राजस्थान के 41 जिलों में प्रधान पदों का आरक्षण तय, जयपुर में 11 सीटें महिलाओं के नाम

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जयपुर। राजस्थान में पंचायतराज चुनाव 2026 को लेकर आज पंचायत समिति प्रधानों के पदों का आरक्षण तय किया जा रहा है। प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए लॉटरी निकाली जा रही है। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी तय होगा।

जयपुर में 22 में से सिर्फ 4 सीट अनारक्षित
जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। इनमें केवल 4 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। अलग-अलग आरक्षित कैटेगरी में कुल 11 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी जयपुर में 11 पंचायत समितियों में महिला प्रधान बनने का रास्ता साफ होगा।

उदयपुर में सिर्फ एक सीट अनारक्षित
उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में भी प्रधान पदों के आरक्षण की तस्वीर बदलने वाली है। यहां सिर्फ एक सीट अनारक्षित हुई है। अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 8 सीटें आरक्षित की गई हैं। उदयपुर में ST आबादी को देखते हुए आरक्षण में इसका असर साफ नजर आ रहा है।

SC के 79 और ST के 93 पद आरक्षित
प्रदेश की पंचायत समितियों में प्रधान पदों के तय कोटे के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) के 79 और अनुसूचित जनजाति (ST) के 93 पद आरक्षित होंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 56 प्रधान पद आरक्षित किए जाएंगे। बाकी पद ओपन कैटेगरी में रहेंगे।

OBC आरक्षण में हो सकता है फेरबदल
पंचायत चुनाव में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता। ऐसे में OBC के प्रधान पदों के आरक्षण में कुछ फेरबदल की संभावना है। इसी वजह से अंतिम सूची में कुछ सीटों की कैटेगरी बदल सकती है। फिलहाल करीब 228 से 229 प्रधान पद ओपन कैटेगरी में रहने की बात सामने आई है।

महिलाओं को हर कैटेगरी में 50% आरक्षण
प्रधान पदों के साथ आरक्षित कैटेगरी में महिलाओं के लिए भी आरक्षण लागू होगा। प्रत्येक कैटेगरी में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इससे SC, ST, OBC और अनारक्षित कैटेगरी में भी बड़ी संख्या में महिला प्रधान चुनी जाएंगी।

1403 जिला परिषद और 8245 पंचायत समिति सदस्यों का भी आरक्षण
प्रधानों के साथ आज ही 1403 जिला परिषद सदस्यों और 8245 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी लॉटरी के जरिए तय किया जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव में किस क्षेत्र से किस कैटेगरी का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा, इसकी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।

लॉटरी के बाद साफ होगा चुनावी गणित
आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद प्रदेश की पंचायत समितियों और जिला परिषदों में चुनावी समीकरण तेजी से बदलेंगे। कई संभावित उम्मीदवारों को अपनी सीट की कैटेगरी बदलने के कारण दूसरे क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी करनी पड़ सकती है। वहीं महिला आरक्षण के चलते बड़ी संख्या में नए चेहरों को पंचायत चुनाव में मौका मिलेगा।

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