राज्य सरकार द्वारा हीटवेव से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी- आमजन के लिए लू से बचाव के दिशा निर्देश जारी

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जयपुर। प्रदेश में बढ़ते तापमान और आगामी गर्मी/लू-ताप की लहर (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की उप शासन सचिव मती शैफाली कुशवाहा ने बताया कि राज्य में हीट वेव (लू-ताप) की स्थिति के प्रभावी शमन एवं प्रबंधन के लिए “गर्मी/लू-ताप की लहर (क्या करें और क्या न करें)” विषयक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें। विभाग ने नागरिकों, नियोक्ताओं एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे लू के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बच्चों, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों का अतिरिक्त ध्यान रखें। आमजन को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम की अद्यतन जानकारी रेडियो, दूरदर्शन, समाचार पत्रों अथवा मोबाइल एप के माध्यम से नियमित रूप से प्राप्त करते रहें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें तथा ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी एवं छाछ जैसे घरेलू पेय पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करें। धूप में बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले एवं सूती वस्त्र पहनें तथा सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। आंखों एवं त्वचा की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे एवं सनस्क्रीन का उपयोग करें। नियोक्ताओं को निर्देशित किया गया है कि कार्यस्थलों पर शीतल पेयजल एवं प्राथमिक चिकित्सा सामग्री (ओआरएस, आइस पैक आदि) की उपलब्धता सुनिश्चित करें। श्रमिकों को सीधी धूप से बचाने हेतु छायादार स्थान उपलब्ध कराए जाएं तथा भारी श्रम वाले कार्य प्रातः या सायंकाल के समय ही कराए जाएं। कार्यस्थलों पर हीट स्ट्रेस के लक्षणों के प्रति जागरूकता सुनिश्चित की जाए तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को छायादार स्थान पर रखें तथा स्वच्छ एवं ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे के मध्य पशुओं से कार्य नहीं लिया जाए। शेड की छतों को पुआल से ढकने अथवा सफेद रंग/चूने से पुताई करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त पशुओं के चारे में हरे चारे एवं खनिज मिश्रण (मिनरल मिक्स) का समावेश करने तथा समय-समय पर पानी का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है। विभाग द्वारा आमजन को यह भी सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें। खाली पेट अथवा अत्यधिक भारी भोजन कर बाहर न जाएं तथा अधिक प्रोटीनयुक्त एवं बासी भोजन के सेवन से परहेज करें। शराब, चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर में जल की कमी उत्पन्न करते हैं। बच्चों एवं पालतू पशुओं को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। अत्यधिक शारीरिक गतिविधि से बचें तथा बार-बार ठंडे पानी से चेहरा एवं हाथ धोते रहें। आपातकालीन स्थिति में यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, सिरदर्द अथवा मतली का अनुभव हो, तो उसे तुरंत ठंडे स्थान पर ले जाकर गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करें तथा ओआरएस अथवा नींबू पानी पिलाएं। हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण जैसे बेहोशी, तेज बुखार या भ्रम की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं अथवा टोल-फ्री नंबर 108 अथवा 112 पर संपर्क करें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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