नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और उत्तर-पूर्वी भारत में जारी मूसलाधार बारिश ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में गुरुवार रात हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) में 20 से अधिक रिहायशी मकान और सरकारी क्वार्टर बह गए। गनीमत यह रही कि समय रहते सतर्कता बरतने के कारण अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी से उठा ‘अर्नब’ चक्रवात भले ही कमजोर पड़ चुका हो, लेकिन इसके प्रभाव से ओडिशा और आसपास के राज्यों में मूसलाधार बारिश और अचानक बाढ़ (Flash Floods) का गंभीर खतरा बना हुआ है। चक्रवात और मानसून तंत्र के कारण देश के 9 राज्य सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
ओडिशा: निचले इलाकों से 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
चक्रवात के असर से ओडिशा के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। भूस्खलन और नदियों के उफान को देखते हुए राज्य प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर 200 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया है।
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मध्य प्रदेश, यूपी और बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में एक बार फिर मजबूत मानसूनी सिस्टम (Strong Weather System) सक्रिय हो गया है:
मध्य प्रदेश: जबलपुर, कटनी और आसपास के 13 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि 16 अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश: राज्य में मानसून फिर से पूरी तरह मेहरबान है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, वाराणसी, प्रयागराज और जौनपुर सहित 20 से अधिक शहरों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। राजधानी लखनऊ में गुरुवार शाम से ही तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है।
बिहार व हरियाणा: बिहार के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और पानीपत समेत 6 जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
राहत एवं आपदा प्रबंधन मुस्तैद
सिक्किम और ओडिशा में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबे को हटाने और अवरुद्ध मार्गों को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। संबंधित राज्य सरकारों ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

सिक्किम में बड़ा भूस्खलन : 20 से अधिक मकान बहे, अर्नब चक्रवात के असर से ओडिशा में बाढ़ का खतरा
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