृत नहीं पाए गए। सीएमएचओ डॉ मीणा ने दोनों संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर नियमानुसार पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण चिकित्सा संस्थान का संचालन नियमों के विपरीत है। निर्धारित समयावधि में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएमएचओ डॉ. धर्मसिंह मीणा ने कहा कि निजी चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता एवं निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी संस्थान को नियमों की अनदेखी कर चिकित्सा सेवाओं का संचालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने सभी निजी चिकित्सा संस्थान संचालकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित मानकों की पालना नहीं करने, बिना पंजीकरण संस्थान संचालित करने अथवा निरीक्षण में पाई गई कमियों को निर्धारित समय में दूर नहीं करने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्थान को सीज करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। सीएमएचओ डॉ.मीणा ने कहा कि जिले में निजी चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा तथा नियमों की पालना नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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