10 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैठक आयोजित

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चूरू। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रविन्द्र कुमार के निर्देशानुसार शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ शरद कुमार व्यास की अध्यक्षता में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के अधिकाधिक संख्या में निस्तारण हेतु 10 मई, 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैंक, वित्तीय संस्थाओं, बीएसएनएल, विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
सचिव डॉ शरद कुमार व्यास ने बताया कि लोक अदालत को सफल बनाने हेतु बैंक अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को प्रस्तुत करें। इन प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में जरिये राजीनामा निस्तारित करने का प्रयास करें ताकि प्री-लिटिगेशन के माध्यम से धन की वसूली हो सके तथा लंबित प्रकरणों का निस्तारण हो सके। इसी प्रकार बैंकों के न्यायालयों में लंबित 138 एनआई एक्ट के प्रकरणों में भी राजीनामा के जरिये प्रकरणों के निस्तारण के प्रयास किए जाएं ताकि अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण कर लोक अदालत को सफल बनाया जा सके।
उन्होंने उपस्थित सभी को प्रकरणों दर्ज होने से निस्तारण तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी तथा बैंक अधिकारियों व बैंक, वित्तीय संस्थाओं, बीएसएनएल, विद्युत विभाग में होने वाले प्री-काउंसलिंग सत्रों में सहयोग करने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु संबंधित विभागों के अधिकारीगण के साथ बैठकों का आयोजन किया जाकर प्रकरणों का चिन्हीकरण किए जाने, राजस्व, बैंक, बीमा इत्यादि प्रकरणों के संबंध में विचार-विमर्श किए जाने, धारा 138 एनआई एक्ट के रुपए 10 लाख तक के एवं ऋण वसूली से संबंधित लम्बित/प्री-लिटिगेशन श्रेणी के प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से अधिकाधिक निस्तारण सुनिश्चित किये जाने बाबत जरूरी उपायों पर विचार-विमर्श किया जाने, प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण के संबंध में प्री-काउंसलिंग के सफल आयोजन के क्रम में विचार-विमर्श किए जाने, राजस्थान लिटिगेषन पॉलिसी, 2018 के तहत प्रकरणों के निराकरण के प्रयास किया जाना, राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरणों के निस्तारण में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में विचार-विमर्श किए जाने इत्यादि के संबंध में अवगत करवाया। साथ ही उपभोक्ता एवं विक्रेता/सेवा प्रदाता के मध्य के विवाद से संबंधित प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण के बारे में भी विशेष चर्चा की।

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