नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार सुबह नई दिल्ली से मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना हो गईं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा से इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तर मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर गई हैं। यह भारत के किसी राष्ट्रपति का मोल्दोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया का पहला दौरा है और तीन दशकों में रोमानिया का पहला राष्ट्रपति दौरा है। इस दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।”
आपको बता दें, राष्ट्रपति मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोप के इन देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर बात की। इस दौरान, उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार भारत के किसी राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। रोमानिया की बात करें तो किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 साल से भी ज्यादा समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी।
सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। इसलिए यह यात्रा ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि भारत पूर्वी यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।



