सिंगल सुपर फास्फेट का रबी फसलों में अधिक महत्व, अन्य उर्वरकों की अपेक्षा अधिक लाभदायक

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चूरू। जिले में कृषि विभाग ने रबी की फसलों की बुवाई के लिए किसानों का बीएपी की जगह सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) खाद का प्रयोग करने की सलाह दी है। इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन होगा। साथ ही इससे फसल की गुणवत्ता भी बेहतर रहेगी।

कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक राजकुमार कुल्हरि ने बताया कि सिंगल सुपर फास्फेट एक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है, जिसने 18 प्रतिशत फॉस्फोरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर व कैल्शियम 21 प्रतिशत की मात्रा पाई जाती है। इसमें उपलब्ध सल्फर के कारण यह उर्वरक तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिए अन्य उर्वरकों की अपेक्षा अधिक लाभदायक होता है। डीएपी से पौधों के केवल दो ही पोषक तत्व फास्फोरस एवं नत्रजन प्राप्त होते हैं, जबकि सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक से पौधों को फास्फोरस तत्व के साथ-साथ सल्फर व कैल्शियम पोषक तत्व भी प्राप्त होते हैं।

उन्होंने बताया कि 03 बैग एसएसपी से मिलने वाले पोषक तत्वों का मूल्य लगभग 1900 रुपये होता है, जो एक बैग डीएपी से मिलने वाले पोषक तत्वों के मूल्य 1350 रुपये से अधिक है। एसएसपी का उपयोग करने से पौधों की वृद्धि के साथ-साथ जड़ों का विकास भी उत्तम होता है। सिंगल सुपर फास्फेट में उपलब्ध सल्फर सरसों जैसी तिलहनी फसलों में तेल की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि करता है, दलहनी फसलों की जड़ों में गांठों के विकास में सहायता करता है, जिससे पौधे मिट्टी से बेहतर नाइट्रोजन ले पाते हैं। यह क्षारीय मिट्टी (जहां पीएच मान 08 से अधिक होता है) में सल्फर सल्फ्यूरिक एसिड में बदलकर पीएच को नियंत्रित करता है। मिट्टी का पीएच सुधरने पर डीएपी और जिंक जैसे तत्व पौधों को आसानी से मिलने लगते हैं। यह मिट्टी और पौधों में एक प्राकृतिक फंगसनाशक के रूप में भी काम करता है।

उन्होंने बताया कि सिंगल सुपर फॉस्फेट में उपलब्ध कैल्शियम पौधों की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है, यह मिट्टी के कणों को आपस में बांधकर रखता है, जिससे हवा और पानी का संचार ठीक रहता है। पौधों की जड़ों के सामान्य विकास और उनकी लंबाई बढ़ाने में सहायता करता है। यह अत्यधिक अम्लीय मिट्टी के पीएच स्तर को सुधारने का काम करता है।

कुल्हरि ने बताया कि किसान खेतों में मिट्टी के नमूने की जांच के आधार पर बनाए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही भूमि में उर्वरकों का उपयोग करें तो बेहतर होगा। एसएसपी उर्वरक बीएपी की अपेक्षा बाजार में आसानी से उपलब्ध है। एसएसपी तिलहनी फसलों में तेल की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि करता है, जिससे कृषकों को बाजार में लैब के आधार पर अच्छा मूल्य मिलता है।

उन्होंने बताया कि रबी की फसलों की बुवाई के लिए किसानों को डीएपी के स्थान पर एसएसपी का उपयोग अधिक करना चाहिए। इसके लिए विभाग कृषक प्रशिक्षण, गोष्ठियों में एसएसपी महत्व के बारे में तथा किसानों को मृदा जांच के लिए भी प्रोत्साहित भी कर रहा है। डीएपी के स्थान पर एसएसपी का उपयोग से किसानों की लागत भी कमी आएगी तथा भूमि की उर्वरा शक्ति में भी इजाफा होगा।

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