जोधपुर। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शनिवार को जोधपुर के संक्षिप्त दौरे पर रहे। सर्किट हाउस पहुँचने पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने रिफाइनरी मरम्मत कार्य और भविष्य की तकनीकी योजनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। एचआरआरएल (HRRL) रिफाइनरी में हाल ही में हुए नुकसान पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षति सीमित स्तर की है और विशेषज्ञ इंजीनियरों की एक कुशल टीम लगातार कार्य कर रही है। वर्तमान में एचपीसीएल (HPCL) द्वारा हादसे की जांच की जा रही है, जबकि समानांतर रूप से मरम्मत कार्य भी जारी है ताकि जल्द ही सिस्टम को सामान्य किया जा सके। मुख्य सचिव ने बताया कि वह आईआईटी जोधपुर में आयोजित “मरूधरा प्रतिबद्धता दिवस” में सम्मिलित होने आए हैं। उन्होंने आईआईटी निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल के साथ हुई पूर्व चर्चाओं का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में प्रशासन और टेक्नोलॉजी के बेहतर समन्वय के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई (AI) आधारित विभागों के माध्यम से नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। प्रधानमंत्री के “अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार” (Maximum Governance, Minimum Government) के विजन को रेखांकित करते हुए वी. श्रीनिवास ने कहा कि “विकसित राजस्थान, विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर विभाग में डिजिटल सशक्तिकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को एक निश्चित रोडमैप और समय सीमा के भीतर पूरा करने पर सरकार का विशेष फोकस है। इस दिशा में आईआईटी जोधपुर की तकनीकी पहल की उन्होंने सराहना की।

जोधपुर दौरे पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास—रिफाइनरी मरम्मत में तेजी और IIT के साथ नई तकनीक पहल पर जोर
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