जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर छात्रों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 10 अगस्त को करेंगे विधानसभा घेराव

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रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार पर फूट डालने का आरोप लगाते हुए मांगें पूरी न होने पर 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। इस विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच छठे दौर की बातचीत होगी। झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली के आरोपों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रवींद्र पासवान ने राज्य सरकार पर छात्रों की एकता को तोड़ने और उन्हें भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 10 अगस्त को पूरे राज्य के छात्र मिलकर विधानसभा का घेराव करेंगे।

सरकार पर आंदोलन को बांटने का आरोप
JPSC-JSSC सुधार मंच के नेता रवींद्र पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छात्र पिछले 15 दिनों से लगातार धरने और भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। शुक्रवार को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ पहले दौर की बातचीत में छात्रों ने पूरे सबूतों और तर्कों के साथ अपनी बात रखी थी। सरकारी टीम ने भरोसा दिया था कि वे ये सारी बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचाएंगे। लेकिन पासवान का आरोप है कि सरकार दूसरे संगठनों से अलग-अलग बात करके इस आंदोलन को 2-3 हिस्सों में बांटने की कोशिश कर रही है।

10 अगस्त को बड़े स्तर पर जुटने की तैयारी
छात्र नेताओं ने झारखंड के सभी युवाओं से एकजुट रहने की अपील की है। छात्र नेता शीतल तिर्की और रवींद्र पासवान का कहना है कि 10 अगस्त का विधानसभा मार्च बहुत अहम और निर्णायक होने वाला है, जिसमें पूरे राज्य से करीब 50 हजार से 1 लाख छात्र शामिल होंगे। इस बीच, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की।

छात्रों की मुख्य मांगें
छात्रों ने सरकार के सामने ये प्रमुख मांगें रखी हैं:
– 14वीं JPSC पीटी, JSSC CGL, JE और PGT जैसी विवादित परीक्षाओं को तुरंत कैंसिल किया जाए।
– भर्ती प्रक्रिया में धांधली और पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष CBI जांच हो।
– परीक्षा माफियाओं और इसमें शामिल एजेंसियों पर सख्त से सख्त कानूनी एक्शन लिया जाए।
– सभी कैटेगरी (UR, EWS, BC-I, BC-II, SC, ST) के कट-ऑफ मार्क्स और OMR शीट पब्लिक की जाएं।
– JPSC और JSSC के पूरे एग्जाम सिस्टम और काम करने के तरीके में बड़े स्तर पर सुधार किए जाएं।

आज सरकार और छात्रों के बीच 6वें दौर की बातचीत
परीक्षा विवाद को सुलझाने के लिए झारखंड सरकार रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ 6वें राउंड की बातचीत करेगी। इसके बाद ही सरकार कोई फाइनल फैसला लेगी। छात्रों से बात करने के लिए बनाई गई सरकारी कमेटी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ करीब 4 घंटे तक मीटिंग की और उन्हें पिछली 5 बैठकों की पूरी रिपोर्ट दी। कमेटी की सदस्य और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि उन्होंने छात्रों की सभी मांगों और उनके विचारों से मुख्यमंत्री को पूरी तरह अपडेट कर दिया है।

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