शिक्षा में नैतिकता, मानवीय मूल्यों और संस्कारों का समावेश आवश्यक— शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री

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जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार को चूरू जिले के तारानगर उपखंड मुख्यालय पर विद्यालय का लोकार्पण किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा में नैतिकता, मानवीय मूल्य और संस्कार का समावेश आवश्यक है। हम सभी मानवीय मूल्यों को आत्मसात करें और देश को सर्वोच्च शिखर पर लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भामाशाहों ने शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सराहनीय कार्य किया है। बालिका शिक्षा को समर्पित यह विद्यालय बेटियों का आत्मविश्वास सुदृढ़ करेगा और बेटियां पूरे विश्व में हमारा गौरव बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल रही है। आज विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है व शिक्षण स्तर को निरंतर सुधार किया जा रहा है। विद्यार्थियों में नैतिक व मानव मूल्यों के विकास के लिए शिक्षकों को आधुनिकतम तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया है और नया शिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा परिणाम में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने टॉप किया है। शिक्षा अधिकारियों को माह में कम से कम 4 दिन गांवों में रात्रि विश्राम के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा क्षेत्र को लेकर फीडबैक लिया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सरकारी स्कूलों में जाएं और कहीं भी कोई गुंजाइश हो तो बताएं ताकि सरकार सुधार के प्रयास कर सके। मदन दिलावर ने कहा कि हर नागरिक स्वस्थ रहे, इसके लिए गांवों में नियमित सफाई पर फोकस किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा छोटी से छोटी ग्राम पंचायत को इसके लिए 1 लाख रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करें और आमजन को भी प्रोत्साहित करें। प्लास्टिक और कचरा हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में हरियाली को बढ़ावा देने के सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान में विलुप्त हो रही प्रजातियों की वनस्पति के संरक्षण का कार्य बीज बैंक के माध्यम से किया जा रहा है। हम सभी हरित राजस्थान के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें और अधिकाधिक पेड़ लगाएं। उन्होंने भामाशाहों द्वारा कस्तूरबा विद्यालय तक बालिकाओं के आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था, विभिन्न विद्यालय भवन निर्माण जैसे जनसेवा कार्यों के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता रखने, पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने, गौसेवा, जल संरक्षण और अधिकाधिक पौधारोपण करने के संकल्प दिलाया। चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि समय का महत्व समझें, नशामुक्ति अभियान में भागीदारी करें। फिट रहें और खेलकूद गतिविधियों में भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि भामाशाहों ने जन्मभूमि पर सुविधाएं विकसित कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर प्रेरणा मिल रही है और सकारात्मक पहलुओं पर काम हो रहा है। इससे पूर्व दिलावर ने पंडरेऊ ताल ग्राम पंचायत के सुखवासी व पंडरेऊ टिब्बा गांव में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया और इसमें बेहतरी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

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