जयपुर। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने अधिकारियों को पैक्स कम्प्यूटराइजेशन कार्य में गति लाकर समयबद्ध रूप से यह कार्य सम्पन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे सहकारी समितियों के कामकाज में तीव्रता आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। डॉ. शर्मा गुरूवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने नाबार्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य जल्दी पूरा करने के लिए आवश्यक टूल्स यथाशीघ्र उपलब्ध करवाये जाएं। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना के विभिन्न चरणों यथा- गो-लाइव, ऑन सिस्टम ऑडिट, ई-पैक्स आदि में आगामी 10 दिवस में अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन सचिव ने ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही महत्वपूर्ण पहल ‘सहकारिता में सहकार’ में भी अतिरिक्त प्रयास किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की। शासन सचिव ने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, जिसकी उच्च स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। परियोजना में स्वीकृत समितियों की दृष्टि से राज्य का देश में दूसरा स्थान है तथा प्रथम स्थान पर आने के लिए विभाग कटिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने समितियों को केन्द्र व राज्य सरकार के सहयोग से उपलब्ध करवाये जाने वाले हार्डवेयर के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक आर. रवि बाबू एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूंडावत सहित नाबार्ड, अपेक्स बैंक एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शासन सचिव, सहकारिता ने की पैक्स कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट की समीक्षा, दस दिवस में अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने के दिए निर्देश
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