कैंसर उपचार में बीकानेर बनेगा उत्तर-पश्चिम भारत का बड़ा केंद्र — अर्जुनराम मेघवाल

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जयपुर। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को बीकानेर जिले के पीबीएम अस्पताल स्थित आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर उपचार एवं अनुसंधान केंद्र में अत्याधुनिक हाई-डोज रेट ब्रैकीथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार को आमजन तक सुलभ, किफायती एवं आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा बीकानेर में स्थापित यह सुविधा पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल लगातार चिकित्सा सेवाओं में नए आयाम स्थापित कर रहा है और नई एचडीआर ब्रैकीथेरेपी मशीन के माध्यम से अब मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों एवं संस्थान प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह सुविधा कैंसर उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा एवं शोध गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगी। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक मशीन टर्शियरी कैंसर केयर सेंटर योजना के अंतर्गत लगाई गई है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि यह सुविधा उत्तर-पश्चिम राजस्थान के कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक एवं सटीक रेडियोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने बताया कि ब्रैकीथेरेपी तकनीक में रेडियोधर्मी स्रोत को सीधे ट्यूमर के भीतर अथवा उसके निकट स्थापित किया जाता है, जिससे कैंसरग्रस्त भाग पर अधिकतम विकिरण प्रभाव पड़ता है तथा आसपास के स्वस्थ अंगों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। डॉ. राजेश सिवर ने बताया कि इस तकनीक से मरीजों को कम समय में उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा तथा अधिकांश प्रक्रियाएं डे-केयर अथवा आउट-पेशेंट आधार पर संभव होंगी। इससे उपचार के बाद होने वाले दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में भी कमी आएगी। नई एचडीआर ब्रैकीथेरेपी यूनिट का उपयोग मुख्य रूप से स्त्री रोग संबंधी कैंसरों में किया जाएगा, जिसमें सर्वाइकल कैंसर के उपचार को “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है। इसके अतिरिक्त एंडोमेट्रियल एवं वैजाइनल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, प्रारंभिक अवस्था के स्तन कैंसर, सिर एवं गर्दन के कैंसर, स्किन कैंसर, आहार नली एवं फेफड़ों के कैंसर से होने वाली अवरोध संबंधी समस्याओं के उपचार में भी यह तकनीक उपयोगी सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में लगी एचडीआर ब्रैकीथेरेपी मशीन से गत वर्ष लगभग 200 मरीजों का उपचार किया गया था, जबकि नई मशीन लगने के बाद अब अधिक संख्या में मरीजों को उपचारित किया जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए राहतकारी होगी, क्योंकि अब तक यह तकनीक मुख्य रूप से निजी अस्पतालों तक सीमित थी। वर्ष 1999 से निरंतर सेवाएं दे रहा यह संस्थान राजस्थान सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब एवं दिल्ली के मरीजों को भी उपचार सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। वर्ष 2025 में संस्थान में करीब 11 हजार नए तथा लगभग 1 लाख 10 हजार पुराने मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। यह संस्थान उत्तर-पश्चिम भारत का सबसे बड़ा कैंसर अस्पताल माना जाता है।

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