जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, किसान मोर्चा अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मल्लखम्भ प्रदर्शन में शिरकत करते हुए किसानों से रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम करने एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। बागड़े ने अपने संबोधन में किसानों से कहा कि वे रसायन मुक्त अनाज तैयार करें और लोगों को बीमारियों से बचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि एक समय जब देश में अनाज नहीं बचा था तब किसानों ने पूरी मेहनत कर अनाज उगाया। किसानों की मेहनत के कारण ही आज हमारे देश में अनाज के भण्डार हैं। उन्होंने कहा कि किसान गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन करें, आमजन ऐसी पैदावार को खरीदने के लिए हमेशा तैयार हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे किसानों ने पंचगव्य, जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक खेती के तरीकों से मानव और मिट्टी दोनों की सेहत का ध्यान रखा है। इसलिए हमें प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती माता को जहरीले रसायन और कीटनाशकों से नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने जल एवं ऊर्जा उपलब्धता का विस्तृत रोडमैप बनाया है। इसके तहत रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। विगत ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। हम वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आज 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार खेती को लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है। बैलों द्वारा पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, हरियालो राजस्थान जैसी पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा पीएम-किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम योजना और ई-नाम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से किसानों का सशक्तीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को 9 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि और गेहूं के एमएसपी पर 150 रुपये अतिरिक्त बोनस भी दे रही है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि रासायनिक खेती के कारण आज देशभर में खेतों की मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन निम्न स्तर तक पहुंच गया है, जो कि चिंताजनक है। उन्होंने सूक्ष्म जीव और मित्र कीट द्वारा मिट्टी को मुलायम करने और उर्वरकता बढ़ाने की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी नहीं बल्कि वृद्धि होती है। उन्हांंने कहा कि वे स्वयं कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते हुए प्राकृतिक खेती करते हैं, जिसका उत्पादन रासायनिक खेती से कहीं अधिक होता है। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती का उल्लेख करते हुए किसान को राजाओं का राजा बताया, जो प्राणियों का पेट भरने का काम करता है। आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसान का धन सबसे बड़ा धन होता है, क्योंकि वह खेत में मेहनत और कड़ी तपस्या करता है। जो पैदा करता है, वो भी सबकी सेवा में लगा देता है।
किसान प्राकृतिक खाद का उपयोग करें, लोगों को पोषणयुक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराएं- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कीटनाशकों का उपयोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बन रहा है। ऐसे में, किसान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए खेती में प्राकृतिक खाद का उपयोग करें और लोगों को पोषणयुक्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की हरसंभव मदद के लिए डबल इंजन की सरकार तत्पर है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मिल रहा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा-भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हम प्रकृति की ओर लौटे और प्राकृतिक खेती के जरिए देश में पोषणयुक्त अन्न पैदा करें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बेहतरीन कार्य हो रहा है। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंत्री परिषद के सदस्य, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। इस दौरान प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी एवं लघु नाटिका का मंचन भी किया गया।

डबल इंजन सरकार खेती को लाभकारी, पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
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