विपक्ष सांसदों का सरकार पर तंज, कहा-‘पीएम और गृह मंत्री संसद में अनुपस्थित रहकर जिम्मेदारी से भाग रहे’

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों ने सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग दोहराई। सांसदों ने संसद परिसर और प्रेरणा स्थल पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए चर्चा और जवाबदेही की मांग की। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सरकार और प्रधानमंत्री का संदेश लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरू से ही चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है क्योंकि यह पूरे देश से जुड़ा विषय है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन घटनाओं पर बयान की मांग कर रहा है, जिनमें छात्रों पर कथित गोलीबारी और अत्याचार के आरोप लगे हैं। उन्होंने बिहार की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहा है और लोगों की सोच बदल रही है। विपक्ष केवल बहस और चर्चा चाहता है, जबकि सरकार इस पर सहमत नहीं है। सरकार संसद में पर्याप्त चर्चा के बिना अपनी मर्जी से कानून पारित करना चाहती है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करें और देश के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मामलों पर अपना पक्ष रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भी संसद में उपस्थित होकर देश से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों ही संसद में अनुपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के बटाला पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट के मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में घटना को धमाका मानने से इनकार किया, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए इसे विस्फोट बताया और कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं और मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) को लेकर चल रही बहस पर कहा कि इस कानून को लेकर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय है।
उन्होंने कहा कि यदि इस विषय से जुड़ा कोई प्रस्ताव संसद में आता है तो उस पर विस्तृत चर्चा होगी। यदि संसद इसे मंजूरी देती है, तो आवश्यकता पड़ने पर न्यायपालिका भी इसकी संवैधानिक समीक्षा कर सकती है।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने प्रेरणा स्थल पर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कहा कि विपक्ष की मांग पहले की तरह ही है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में आकर जवाब दें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। गांधीवादी तरीके से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज होना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राजीव राय ने केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि उसका राजनीतिक रवैया औपनिवेशिक शासन की याद दिलाता है।
आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों से माफी मांगने की अपेक्षा करने के बजाय प्रधानमंत्री को देश के छात्रों और युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र आंदोलनों को संभालने में विफल रही है। प्रेमचंद्रन ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

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