श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री 2 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान‘ के तहत युवाओं को वर्चुअली संबोधित करेंगे। यह अभियान युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘माय भारत‘ की एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूक करना और एक स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त जीवन शैली को बढ़ावा देना है।
जिला युवा अधिकारी प्राची चौहान ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत‘ अभियान का हिस्सा है, जिसे जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, खेल, संस्कृति और सकारात्मक सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से नशा मुक्ति के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है। यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण और 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
इस वर्चुअल संवाद के माध्यम से देश भर में लगभग 10,000 स्थानों को जोड़ने की उम्मीद है, जिसमें एक करोड़ से अधिक युवा शामिल होंगे, जिनमें माय भारत स्वयंसेवक, माय भारत-एनएसएस स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, औद्योगिक संघों के युवा शामिल हैं। इस कार्यक्रम के दौरान, देश भर के युवा सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ लेंगे, जिसमें वे मादक पदार्थों के सेवन से मुक्त रहने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएंगे और दूसरों को भी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस आयोजन के साथ ही नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का भी शुभारंभ होगा, जो एक राष्ट्रव्यापी 100 सप्ताह का रविवार सहभागिता कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत सांस्कृतिक, खेल, फिटनेस, जागरूकता, ध्यान और सामुदायिक संपर्क जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी ताकि युवाओं की भागीदारी को अभियान में बनाए रखा जा सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत, भाग लेने वाले स्थानों पर नशा मुक्त भारत के संदेश को बढ़ावा देने और युवाओं में स्वस्थ, नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें पदयात्राएँ, खेल और फिटनेस कार्यक्रम, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और नुक्कड़ नाटक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, माय भारत पोर्टल पर ई-प्रतिज्ञा अभियान चल रहा है, जो नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को नशामुक्त भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराने में सक्षम बनाता है।
अभियान के तहत, माय भारत देश भर में लोकगीत, अभिनय, लघु फिल्म/रील, चित्रकला, वाद-विवाद और नारा लेखन जैसी श्रेणियों में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है, ताकि युवाओं को नशामुक्त भारत के संदेश को रचनात्मक रूप से फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, जहां वे अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के अवसर के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
इस अभियान में नशा मुक्ति की रोकथाम को बढ़ावा देने और युवाओं को इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु अनेक प्रकार की गैर-प्रतिस्पर्धी जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियाँ शामिल हैं। इनमें नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा, विशेषज्ञों द्वारा जागरूकता सत्र और परामर्श, ग्राम सभा आधारित नशा मुक्त संकल्प सभाएँ, खेल और फिटनेस गतिविधियाँ, हस्ताक्षर अभियान, सोशल मीडिया जागरूकता पहल, अभिभावकों के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम और नशा मुक्त बनने की दिशा में अनुकरणीय प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने वाले संस्थानों और गाँवों को मान्यता देना शामिल हैं।
इन गतिविधियों का उद्देश्य समुदाय की निरंतर भागीदारी को बढ़ावा देना और स्वस्थ, नशामुक्त जीवनशैली के संदेश को सुदृढ़ करना है। इस अभियान का समापन राष्ट्रीय नशा मुक्त युवा सम्मेलन में होगा, जो 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने का प्रस्ताव है। इस सम्मेलन में देश भर के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशा मुक्त भारत की परिकल्पना को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा।


