मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर आज़ादी के बाद से नागरिकों को मिले अधिकारों को “छीनने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। मार्च के दौरान खड़गे ने चेतावनी दी कि अगर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा मंडराया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा मतदाताओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को मिले अधिकारों पर हमले हो रहे हैं। खड़गे ने कहा कि राजीव गांधी जी ने युवा वोटरों, महिला वोटरों, किसानों और गरीबों को वे अधिकार दिए जो उन्हें आज़ादी के बाद मिले थे। आज मोदी सरकार उन अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी की लड़ाई से बने इस देश की आज़ादी को सत्ता बनाए रखने के लिए छीनने की कोशिशें हो रही हैं। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वोट देने के अधिकार की रक्षा करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास वोट है, तो लोकतंत्र बचेगा। अगर हमारा लोकतंत्र बचेगा, तो सभी के अधिकारों की रक्षा होगी। संविधान की भी रक्षा होगी। खरगे ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अपने ही सदस्यों की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया और चुनाव प्रक्रिया को गलत तरीके से चलाया। उन्होंने कहा कि जब आपके चुने हुए सदस्यों, आपके ही लोगों ने बोलते समय गलती की, तो उन्होंने गलत चुनाव किया और आज हमारे लोगों को गुमराह करके सत्ता में आने की कोशिश की। सत्ता में बैठे लोगों को पद छोड़ने की चेतावनी देते हुए खरगे ने कहा कि इसीलिए हम ऐसा कर रहे हैं। पहले कुर्सी छोड़िए। वरना देश में हंगामा होगा। देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। यह उन्हें मेरी चेतावनी है। उन्होंने आगे कहा, “लोग सब कुछ करेंगे, लेकिन अपनी आज़ादी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सरकार को खत्म हो जाना चाहिए।”

CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े Mallikarjun Kharge, केंद्र सरकार को दी चेतावनी
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