झालावाड़। जिले की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन क्षमता तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से सोमवार को विजयाराजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल, झालावाड़ में आतंकवादी हमले की परिकल्पना पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों द्वारा खेल संकुल में घुसकर कुछ बच्चों को बंधक बनाए जाने की काल्पनिक घटना का सफलतापूर्वक मंचन किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूर्ण सक्रियता के साथ हरकत में आया। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल, स्पेशल प्रशिक्षित कमाण्डो फोर्स, चिकित्सा विभाग, एम्बुलैंस, अग्निशमन दल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार मोर्चा संभाला।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रदर्शित परिदृश्य के अनुसार आतंकवादियों ने खेल संकुल में खेलने आए पांच बच्चों को एक कमरे में बंधक बना लिया। सूचना प्राप्त होते ही सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र को घेरकर बचाव एवं राहत अभियान प्रारम्भ किया। पुलिस एवं विशेष बलों द्वारा आतंकवादियों को आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी गई, लेकिन उनके द्वारा कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिए जाने पर प्रशिक्षित कमाण्डो फोर्स ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार आतंकवादियों को मार गिराया तथा एक आतंकवादी को जीवित गिरफ्तार कर लिया। अभियान के दौरान सभी बंधक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक एवं संवेदनशील परिस्थिति में प्रशासनिक एवं सुरक्षा तंत्र की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि झालावाड़ पुलिस किसी भी प्रकार की आकस्मिक एवं चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार एवं सक्षम है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस बल एवं अन्य एजेंसियों की कार्यप्रणाली, प्रतिक्रिया समय तथा समन्वय क्षमता का मूल्यांकन किया गया। इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में किसी वास्तविक आपदा या सुरक्षा चुनौती की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस जवानों, स्पेशल फोर्स, चिकित्सा दल एवं अन्य कार्मिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभ्यास के अंत में अधिकारियों द्वारा संपूर्ण कार्यवाही की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव भी दिए गए। यह मॉक ड्रिल जिले की सुरक्षा तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।



