जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलसीसी) द्वारा 75 से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के तहत इन उद्यमों को एसेट क्रिएशन इन्सेन्टिव, थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, ग्रीन इन्सेन्टिव जैसे कई लाभ स्वीकृत किए गए हैं। इन इकाइयों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) 2024 के तहत चरणबद्ध रूप से 4020 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इन इकाइयों ने उत्पादन या कार्य शुरू करने के लिए रिप्स-2024 के तहत विभिन्न परिलाभों के लिए आवेदन किया था। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति में 25 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले प्रस्ताव रखे जाते हैं और संबंधित परिलाभ स्वीकृत किए जाते हैं। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के तहत प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज सहित ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग और स्किलिंग सहित अन्य परिलाभ दिए जाते हैं। सक्सेना ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों, योजनाओं और राइजिंग राजस्थान समिट से प्रदेश में निवेश का सकारात्मक माहौल बना है। उद्योग विभाग को लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।
निवेश प्रस्तावों को निरंतर मिल रही मंजूरी
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 4 मई को आयोजित स्टेट एम्पावर्ड कमेटी में राज्य की निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए करीब 2 हजार 201 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की अनुशंसा की गई। ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल क्षेत्रों से जुड़े इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने पर 1,600 से अधिक लोगों के लिए रोजगार नए अवसर सृजित होंगे।
राज्य स्तरीय समिति ने रिप्स-2024 के तहत विभिन्न प्रस्ताव स्वीकृत किए, 75 से अधिक इकाइयों को मिलेगा 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान
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