वैश्विक सहयोग से पुलिस कल्याण को नई उड़ान राजस्थान पुलिस अकादमी और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के बीच ऐतिहासिक एमओयू

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जयपुर। राजस्थान पुलिस ने पुलिस कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) एवं यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर (यू.के.) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। लगभग 200 वर्ष पुराने विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के साथ यह साझेदारी राजस्थान पुलिस को वैश्विक शैक्षणिक विशेषज्ञता और आधुनिक शोध से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
डीजीपी की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक करार
पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में राजस्थान पुलिस अकादमी की ओर से अतिरिक्त निदेशक शंकरदत्त शर्मा तथा यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर की ओर से प्रो. (डॉ.) विमल कुमार शर्मा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
“हमारे डेटा और उनके शोध से बदलेगी पुलिसिंग की तस्वीर” — डीजीपी
इस अवसर पर महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि 200 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से जुड़ना राजस्थान पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस के पास उपलब्ध व्यापक अनुभव एवं डेटा तथा विश्वविद्यालय की शोध विशेषज्ञता के समन्वय से पुलिसिंग, पुलिस कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ज्ञान-संपदा और वैज्ञानिक शोध का लाभ उपलब्ध कराएगी।
पुलिस कर्मियों को मिलेंगे डिस्टेंस लर्निंग और सर्टिफिकेट कोर्स के अवसर
डीजीपी शर्मा ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राजस्थान पुलिस के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए डिस्टेंस लर्निंग, सर्टिफिकेट कोर्स, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण, सेमिनार, कार्यशालाओं तथा विशेषज्ञ व्याख्यानों के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे पुलिस बल की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर दक्षता को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।
मानसिक स्वास्थ्य और पुलिस कल्याण पर होगा संयुक्त शोध
एमओयू के अनुसार प्रारंभिक चरण में सहयोग यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के साथ किया जाएगा तथा भविष्य में आपसी सहमति से अन्य विषयों को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। समझौते के तहत मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक देखभाल, स्वास्थ्य विज्ञान, पुलिस कल्याण एवं अन्य पारस्परिक रुचि के विषयों पर संयुक्त शोध एवं अनुसंधान किए जाएंगे। इस दौरान डीजीपी शर्मा ने हाल के वर्षों में पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं पर चिंता जताई और विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को इस विषय पर विशेष अध्ययन कर सुझाव देने का आह्वान किया।
संयुक्त रिसर्च, प्रकाशन और वैश्विक विशेषज्ञों का होगा आदान-प्रदान
इस मौके पर एडीजी ट्रेनिंग राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं, अकादमिक प्रकाशन, सेमिनार, कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान तथा शोध गतिविधियों का संचालन करेंगे। दोनों पक्ष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं शिक्षकों के बीच अकादमिक सहयोग को भी बढ़ावा देंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।
पीएचडी, इंटर्नशिप और एक्सचेंज प्रोग्राम को मिलेगा बढ़ावा
एमओयू में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट एवं पोस्ट-डॉक्टोरल विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के एक्सचेंज प्रोग्राम, विजिटिंग प्रोफेसर व्यवस्था, संयुक्त शिक्षण कार्यक्रम, पीएचडी शोध का सह-मार्गदर्शन, इंटर्नशिप, अल्पकालिक अकादमिक कार्यक्रम तथा संयुक्त तकनीकी एवं शोध परियोजनाओं की संभावनाओं का भी प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त दोनों संस्थान तृतीय पक्ष से अनुसंधान एवं तकनीकी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग प्राप्त करने तथा वैश्विक नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भी संयुक्त प्रयास करेंगे।
पांच वर्षों तक रहेगा प्रभावी, गोपनीयता और बौद्धिक संपदा का भी रहेगा संरक्षण
एमओयू के अनुसार सभी संयुक्त परियोजनाएं आपसी सहमति से संचालित होंगी तथा प्रत्येक परियोजना के लिए आवश्यकतानुसार पृथक समझौता किया जाएगा। बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा, गोपनीयता तथा वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
यूनिवर्सिटी प्रतिनिधिमंडल ने जताई खुशी
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रतिनिधिमंडल में प्रो. कैथरीन रॉबिन्सन, डॉ. एमिली बेबिंगटन एवं प्रो. (डॉ.) विमल कुमार शर्मा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान पुलिस के साथ यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस साझेदारी के माध्यम से दोनों पक्ष एक-दूसरे के अनुभवों, शोध और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखते हुए पुलिस कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह, रूपिंदर सिंह, बिपिन कुमार पाण्डेय, प्रफुल्ल कुमार सहित पुलिस मुख्यालय एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) राघवेंद्र सुहासा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह एमओयू राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण, अनुसंधान, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। कार्यक्रम का संचालन डीआईजी शरद चौधरी ने किया

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