ग्रामीण सेवा शिविरों से मिला मालिकाना हक, वर्षों की चिंता हुई दूर

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चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण परिवारों के लिए राहत और भरोसे का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। शिविरों के माध्यम से आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं का गांव में ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।
चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत रोलाहेडा एवं ग्राम पंचायत सतपुड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों के दौरान शांतिलाल सुथार एवं नरपत सिंह को उनकी पुश्तैनी आवासीय भूमि के पट्टे मौके पर ही जारी किए गए। पट्टा मिलने से दोनों हितग्राहियों को अपने मकान का वैधानिक मालिकाना हक प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो गई। पट्टा मिलने के बाद दोनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि अब वे अपने मकान से संबंधित सभी कार्य कानूनी रूप से करा सकेंगे। साथ ही वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने का मार्ग भी आसान हो गया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। पुश्तैनी संपत्ति का वैध पट्टा मिलने से पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवादों और भविष्य की चिंताओं से भी राहत मिली है। हितग्राहियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रभावी व्यवस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित इन शिविरों के कारण अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि गांव में ही त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। ग्रामीण सेवा शिविर राज्य सरकार की सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बन रहे हैं।

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