झालावाड़। शिक्षा विभाग की जिला निष्पादन समिति की बैठक रविवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर ने समसा के माध्यम से विद्यालय भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा निर्माण की प्रत्येक चरण में नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जर्जर एवं जमींदोज किए गए विद्यालय भवनों तथा नवीन विद्यालय भवनों के निर्माण की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनाधार प्रमाणीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत जनाधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने इस कार्य में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
विद्यालय भवनों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय के संस्था प्रधान अपने विद्यालय भवन का भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा तथा भवनों की नियमित जांच एवं आवश्यक मरम्मत समय पर कराई जाए।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा विद्यालय भवनों की सुरक्षा जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही विद्यालय भवनों एवं छात्रावासों के पट्टों के आवंटन की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जिन संस्थानों के पट्टे जारी किए जा चुके हैं, उनका संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय में आवश्यक रूप से पंजीकरण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा राजस्व संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
जिला कलक्टर ने प्रवेशोत्सव 2026-27 के अंतर्गत विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि मानसून का मौसम पौधारोपण के लिए उपयुक्त है। सभी विद्यालयों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यालय परिसर हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बन सकें।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी हेमराज पारेता सहित शिक्षा विभाग, समसा एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



