राजस्थान विकास मॉडल’ और नवाचारों की हुई राष्ट्रीय स्तर पर सराहना—मुख्य सचिव ने केंद्रीय मंत्रालयों के साथ हुई बैठकों के निष्कर्षों पर विभागों को दिए आवश्यक निर्देश

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जयपुर। ‘राजस्थान विकास मॉडल’ और नवाचारों की देशभर में सराहना हो रही है। मुख्य ​सचिव वी. श्रीनिवास की गत दिनों नई दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सभी ने इस मॉडल की सराहना की है। अब मुख्य सचिव ने राज्य के संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं कि विकास व व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को और अधिक गति के साथ लागू करें। मुख्य सचिव ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रदेश में ग्राम विकास चौपाल, ग्राम रथ अभियान, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान, चंदन वन, माय भारत एवं राज उन्नति जैसी राज्य सरकार की पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों द्वारा इन पहलों के क्रियान्वयन में रुचि भी दिखाई गई है। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को राज्य सरकार के इन नवाचारों का प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन करने तथा सफलता की कहानियां तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना के शीघ्र लोकार्पण, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विस्तार तथा वैकल्पिक ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने संबंधी कार्यों में प्रगति लायी जाए। साथ ही, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय करते हुए आगामी 30 जून तक 43 हजार पाइप्ड गैस कनेक्शन लाइव करने की दिशा में कार्य में भी प्रगति लाए । बैठक के दौरान सेम्बकॉर्प समूह द्वारा दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में प्रस्तावित मॉडल औद्योगिक पार्क परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा खान एवं पेट्रोलियम विभाग को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। डीरिग्यूलेशन एवं कम्प्लायंस रिडक्शन से संबंधित राजस्थान की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ कार्यप्रणाली के रूप में सराहा गया है, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाये। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में प्राचीन ग्रंथों एवं पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन तथा संरक्षण के संबध में ज्ञान भारतम् मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए विशेष प्राथमिकता वाला विषय है। उन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग, संस्कृत शिक्षा विभाग तथा प्राच्य भाषा निदेशालय को मिशन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रदेश में खनिज अन्वेषण, नीलामी प्रक्रिया, प्री-एम्बेडेड क्लीयरेंस एवं यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। राज्य सरकार द्वारा पेयजल, स्वच्छता, सिंचाई परियोजनाएं तथा ऊर्जा क्षेत्र सुधारों से जुड़े विषयों में अतिरिक्त ऋण सीमा के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में राजस्थान की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में बालोतरा-पाचपदरा पाइपलाइन रेल लाइन कनेक्टिविटी से जुड़े लंबित विषयों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने खान एवं पेट्रोलियम विभाग को रेल मंत्रालय, जिला प्रशासन एवं संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय कर लंबित विषयों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को दिये निर्देश
मुख्य सचिव ने बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में 4जी कनेक्टिविटी एवं सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि आगामी नवंबर तक सभी वाइब्रेंट गांवों में 4जी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को वास्तविक गैप का सत्यापन कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में आधार आईडी के 100 प्रतिशत सत्यापन से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कार्य आगामी अक्टूबर तक पूर्ण किया जाये। मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सुधार विभाग को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा डाक विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जल संसाधन एवं पेयजल से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए एमपीकेसी परियोजना, आईजीएनपी ट्रिब्यूनल विजिट, यमुना जल से जुड़े कार्यों तथा सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जल संसाधन विभाग को केंद्र सरकार एवं संबंधित राज्यों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन, खान एवं पेट्रोलियम, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, खेल एवं युवा मामले, प्रशासनिक सुधार विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

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