कम तौल एवं बिना पंजीकरण कारोबार पर जयपुर में किराना किंग एवं झंडेवालास फूड पर विधिक माप विज्ञान विभाग की बड़ी कार्रवाई

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जयपुर। उपभोक्ताओं को सही तौल एवं निर्धारित मात्रा में वस्तुएं उपलब्ध कराने तथा बाजार में निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार विधिक मापविज्ञान विभाग द्वारा संचालित विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत जयपुर जिले में विभिन्न प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कम तौल, बिना पैकर्स पंजीकरण तथा अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरणों के उपयोग जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹1,67,000 का जुर्माना लगाया है। निरीक्षण के दौरान किराना किंग, जयपुर में 500 ग्राम के पास्ता पैकेट के नेट कंटेंट परीक्षण में निर्धारित मात्रा से कम सामग्री पाई गई। विभाग ने कम तौल के 500 पास्ता पैकेट जब्त किए। इसके अतिरिक्त प्रतिष्ठान के पास पैकर्स पंजीकरण नहीं था तथा अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरण का उपयोग किया जा रहा था। इन अनियमितताओं पर ₹57,000 का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार झंडेवालास फूड लिमिटेड में ‘नमन देसी घी’ के 15 किलोग्राम पैक के परीक्षण में कम तौल की अनियमितता पाए जाने पर 380 पैकेट जब्त किए गए तथा ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त नानाजी फूड प्रोडक्ट्स में पैकर्स पंजीकरण के अभाव एवं अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरण पाए जाने पर ₹21,000, रारा उद्योग, बगरू रीको में अप्रमाणित उपकरण पाए जाने पर ₹8,000, समस्ता फूड्स प्रा. लि., सांगानेर में अप्रमाणित उपकरण पाए जाने पर ₹16,000 तथा एस.एस. एंटरप्राइज, मालवीय नगर में पैकर्स पंजीकरण के अभाव एवं अप्रमाणित उपकरण पाए जाने पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं नाथ फूड प्रोडक्ट्स, मालवीय नगर के निरीक्षण में सभी प्रावधान निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए तथा कोई अनियमितता नहीं मिली। इस कार्रवाई पर उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कम तौल, बिना पंजीकरण व्यापार तथा अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरणों का उपयोग करने वालों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा तथा उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधिक मापविज्ञान विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खरीदारी करते समय पैकेट पर अंकित वजन, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) एवं अन्य अनिवार्य घोषणाओं की जांच अवश्य करें। यदि किसी भी प्रकार की कम तौल या अन्य अनियमितता का संदेह हो तो इसकी सूचना विभाग को दें ताकि दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जा सके। राज्यभर में ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, जिससे प्रत्येक उपभोक्ता को “पूरा माप, सही तौल और निष्पक्ष व्यापार” सुनिश्चित कराया जा सके।

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