भारतीय सनातन संस्कृति पुनरुत्थान भवन का हुआ लोकार्पण— सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से भावी पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा —पंचायती राज मंत्री

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जयपुर। जोधपुर जिला प्रभारी मंत्री एवं शिक्षा (विद्यालयी/संस्कृत) तथा पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिराई (भोपालगढ़) में आयोजित ‘भारतीय सनातन संस्कृति पुनरुत्थान भवन’ के लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। समारोह में सतगुरु स्वामी सुंदरदासजी महाराज, पाली सांसद पी.पी. चौधरी, जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, उपस्थित रहे।
ट्रस्ट के जनकल्याणकारी कार्य सराहनीय
जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिराई आकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा निरंतर जनकल्याण के कार्य किए जा रहे हैं। क्षेत्र में किसी भी प्रकार का संकट अथवा परेशानी आने पर यह ट्रस्ट सदैव आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता करता है। समाज के प्रति ट्रस्ट की सेवा भावना और जनकल्याणकारी गतिविधियां सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुंदरदासजी महाराज का निरंतर आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से समाज में सेवा, सद्भाव, संस्कार और मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है।
गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएगा पुनरुत्थान भवन
दिलावर ने कहा कि अनंत सुखरामजी ट्रस्ट द्वारा भव्य ‘भारतीय सनातन संस्कृति पुनरुत्थान भवन’ का निर्माण किया गया है। यह भवन वर्तमान और भावी पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, परंपराओं तथा सनातन जीवन मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास त्याग, तपस्या, शौर्य और बलिदान की असंख्य गाथाओं से परिपूर्ण है। महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की आन, बान और शान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महापुरुषों के जीवन और संघर्ष से हमें राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में अर्धघुमंतू जातियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके संघर्ष, त्याग और योगदान को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को इसकी जानकारी देना हम सभी का दायित्व है।
जबरन धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध
जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार ने जबरन धर्मांतरण की रोकथाम के लिए कानून लाया है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप जीवन जीने का अधिकार है। सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को भी जागरूक और संगठित रहना होगा।
पर्यावरण संतुलन के लिए अधिकाधिक पौधरोपण जरूरी
दिलावर ने पर्यावरण संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे मानव जीवन के साथ-साथ वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। निरंतर पेड़ों की कटाई से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है और लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हमें विभिन्न प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी करनी चाहिए। पेड़-पौधों से पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध होती है, वर्षा की संभावनाएं बढ़ती हैं, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को संरक्षण मिलता है तथा धरती के जल स्तर में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग पानी की कीमत को भली-भांति जानते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। पर्यावरण और जल का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
गौ-संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य
जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि गौ माता का संरक्षण और संवर्धन करना भी हम सभी का कर्तव्य है। समाज को गौ-संरक्षण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए इसके प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना चाहिए।
संस्कार एवं नैतिकता से युक्त शिक्षा पर सरकार का जोर
दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों से युक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में भी तैयारियां कर रही है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो।
विद्यालय में प्रारंभ होगा विज्ञान संकाय
इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने आगामी शैक्षणिक सत्र से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिराई में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विज्ञान संकाय प्रारंभ होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।

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