सदन में लगातार हंगामे के लिए माफी मांगे विपक्ष, सदन में नहीं हो पा रही चर्चा : किरेन रिजिजू

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के हंगामे के कारण सदन में चर्चाएं सीमित रही हैं लेकिन इसके बावजूद संसद का विधायी कामकाज लगातार जारी है और कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि लोकसभा में एमएसएमई से संबंधित विधेयक पारित किया गया है और राज्यसभा में भी एनडीए के सभी सांसदों ने विभिन्न विधेयकों पर बहस में हिस्सा लेकर अपनी राय रखी। यह कहना पूरी तरह गलत है कि संसद का कामकाज ठप है। सदन नियमित रूप से चल रहा है और विधायी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। चर्चा कम होने का एकमात्र कारण विपक्ष का लगातार हंगामा और नारेबाजी है। विशेष सत्र बुलाने की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मानसून सत्र पहले से चल रहा है तो इसी दौरान अलग से विशेष सत्र बुलाने की मांग का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक नाटक करार दिया।
रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में मौजूदगी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सुबह से देर रात तक सदन में उपस्थित रहते हैं और विपक्ष को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार यह तय करना कि किस विषय पर कौन मंत्री जवाब देगा, चेयरमैन की अनुमति और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी के आधार पर होता है। यह निर्णय विपक्ष नहीं कर सकता।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में अपनी बात रखें तो वे शांतिपूर्वक बैठकर उनकी बात सुनें। यदि विपक्ष ऐसा नहीं करता और सदन से बाहर चला जाता है तो उसे लगातार किए जा रहे हंगामे के लिए माफी मांगनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने यह भी कहा कि विपक्ष के व्यवहार का सबसे अधिक नुकसान उसके अपने नए सांसदों को हो रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता लगातार हंगामा करते हैं, जिसके कारण पहली बार चुने गए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर भी रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परिसीमन और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार और पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार महिला आरक्षण का विरोध करती रही है और इसी कारण उसे महिला विरोधी छवि का नुकसान उठाना पड़ेगा।

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