NDA शासित राज्य में कटे 46 लाख से ज्यादा वोटर, अब घर-घर जाएगा चुनाव आयोग

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नई दिल्ली। एनडीए शासित राज्य आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग गुरुवार, 8 अक्टूबर से राज्य में विशेष अभियान शुरू करेगा। इसके तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए 46.62 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम और उनकी स्थिति का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया घर-घर जाकर पूरी की जाएगी। आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक यादव ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

46.62 लाख हटाए गए मतदाताओं का होगा दोबारा सत्यापन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने-अपने मतदान केंद्रों से संबंधित 46,62,583 हटाए गए मतदाताओं की सूची लेकर घर-घर जाएंगे और उनकी स्थिति का दोबारा सत्यापन करेंगे। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 15 जून से 24 जुलाई के बीच हुई गणना के बाद 44.8 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। अधिकारियों को ये लोग उनके दर्ज पते पर नहीं मिले थे।
इनमें नाम हटाए जाने के कारणों में-
मतदाता की मृत्यु
स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना
एक से अधिक जगह नाम दर्ज होना
मतदाता का पता नहीं चल पाना
अन्य कारण शामिल थे।

गलती से नाम हट गया तो ऐसे मिलेगा मौका
चुनाव आयोग के मुताबिक, अगर सत्यापन के दौरान यह सामने आता है कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हटा दिया गया है, तो उसे फॉर्म-6 भरने में मदद की जाएगी। जरूरी सत्यापन के बाद उसका नाम निरंतर अपडेट प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। विवेक यादव ने कहा कि आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नामों को बाहर रखना है।

ड्राफ्ट सूची के बाद 1.73 लाख और मतदाता अपात्र मिले
ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नोटिस प्रक्रिया के दौरान 6 अक्टूबर तक 1.73 लाख और मतदाता ऐसे पाए गए, जो अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पात्र नहीं थे। आंध्र प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 16 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है।

31 जुलाई को जारी हुई थी ड्राफ्ट मतदाता सूची
BLO की घर-घर जाकर की गई गणना के बाद मृत, दूसरी जगह जा चुके और एक से अधिक जगह दर्ज मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इसके बाद 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इस ड्राफ्ट सूची में राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 3.7 करोड़ से अधिक थी। SIR 2026 के तहत अंतिम मतदाता सूची 16 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

साल में चार तारीखों पर नाम जुड़वाने का मौका
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए चार क्वालिफाइंग तारीखें उपलब्ध हैं- वहीं, वार्षिक संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए अगले वर्ष की 1 जनवरी को क्वालिफाइंग तारीख माना जाता है। 16 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम सूची में अगर किसी पात्र मतदाता का नाम छूट जाता है, या बाद की किसी क्वालिफाइंग तारीख पर कोई व्यक्ति मतदाता बनने के योग्य होता है, तो वह निरंतर अपडेट प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 जमा कर सकता है।

SIR को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच अभियान
चुनाव आयोग का यह कदम ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष ने SIR से जुड़े कथित मनमाने फैसलों का विरोध करते हुए इस प्रक्रिया को खत्म करने की मांग भी की है। चुनाव आयोग का विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होकर हटाए गए 46.62 लाख से अधिक मतदाताओं की स्थिति की दोबारा जांच करेगा। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं को 16 अक्टूबर को अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले और उसके बाद भी नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

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