स्कूल छोड़ती बेटियाँ: संसाधनों की कमी या सामाजिक चूक?...
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा हर गली-चौराहे, सरकारी इमारतों और बैनरों पर चमकता है, लेकिन यह नारा उन गाँवों और बस्तियों तक नहीं पहुँच पाता जहाँ बेटियाँ रोज़ स्कूल छोड़ रही हैं। हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि 15 से 18...


