लोकतंत्र के उत्सव में वृद्वजनों, द्विव्यांगजनों के साथ ही पुरूष एवं महिलाओं ने मतदान दिवस को उत्साह के साथ किया मतदान

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जैसलमेर। नगर पालिका पोकरण के 25 वार्डों में शुक्रवार को हुए मतदान में लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। मतदान केन्द्रों पर बुजुर्गों से लेकर दिव्यांगजनों, महिलाओं और पुरूषों में मतदान के प्रति बहुत उत्साह देखी गई एवं वे मतदान केेन्द्रों पर कतार में डे होकर अपनी बारी के अनुरूप मतदान कर रहे थे। वही महिलाएं सजी-धजी पोशाकों में मतदान केन्द्र पहुंचकर बढचढ कर हिस्सा लिया एवं उमंग के साथ मतदान किया। मतदान केन्द्रों पर जहां वयोवृद्व मतदाता अपने परिजनों के कन्धों के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचकर मत देने से पीछे नही रहे। वही द्विव्यांगजनो ने भी अपनी शारीरिक अपगंता के बावजूद भी लोकतंत्र के उत्सव में शरीक होने से पीछे नही रहे एवं व्हील चेयर पर बैठकर अपना मताधिकार का प्रयोग किया एवं संदेश दिया कि हर व्यक्ति को मतदान के दिवस अवश्य ही वोट डालना चाहिए। नवमतदाता पहली बार लोकतंत्र के सहभागी बने एवं उन्होंने अपने मत का प्रयोग कर खुद को गौरवन्वित महसूस किया एवं कहा कि अब हम भी सशक्त लोकतंत्र के भागी बन गये है।

ढलती उम्र में भी मतदान का जज्बा बरकरार
मतदान केन्द्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा। मतदान केन्द्र संख्या 18 पर 87 वर्षीया श्रीमती परखू देवी पत्नी शंकर लाल ने अपने पोते गणेश के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचीं और उत्साहपूर्वक मतदान किया। वही इसी मतदान केन्द्र पर 85 वर्षीया श्रीमती धापू देवी ने अपने पुत्र रामेश्वर के कन्धों के सहारे पहुंची एवं मतदान करने से पीछे नही रही। इसके साथ ही 83 वर्षीय चैनाराम ने लकडी के सहारे मतदान केन्द्र पर पहुंचकर उत्साह से मतदान किया। मतदान केन्द्र सख्या 3 पर 76 वर्षीय आईदान भी उत्साह के साथ मतदान कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी अटूट अस्था प्रकट की एवं कहा कि लोकतंत्र व्यवस्था में मत की बहुत कीमत होती है। इसी प्रकार ढलती उम्र एवं शारीरिक कमजोरी के बावजूद भी व्हील चेयर पर बैठकर अपने मत का प्रयोग किया। इन बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह अन्य मतदाताओं के लिए भी प्रेरणा बना। उन्होंने संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हर मत महत्वपूर्ण है और उम्र मतदान के संकल्प के आड़े नहीं आ सकती।

शारीरिक चुनौतियां भी मतदान नहीं रोक द्विव्यांग मतदाताओं की
दिव्यांग मतदाताओं ने भी मतदान के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मतदान केन्द्र संख्या 3 पर पैरों से निशक्त 83 वर्षीया श्रीमती खमली देवी ने अपने पौते विकास के संग मतदान केन्द्र पर पहुंचकर व्हील चेयर के माध्यम से उत्साह के साथ मतदान किया वही पैरों से विकलांग 75 वर्षीय जगदीश ने अपने पुत्र पंकज के सहारे व्हील चेयर पर मतदान केन्द्र तक पहंुंचे एवं बडे उत्साह के साथ मताधिकार का प्रयोग किया। इसी प्रकार लकवा ग्रस्त श्रीमती ढेली देवी ने मतदान केन्द्र संख्या 19 पर अपने परिजन के सहारे मतदान किया वही द्विव्यांग श्रीमती मूली देवी भी मत देने से पीछे नही रही।

पहली बार वोट डालकर नवमतदाताओं ने महसूस किया गर्व
युवाओं और नवमतदाताओं में मतदान को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के चेहरे पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने की खुशी और गर्व साफ नजर आया। मतदान केन्द्र संख्या 14 पर 18 वर्षीया कुमारी दिव्या शर्मा ने पहली बार मतदान कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस किया। वही मतदान केन्द्र संख्या 3 पर 19 वर्षीया कुमारी जूही पुत्री अखेराज माली ने ने पहली बार मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसके साथ ही मतदान केन्द्र संख्या 7 पर 19 वर्षीया कुमारी नंदीनी छंगानी पुत्री विष्णु छंगानी ने पहली बार मत डाला एवं प्रफुल्लित हुई। इसी प्रकार मतदान केन्द्र संख्या 11 पर 19 वर्षीया कुमारी लक्ष्मी व्यास पुत्री शिव कुमार लोकतांत्रिक व्यवस्था में पहली बार मत डालने का अवसर प्राप्त किया। नवमतदाताओं ने मतदान को अपने लिए गौरव का क्षण बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अनुभूति की।

मातृशक्ति ने भी उत्साह के साथ निभाई जिम्मेदारी
मतदान केन्द्रों पर महिलाओं की जगह-जगह भीड देखी गई एवं वे सजी-धजी पोशाकों में मतदान केन्द्र पहुंची एवं वे कतार में खडी होकर अपनी बारी के अनुरूप उत्साह के साथ मतदान किया एवं कहा कि मातृ शक्ति मजबूत लोकतंत्र बनाने में कन्धे से कन्धा मिलाकर खडी है। एवं मतदान करने में अपनी पूरी सहभागिता दर्ज कराई।

व्हीलचेयर सुविधा से बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को मिली बड़ी राहत
जिला निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों एवं बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। इससे ऐसे मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में काफी सुविधा मिली। व्हीलचेयर की सुविधा के कारण बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाता सहजता से मतदान केन्द्र तक पहुंच सके और बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाए। सुविधा का लाभ लेने वाले मतदाताओं एवं उनके परिजनों ने निर्वाचन विभाग की व्यवस्थाओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया। पोकरण में मतदान का यह उत्साह लोकतंत्र की उस खूबसूरत तस्वीर को सामने लाया जहां बुजुर्गों का अनुभव, दिव्यांगजनों का संकल्प, महिलाओं का उत्साह और युवाओं की ऊर्जा एक साथ लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देती नजर आई।

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