राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थानों के 24×7 संचालन संबंधी नवीन प्रावधानों की दी जानकारी

ram

भीलवाड़ा। उप श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी की अध्यक्षता में गुरुवार को कार्यालय उप श्रम आयुक्त में राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थानों के नियोजकों एवं उनके प्रतिनिधियों तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस विभाग के निरीक्षक, होटल संस्थानों के प्रतिनिधि, रेस्टोरेंट संचालक, फर्नीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष, मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के ओ.एस.डी. सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 के अंतर्गत जारी नवीन अधिसूचना के अनुसार निर्धारित शर्तों के आधार पर संस्थानों को 24’7 संचालित किए जाने संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उप श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को निर्धारित शर्तों की पालना के अधीन 24’7 संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रत्येक कर्मचारी को रोटेशन के आधार पर सप्ताह में एक दिन का सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों से प्रतिदिन अधिकतम 10 घंटे तथा प्रति सप्ताह अधिकतम 48 घंटे ही कार्य लिया जा सकेगा। अतिरिक्त कार्य की स्थिति में उसका पृथक रिकॉर्ड संधारित करना होगा तथा ओवरटाइम का भुगतान विधिक प्रावधानों के अनुरूप करना होगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। नियुक्ति पत्र की एक प्रति संबंधित क्षेत्र के श्रम निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी तथा उसकी प्राप्ति रसीद नियोजक को अपने अभिलेखों में सुरक्षित रखनी होगी।

बैठक में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि महिला कर्मचारी को रात्रिकालीन ड्यूटी पर नियोजित करने से पूर्व उसकी लिखित सहमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही, उसके घर से कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा एवं पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था नियोजक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

सोलंकी ने बताया कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर 24’7 संचालन की छूट स्वतः निरस्त मानी जाएगी तथा संबंधित नियोजक के विरुद्ध राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कार्य घंटे, साप्ताहिक अवकाश तथा महिला सुरक्षा संबंधी सभी प्रावधानों का समुचित पालन करने वाले संस्थानों को ही यह छूट प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य व्यापार एवं उद्योगों को प्रोत्साहन देना, रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना तथा राज्य में व्यवसाय करने की सुगमता को बढ़ावा देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *