सवाई माधोपुर : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर “असली आवाजों” को सुना गया, नशा मुक्ति का दिया संदेश

ram

सवाई माधोपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला चिकित्सालय सवाई माधोपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम जीवन के वास्तविक अनुभवों की आवाज सुनी जाए-सच्ची आवाजें, वास्तविक बदलाव रही।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव समीक्षा गौतम रही। वहीं मनोरोग विशेषज्ञ एवं जिला नोडल अधिकारी एनएमएचपी डॉ. गौरव चंद्रवंशी कार्यक्रम के संयोजक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पीएमओ डॉ. तेजराम मीणा उपस्थित रहे।
डॉ. गौरव चंद्रवंशी ने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 15 करोड़ लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता है, लेकिन देश में प्रति एक लाख जनसंख्या पर केवल 0.75 मनोचिकित्सक उपलब्ध हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ का मानक 3 प्रति लाख है। राजस्थान में यह आंकड़ा मात्र 0.10 प्रति लाख है। एनसीआरबी 2024 की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1,70,746 लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें 14,488 विद्यार्थी थे, जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि मानसिक रोगों में उपचार का अंतराल 79 प्रतिशत तक है, जिसे टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के माध्यम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष की थीम “जीवन के वास्तविक अनुभवों की आवाज सुनी जाए-सच्ची आवाजें, वास्तविक बदलाव” को सार्थक करते हुए मनोचिकित्सक डॉ. प्रिया चौधरी ने मंच से अपने साथ बीती डिप्रेशन की दास्तां सबके सामने बताई।
उन्होंने बताया कि कैसे एक डॉक्टर होने के बावजूद उन्हें भी अवसाद का सामना करना पड़ा और कैसे मदद लेकर वह इससे बाहर आईं। उनकी इस रियल वॉइस को सुनकर सभागार में मौजूद नर्सिंग छात्र और स्टाफ भावुक हो गए।
कार्यक्रम में नर्सिंग छात्र-छात्राओं द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी ने खूब सराहा। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान आयोजित कराई गई विभिन्न प्रतियोगिताओं-पोस्टर, निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया।

4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *