भारतीय संस्कृति, साहित्य और मीडिया विषयक परिचर्चा का आयोजन

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फलौदी। राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम द्वारा प्रदेशभर में चल रहे राजस्थान के साहित्यिक आंदोलन की श्रृंखला में रविवार को होटल लाल पैलेस ( जॉन पैलेश ) में भारतीय संस्कृति, साहित्य और मीडिया विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यतिथि – नवल जोशी, अध्यक्ष- अनिल सक्सेना , विशेषअतिथि- मुरारीलाल थानवी, एडवोकेट गोपाल व्यास, अशोक पालीवाल तथा प्राचार्य किशोर बोहरा रहे। वहीं सह समन्वयक – डॉ अरुण माथुर, मंच संचालन – जितेंद्र व्यास ( गुड्डू सर) सरस्वती वंदना- महेंद्र थानवी सागर एवं सराहनीय सहयोग धीरज वास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार अनिल सक्सेना ‘ललकार‘ ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में साहित्यकार को सेना के शौर्य का प्रदर्शन करते हुए अपनी कलम चलानी चाहिए। भारतीय सैनिक अपनी जान पर खेल कर देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हमारी रक्षा कर रहे हैं। सक्सेना ने मीडिया के बदलते स्वरूप को बताते हुए कहा कि सेना के शौर्य पर लिखना प्रेरणादायक है और इससे देश की सेवा के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कलमकार और कलाकारों से सीधा संवाद करते हुए युवाओं को भारतीय संस्कृति और साहित्य से जोड़ने पर भी जोर दिया। अनिल सक्सेना ने मीडिया के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला और कहा कि आज मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं रह गया, बल्कि यह सांस्कृतिक चेतना का संवाहक बन गया है। ऐसे में मीडिया को अपनी भूमिका को समझते हुए साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं को संस्कृति व साहित्य से जोड़ना आवश्यक बताता। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति की आड़ में युवा अपनी संस्कृति को भूल रहा है। बच्चा कच्चे घड़े की तरह होता हैं इसलिए संस्कृति से जोड़े रखने की प्रथम कड़ी परिवार ही हैं। संयुक्त परिवार की परम्परा की कमी ने हमें अपने संस्कारो से दूर किया हैं।

कलमकारों और कलाकारों ने भी रखे विचार :-

कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भी विषय के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। आज के समय में मीडिया, साहित्य और संस्कृति – तीनों के बीच समन्वय आवश्यक है, ताकि समाज में सकारात्मक चेतना और मूल्यों की पुनर्स्थापना की जा सके, इस विषय पर नवल जोशी, डॉ अरुण माथुर, मुरारी लाल थानवी,अशोक पालीवाल, श्रीगोपाल व्यास, किशोर बोहरा सहित सभी वक्ताओं ने युवाओं को अखबार, साहित्यिक किताबों व साहित्यिक कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया ।
इनका हुआ सम्मान-
इस दौरान साहित्यकार रतन कंवर जोशी, आल इंडिया में आईएफएस परीक्षा में सांतवीं रेंक लाने वाले विद्यार्थी मयंक पुरोहित के माता – पिता ( सूरज एवम दिनेश पुरोहित का मोमेंटो देकर सम्मान किया गया।

इन दौरान प्रीति राठौड़, सूर्यप्रकाश जीनगर, एडवोकेट ललित जोशी, महेश आचार्य, नगेन्द्र माथुर,जेके थानवी,
श्याम चौधरी, विशंभर थानवी, विनोद पुरोहित,कल्पना , रावल चंद माली, शुशीला चौहान सहित बड़ी संख्या में कलमकार, कलाकार, साहित्यकार व अन्य लोग उपस्थित रहे।

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