पीएम माेदी और भजनलाल सरकार के जनहितैषी कार्यों पर जनता ने लगाई मोहर : मदन राठौड़

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जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत पर राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्हाेंने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकास कार्यों पर मोहर लगाई है। भाजपा को नगर निगमों के साथ-साथ नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी जनता का व्यापक समर्थन मिला है।

भाजपा मुख्यालय में पत्रकाराें से बातचीत करते हुए राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और इनके परिणामों में प्रदेश की जनता ने भाजपा को व्यापक समर्थन और आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा से करवाए गए निकाय चुनाव से ना केवल चुनावी खर्च में कमी आई है, बल्कि सरकार को विकास एवं जनकल्याण के लिए पर्याप्त समय भी मिल सकेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि निकाय चुनावों के परिणामों में भाजपा को नगर निगमों में व्यापक सफलता मिली है तथा नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी पार्टी को जनता का मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 10 नगर निगम में से आज जारी 7 नगर निगम के परिणामों में 6 में भाजपा को भारी बहुमत प्राप्त हुआ है। इनमें अलवर, भीलवाडा, अजमेर, पाली, उदयपुर, भरतपुर में भाजपा का मेयर बना है। पार्टी ने जो संकल्प पत्र जनता के सामने रखा था, उस पर जनता ने विश्वास जताया है। भाजपा के निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे और संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनावों में भी पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ जनता के बीच जाएंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों में राजस्थान की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों पर विश्वास जताया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सवाल के जवाब में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि डोटासरा बड़े आदमी है, मैं उनके बराबर नहीं हो सकता। वो अपने परिवार को लाभ दिला सकता है, वो परिवार के सदस्य को नौकरी दिला सकते हैं, वो ओबीसी का क्रिमिलेयर होते हुए भी लाभ ले सकते है, मैं उनकी बराबरी नहीं कर सकता। उनका संगठनात्मक ढांचे की बात करें तो पाली के सादडी में उनके प्रत्याशी को शून्य वोट मिले, पाली में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को तीन वोट मिले, ऐसे में मैं उनसे बराबरी कैसे कर सकता हूं। हम संगठन में विश्वास करते है। डोटासरा अशोक गहलोत जी से टकराव कर सकते है, सचिन पायलट को बाहर निकालने का काम कर सकते हैं, जब विधानसभा से डोटासरा को बाहर भिजवाया जाता है तो वो माफी तक मांगने के लिए तैयार नहीं होते, ऐसे में नेता प्रतिपक्ष को सदन में आकर माफी मांगनी पड़ती है, ऐसे डोटासरा जी से मैं क्या बराबरी कर सकता हूं।

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