करीब 2,200 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को उत्तर आंध्र के आर्थिक नक्शे को बदलने वाले प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह केवल पुराने विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का विस्तार या रनवे वृद्धि नहीं है, बल्कि पूरी तरह से नया और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है। इसके बावजूद, यात्रियों की सुविधा और वैश्विक बुकिंग प्रणालियों में निरंतरता बनाए रखने के लिए विशाखापत्तनम का ऐतिहासिक ‘VTZ’ एयरपोर्ट कोड ही बरकरार रखा गया है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि की बात करें तो लगभग एक दशक के लंबे इंतजार, योजना और निर्माण प्रक्रिया के बाद अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब पूरी तरह से परिचालन में आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अगस्त 2026 को इसके भव्य उद्घाटन के बाद, 17 अगस्त से विशाखापत्तनम की नियमित वाणिज्यिक उड़ानों का नया ठिकाना यही हवाई अड्डा बन गया है।
इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से न केवल विशाखापत्तनम बल्कि पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र में व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को भारी बल मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सीधी आवाजाही से आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर को नए वैश्विक अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।



