नई दिल्ली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के इस बयान पर कि AIIMS की रिपोर्ट की सिफारिशों का ‘पूरी तरह और सही भावना के साथ’ पालन किया जाएगा, बेंच ने आदेश दिया कि आसाराम ‘अपनी पसंद के ट्रेंड केयरटेकर की सेवाएं 24 घंटे ले सकते हैं। बेंच ने कहा हमने AIIMS के 31 जुलाई, 2026 के पत्र पर ध्यान दिया है। सॉलिसिटर जनरल के इस बयान पर कि पत्र की बातों पर पूरी तरह और सही भावना के साथ विचार किया जाएगा, याचिकाकर्ता को अपनी पसंद के ट्रेंड केयरटेकर की मदद 24 घंटे लेने की छूट होगी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खुद को भगवान बताने वाले आसाराम को फिलहाल अंतरिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। आसाराम 2013 में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं। कोर्ट ने आसाराम को 24 घंटे मेडिकल मदद के लिए अपनी पसंद का एक ट्रेंड केयरटेकर रखने की इजाज़त दी और कहा कि अगर उनकी सेहत बिगड़ती है, तो वे दोबारा कोर्ट आ सकते हैं। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने 31 जुलाई की एम्स (AIIMS) रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसमें कहा गया था कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्हें लगातार मेडिकल मदद की ज़रूरत है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के इस बयान पर कि AIIMS की रिपोर्ट की सिफारिशों का “पूरी तरह और सही भावना के साथ” पालन किया जाएगा, बेंच ने आदेश दिया कि आसाराम “अपनी पसंद के ट्रेंड केयरटेकर की सेवाएं 24 घंटे ले सकते हैं। बेंच ने कहा हमने AIIMS के 31 जुलाई, 2026 के पत्र पर ध्यान दिया है। सॉलिसिटर जनरल के इस बयान पर कि पत्र की बातों पर पूरी तरह और सही भावना के साथ विचार किया जाएगा, याचिकाकर्ता को अपनी पसंद के ट्रेंड केयरटेकर की मदद 24 घंटे लेने की छूट होगी। अदालत ने यह भी कहा कि अगर आसाराम की मेडिकल हालत बिगड़ती है, तो वे अपनी ज़मानत की अर्ज़ी दोबारा दाखिल कर सकते हैं। आसाराम की व्यापक मेडिकल जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देश के बाद एम्स की रिपोर्ट सौंपी गई।

आसाराम को झटका, नाबालिग से रेप केस में अंतरिम जमानत से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
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