जयपुर। जयपुर कलेक्ट्रेट में गुरूवार को आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में जिला कलक्टर संदेश नायक ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए कहा कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य जयपुर शहर की आबोहवा में सुधार करना है, इसके लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में धूलीय कणों के उत्सर्जन को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किये जाएं। उन्होंने कहा नगर निगम एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बॉर्ड के अधिकारी सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाएं। जिला कलक्टर ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित निर्णयों की अनुपालना पर चर्चा की, जिसमें मकान निर्माण सामग्री के उचित निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रदान किए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में वायु प्रदूषण नियंत्रण करने और हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं, इसके लिए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत निर्धारित मापदंडों की पालना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जयपुर में स्वच्छ हवा के लिए हरित क्षेत्र बढ़ाने, एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल करने सहित जिला पर्यावरणीय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बैठक में फोगिंग मशीन से एमजीसीएल का छिड़काव करने सहित कई अहम सुझाव दिये। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद प्रतिभा वर्मा, उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) राजीव द्विवेदी, जिला पर्यावरण समिति के सदस्य, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत निर्धारित मापदंडों की अनुपालना हो सुनिश्चित- जयपुर जिला कलक्टर
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