खैरथल-किशनगढ़बास रूट पर रोडवेज बसें नहीं चलने से हजारों यात्रियों को उठानी पड़ रही परेशानी

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खैरथल। खैरथल-किशनगढ़बास मार्ग पर रोडवेज की शटल बस सेवा करीब डेढ़ साल से बंद है। यह सेवा तिजारा डिपो के तहत चलती थी। बंद होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण यात्रियों को रोजाना परेशानी हो रही है। यात्रियों का कहना है कि अब उन्हें निजी टेंपो और ई-रिक्शा से सफर करना पड़ रहा है। इनमें क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। इससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ने की बात कही गई। स्थानीय यात्रियों दीपक शर्मा, तेजपाल, संजय कुमार और लक्ष्मीनारायण ने बताया कि पहले 15 से 20 मिनट के अंतराल पर शटल बस मिल जाती थी। इससे यात्रा समय पर और सुरक्षित होती थी। उनका कहना है कि खैरथल के जिला बनने के बाद धीरे-धीरे यह सेवा बंद हो गई। यात्रियों के अनुसार अब बस नहीं मिलने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद ओवरलोड वाहनों में यात्रा करनी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शटल सेवा बंद होने के बाद निजी टेंपो चालकों की मनमानी बढ़ गई है। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही गई। तिजारा डिपो प्रबंधन ने बताया कि रोडवेज बसों के लिए प्रतिदिन 400 किलोमीटर संचालन का लक्ष्य तय है। खैरथल-किशनगढ़बास रूट पर 10 चक्कर लगाने के बाद भी बसें करीब 200 किलोमीटर ही चल पाती हैं। इसी कारण शटल सेवा बंद की गई थी। डिपो के अनुसार दो-तीन बसें ट्रांसफर होकर आने की संभावना है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। बर्से बसें मिलने पर शटल सेवा फिर शुरू करने की बात कही गई। यात्रियों ने मांग की है कि छात्र और दैनिक यात्रियों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द शटल बस सेवा बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि रूट पर नियमित बस संचालन होने से लोगों को यहत मिलेगी। वहीं, रोडवेज अधिकारियों ने संसाधन उपलब्ध होने पर सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब यात्रियों को नई बसों के आने और शटल सेवा दोबारा शुरू होने का इंतजार है।

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