जयपुर। राजस्थान के टेलीकॉम बाजार में रिलायंस जियो ने अपने सफर के पहले दशक में मजबूत पकड़ बना ली है। अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल ग्राहक आधार के साथ शुरुआत करने वाली कंपनी जून 2026 तक 2.83 करोड़ मोबाइल ग्राहकों तक पहुंच गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में जियो की ग्राहक हिस्सेदारी 41.2 प्रतिशत है और कंपनी जून 2019 में पहली बार नंबर-1 बनने के बाद से यह स्थिति लगातार कायम रखे हुए है।
जियो के राजस्थान में विस्तार की कहानी केवल मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है। कंपनी ने राज्य के शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार किया है। जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर के जरिए राजस्थान में 14.81 लाख घरों और परिसरों को जोड़ा जा चुका है। कंपनी का दावा है कि होम ब्रॉडबैंड क्षेत्र में भी वह राज्य में बाजार की अग्रणी स्थिति में है।
जियो 5 सितंबर को अपने वाणिज्यिक लॉन्च के दस साल पूरे करने जा रहा है। राजस्थान में शुरुआती दौर में ही कंपनी ने तेज रफ्तार से ग्राहक जोड़े। TRAI के अनुसार, सितंबर 2016 में जियो के राजस्थान में करीब 9.6 लाख मोबाइल ग्राहक थे। इसके बाद कंपनी का आधार लगातार बढ़ता गया और जून 2026 तक नेट एडिशन 2.73 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान ग्राहक आधार में 41.4 प्रतिशत का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया गया, जो पुराने टेलीकॉम ऑपरेटरों की तुलना में काफी अधिक रहा।
जियो की इस तेज वृद्धि के पीछे किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग को अहम वजह माना जाता है। कंपनी के आने से पहले मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल महंगा था और ग्राहक डेटा की खपत को लेकर काफी सावधानी बरतते थे। 2016 में भारत में प्रति सब्सक्राइबर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 जीबी से भी कम थी, जबकि एक जीबी डेटा की कीमत करीब 228 रुपये बताई जाती थी। 4G नेटवर्क की पहुंच भी उस समय सीमित थी और औसत डाउनलोड स्पीड लगभग 2.5 एमबीपीएस के आसपास थी।
जियो की एंट्री के बाद टेलीकॉम बाजार में कीमतों को लेकर बड़ा बदलाव आया। डेटा की लागत में भारी कमी आई और इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका भी तेजी से बदला। एक दशक बाद एक जीबी डेटा की औसत कीमत करीब 7.9 रुपये रह गई है, यानी 2016 के मुकाबले लगभग 97 प्रतिशत की गिरावट। इसी दौरान देश में सक्रिय 4G और 5G ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 93.8 करोड़ हो गई है। जियो नेटवर्क पर एक औसत ग्राहक अब हर महीने लगभग 42.3 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है।
कंपनी की पहुंच सिर्फ मोबाइल सेवाओं तक नहीं है। जून 2026 तक देशभर में जियो के करीब 53.33 करोड़ ग्राहक हैं, जिनमें लगभग 28.5 करोड़ 5G ग्राहक शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि वह भारत की जरूरतों के अनुरूप एंड-टू-एंड, क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क तैयार करने में लगातार निवेश कर रही है।
टेलीकॉम क्षेत्र में यह बदलाव उस दौर से काफी अलग है, जब नेटवर्क मुख्य रूप से आयातित हार्डवेयर और प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहते थे। ऐसे में तकनीकी अपग्रेड और नेटवर्क के विस्तार के लिए विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता भी अधिक थी। जियो ने अपने नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर विकसित करने की रणनीति अपनाई, जिससे देश में डेटा खपत, स्मार्टफोन इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति मिली।
राजस्थान जैसे बड़े और भौगोलिक रूप से विविध राज्य में इस बदलाव का असर खास तौर पर दिखाई देता है। शहरों से लेकर दूरदराज के इलाकों तक मोबाइल और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ने से इंटरनेट अब रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बन चुका है। जियो का दशक पूरा होने के साथ कंपनी की राजस्थान में कहानी इस बात का उदाहरण है कि सस्ती कनेक्टिविटी और तेज नेटवर्क किस तरह डिजिटल इस्तेमाल की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं।



