जयपुर। मुख्य सचिव श्री. वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधानों के साथ राज्य स्तरीय वेबिनार-2 का आयोजन हुआ। वेबिनार में मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के आदर्श केंद्रों के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रतिमान : पीएम श्री विद्यालय’ विषय पर आयोजित वेबिनार में प्रदेशभर के चयनित पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधानों तथा जिला एवं ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। मुख्य सचिव ने कहा कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि हुई है, परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार आया है तथा डिजिटल डैशबोर्ड व स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से तकनीक का प्रभावी समावेश हुआ है। उन्होंने प्रत्येक माह 10 संस्था प्रधानों के साथ नियमित संवाद जारी रखने, श्रेष्ठ अभ्यासों को समग्र प्रदेश में अपनाए जाने तथा जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित फील्ड विजिट किए जाने के निर्देश दिए।
शिक्षा ही राष्ट्र और समाज के विकास का आधार स्तम्भ: अतिरिक्त मुख्य सचिव
वेबिनार में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र व राज्य के विकास का मुख्य आधार है। विश्व के विकसित देशों तथा देश के अग्रणी राज्यों की प्रगति की नींव में सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था ही रही है। पीएम श्री योजना की मूल संकल्पना यही है कि ये विद्यालय अपने-अपने क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनें, जहां आसपास के विद्यालयों के शिक्षक व संस्था प्रधान आकर नवाचारों, शिक्षण विधियों एवं उत्कृष्ट प्रबंधन को देखें-सीखें और अपने विद्यालयों में लागू करें ताकि समूचा शिक्षा तंत्र सुदृढ़ हो सके।
राष्ट्रीय स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में राजस्थान का परचम
केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग की राष्ट्रीय सूची में प्रदेश के 11 विद्यालयों ने स्थान अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया है, जिनमें 3 पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं। इनमें पीएम श्री दरबार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सांभर लेक (जयपुर) उल्लेखनीय है। 122 वर्ष पुराने इस विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से 1.5 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए । इसने राष्ट्रीय स्तर पर 93.70 अंकों के साथ 14वां स्थान हासिल किया। इसी क्रम में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाबरा (ब्यावर) ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण प्रमाणित ईट-राइट स्कूल तथा सौर ऊर्जा युक्त हरित परिसर के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर 93.50 अंकों के साथ 23वां स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय, परलिया की ढाणी (कोटा) ने कालबेलिया व घुमंतू समुदाय बाहुल्य क्षेत्र में बच्चों के शत-प्रतिशत ठहराव, बालवाटिका में शत-प्रतिशत नामांकन तथा ई-कॉंटेंट आधारित नवाचारों के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर 51वां स्थान अर्जित कर यह सिद्ध किया कि संसाधनों की सीमितता के बावजूद प्रतिबद्धता से उत्कृष्ट परिणाम संभव हैं।
संस्था प्रधानों के नवाचारों व उपलब्धियों का हुआ प्रदर्शन
वेबिनार के दौरान विद्यालयों द्वारा किए जा रहे विविध नवाचारों की झलक भी सामने आई। पीएम श्री महात्मा गांधी विद्यालय, टाउन (डूंगरपुर) की एक छात्रा ने पिको सैटेलाइट एवं स्पेस टेक्नोलॉजी वर्कशॉप में राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता कर विद्यालय की तकनीकी क्षमता का परिचय दिया। इसके साथ ही विद्यालयों में पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा, ब्यूटी एवं वेलनेस तथा रिटेल ट्रेड्स जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल एवं रोजगार से सीधे जोड़ा जा रहा है। बाल वाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं पूर्व छात्र सम्मेलन तथा विद्यालय प्रबंधन समिति एवं विद्यालय विकास प्रबंधन समिति की बैठकों के जरिए सामुदायिक सहयोग को सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे विद्यालयों के समग्र विकास को नई गति मिल रही है। इस दौरान राज्य परियोजना निदेशक डॉ.रश्मि शर्मा ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय स्तर की चुनौतियों को समझने तथा उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने की दिशा में शिक्षक – छात्रा संवाद ‘बातचीत’ कार्यक्रम की पहल की गई है। वेबिनार में स्कूल शिक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी जिलों से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ), अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



