जयपुर बुकमार्क 2027 – भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप और गुजराती साहित्य पर विशेष फोकस की घोषणा

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जयपुर । जयपुर बुकमार्क (JBM), दक्षिण एशिया का प्रमुख बी2बी प्रकाशन मंच, 14–18 जनवरी 2027 को होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के साथ, अपने 14वें संस्करण में वापस आ रहा है। 2027 संस्करण भारत और दुनिया भर से प्रकाशकों, संपादकों, साहित्यिक एजेंटों, लेखकों, अनुवादकों, पुस्तक विक्रेताओं, चित्रकारों, डिज़ाइनरों, राइट्स मैनेजरों और प्रकाशन पेशेवरों को एक साथ लाएगा, जिसमें गुजराती साहित्य, अनुवाद, कहानी कहने के उभरते स्वरूपों, प्रकाशन नवाचार और पुस्तक उद्योग पर प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जयपुर बुकमार्क 2027 की एक प्रमुख पहल भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप की निरंतरता होगी, जो ब्रिटिश काउंसिल के साथ एक संयुक्त पहल है जो भारत और यूके में स्वतंत्र प्रकाशकों के बीच व्यावसायिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करती है। यह फेलोशिप प्रकाशकों को नेटवर्क बनाने, राइट्स और अनुवाद के अवसर तलाशने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन उद्योग के साथ जुड़ने का मंच प्रदान करती है। एक खुली आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से भारत से और यूके से एक-एक, यानी कुल दो स्वतंत्र प्रकाशकों का चयन जयपुर बुकमार्क 2027 और लंदन बुक फेयर 2027 के एक क्यूरेटेड कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किया जाएगा। चुने गए फेलो 14–18 जनवरी 2027 को जयपुर बुकमार्क में शामिल होंगे, इसके बाद 16–18 मार्च 2027 को लंदन बुक फेयर में। यह प्रोग्राम प्रकाशकों को प्रोफेशनल तौर पर आगे बढ़ने, इंडस्ट्री से जुड़ने और दोनों देशों के प्रकाशन समुदायों से मिलने-जुलने का मौक़ा देगा। भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप भारत और यूके के उन स्वतंत्र प्रकाशकों के लिए खुली होगी जो पात्रता के लिए ज़रूरी शर्तों को पूरा करते हैं। फेलो का चयन जयपुर बुकमार्क और ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधियों वाले एक पैनल द्वारा किया जाएगा। चयन में आवेदक की प्रकाशन सूची की प्रासंगिकता और मज़बूती, भारत-यूके सहयोग और अनुवाद में प्रदर्शित रुचि, अनुवाद में नए कार्य प्रकाशित करने की प्रतिबद्धता, फेलोशिप से व्यावसायिक रूप से लाभान्वित होने की क्षमता और कार्यक्रम के उद्देश्यों के साथ तालमेल पर विचार किया जाएगा। उन प्रकाशकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने पहले इस तरह के अंतरराष्ट्रीय अवसरों में भाग नहीं लिया है। 2027 संस्करण गुजराती साहित्य पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा, जो इसके लेखकों, प्रकाशकों, अनुवादकों और साहित्यिक परंपराओं को भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रकाशन तंत्र के साथ संवाद में लाएगा। यह कार्यक्रम गुजराती प्रकाशन की समृद्ध संभावनाओं पर ध्यान केन्द्रित करेगा, साथ ही साहित्य को भाषाओं और प्रतिष्ठानों के पार ले जाने में अनुवाद की भूमिका को भी रेखांकित करेगा। जयपुर बुकमार्क की निदेशक मनीषा चौधरी ने कहा, “भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप भारत और यूके के प्रकाशन जगत के पेशेवरों के बीच पुल और रिश्ते बनाती है। यह स्वतंत्र प्रकाशकों के मिलने, विचारों के आदान-प्रदान करने और अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए एक ज़रूरी मंच तैयार करती है, साथ ही राइट्स, अनुवाद और सच्चे सांस्कृतिक आदान-प्रदान की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलती है। हमें ब्रिटिश काउंसिल के साथ इस पहल को आगे बढ़ाते हुए और इन संवादों को जयपुर बुकमार्क तथा लंदन बुक फेयर तक ले जाते हुए बेहद खुशी हो रही है।” जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की सह-संस्थापक, सह-निदेशक और जयपुर बुकमार्क की निदेशक नमिता गोखले ने कहा, “जयपुर बुकमार्क हमेशा से उन तमाम आवाज़ों, भाषाओं और विचारों का संगम स्थल रहा है, जो प्रकाशन जगत को आकार देते हैं। भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप महाद्वीपों के आर-पार स्वतंत्र प्रकाशकों को एक साथ लाकर इस जुड़ाव को और मज़बूत बनाती है। इसके साथ ही यह संवाद, सहयोग, विचारों व कथाओं के आदान-प्रदान के अवसर तैयार करती है। अपने 14वें संस्करण की ओर बढ़ते हुए, हमें ब्रिटिश काउंसिल के साथ इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए और भारत-यूके के बीच अनुवाद में नई आवाज़ों और साहित्य की यात्रा में साझीदार होते हुए विशेष ख़ुशी हो रही है।” टीमवर्क आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के रॉय ने कहा, “जयपुर बुकमार्क प्रकाशन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मिलन स्थल बनकर उभरा है, जो विचारों, किताबों और कारोबार को भाषाओं व सीमाओं के पार यात्रा करने के मौक़े तैयार करता है। भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप स्वतंत्र प्रकाशकों को स्थायी रिश्ते बनाने, नए बाज़ारों को खोजने और राइट्स व अनुवाद पर बातचीत शुरू करने का मंच देकर इस आदान-प्रदान को मज़बूत करता है। 14वें संस्करण में, हमें इन जुड़ावों को आगे बढ़ाते रहने और भारतीय प्रकाशन की कई आवाज़ों को वैश्विक बातचीत में शामिल करते हुए खुशी हो रही है।” ब्रिटिश काउंसिल की डायरेक्टर आर्ट्स इंडिया हेमा सिंह रांस ने कहा, “इस पहल के केंद्र में वे लोग हैं जो कहानियों की ताक़त में यकीन रखते हैं और उन्हें पाठकों तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं। जयपुर बुकमार्क के साथ मिलकर भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप को आगे बढ़ाते हुए, हमें ब्रिटिश काउंसिल में भारत और यूके, दोनों के स्वतंत्र प्रकाशकों का साथ देकर गर्व महसूस होता है। ये प्रकाशक आपस में विचार साझा करते हैं, अनुवाद और राइट्स से जुड़े नए अवसर तलाशते हैं, और ऐसे रिश्ते बनाते हैं जिनसे अलग-अलग आवाज़ें दूर तक पहुँच सकें। हमारे लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मतलब है, प्रतिभा और नए विचारों को बढ़ावा देना और कहानियों के ज़रिए लोगों और संस्कृतियों को एक-दूसरे के क़रीब लाना।” 2014 में अपनी स्थापना के बाद से, जयपुर बुकमार्क ने लगभग 37 देशों के प्रकाशन पेशेवरों और प्रतिभागियों का स्वागत किया है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, यूके, मिस्र, आयरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं। 13 वर्षों में, यह व्यावसायिक आदान-प्रदान, राइट्स और अनुवाद संबंधी संवाद, नेटवर्किंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो भारतीय प्रकाशन उद्योग को दुनिया भर के प्रकाशन समुदायों से जोड़ता है। जयपुर बुकमार्क 2027 उन विविध पेशेवरों के लिए एक मिलने की जगह बना रहेगा जो प्रकाशन तंत्र को आकार देते हैं, साथ ही राइट्स, अनुवाद, भाषाओं, प्रौद्योगिकी और प्रकाशन के नए दृष्टिकोणों पर संवाद के अवसर बनाएगा। भारतीय भाषाओं में प्रकाशन और अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान पर अपने फोकस के साथ, 14वां संस्करण भारत की विविध साहित्यिक परंपराओं और वैश्विक प्रकाशन समुदाय के बीच एक सेतु के रूप में जयपुर बुकमार्क की भूमिका को आगे बढ़ाएगा। जयपुर बुकमार्क 2027, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के साथ, 14–18 जनवरी 2027 को होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में आयोजित होगा।

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