महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं की बेस्ट प्रैक्टिसेस का किया अध्ययन—पहले दिन जयपुर शहर में स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजाख, राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं महत्वपूर्ण और अनुकरणीय

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जयपुर। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को बताया कि राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाए जा रहे नवाचारों, प्रभावी प्रबंधन एवं जनहितकारी व्यवस्थाओं को समझने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश का अध्ययन दौरा किया है। “बेस्ट प्रैक्टिसेस इन पब्लिक हेल्थ इन राजस्थान” विषय पर आयोजित इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने पहले दिन जयपुर शहर में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं सेवाओं का अवलोकन कर राजस्थान की कार्यप्रणाली को समझा। प्रतिनिधिमंडल 19 से 23 अगस्त तक प्रदेश के दौरे पर रहेगा। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि अध्ययन दौरे का उद्देश्य राजस्थान की सफल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं नवाचारों से सीख लेते हुए उनकी उपयोगिता का आकलन करना तथा महाराष्ट्र में इन्हें अपनाने की संभावनाओं को समझना है। यह दौरा दोनों राज्यों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्ञान, अनुभव एवं नवाचारों के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिनिधिमंडल में श्री संजय श्रीपतराव काटकर, आईएएस, कमिश्नर हेल्थ सर्विसेज एवं मिशन डायरेक्टर, एनएचएम महाराष्ट्र तथा श्री बापू पवार, आईएएस, सीईओ, महाराष्ट्र मेडिकल गुड्स प्रोक्योरमेंट अथॉरिटी सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान में डिजिटल हेल्थ सिस्टम एवं आईएचएमएस सॉफ्टवेयर के इंप्लीमेंटेशन की प्रक्रिया का अध्ययन किया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रबंधन में आईटी आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही ‘पहचान’ पोर्टल के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की डिजिटल व्यवस्था का भी अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएचएल हब लैब, किशनपोल का दौरा कर आधुनिक प्रयोगशाला सेवाओं, जांच व्यवस्था, गुणवत्ता प्रबंधन एवं सैंपल प्रोसेसिंग की कार्यप्रणाली को समझा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ जांच सुविधाओं के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल ) की केंद्रीकृत खरीद प्रक्रिया का भी अध्ययन किया। अधिकारियों ने दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की खरीद, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, आपूर्ति एवं वितरण की पारदर्शी व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने मधुहारी क्लीनिक का अवलोकन कर डायबिटीज सहित गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप की व्यवस्था को समझा। प्राथमिक स्तर पर डायबिटीज के प्रभावी प्रबंधन एवं मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की कार्यप्रणाली में प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रुचि दिखाई। प्रतिनिधिमंडल ने यूपीएचसी वैशाली नगर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया। वहीं सैटेलाइट अस्पताल, बनीपार्क में चिकित्सा सेवाओं एवं अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने 108 एम्बुलेंस कॉल सेंटर का दौरा कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के संचालन, कॉल रिस्पॉन्स, एम्बुलेंस डिस्पैच एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था को समझा। मोबाइल ब्लड डोनेशन बस का अवलोकन कर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा मोबाइल माध्यम से रक्त संग्रहण की अभिनव व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की। महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान की डिजिटल हेल्थ, आईएचएमएस , पहचान पोर्टल, आईपीएचएल लैब, केंद्रीकृत प्रोक्योरमेंट, डायबिटीज प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय पहल बताया।

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