जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक निवेश को गति देने और देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 लगातार सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। योजना के 13वें चरण में निवेशकों का उत्साह एक बार फिर देखने को मिला है। रीको को 242 भूखण्डों के लिए 954 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो राज्य में औद्योगिक निवेश के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इन भूखण्डों का कुल क्षेत्रफल लगभग 152 एकड़ है तथा इनका अनुमानित मूल्य करीब 311 करोड़ रुपये है। जिन भूखण्डों पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनके आवंटन के लिए दिनांक 01 सितंबर, 2026 को ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी। इस चरण में जयपुर के श्रीराम जानकी औद्योगिक क्षेत्र, कुंजबिहारीपुरा के 32 भूखण्डों के लिये सर्वाधिक 659 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र शिव (बालोतरा) के लिए 10 आवेदन, धुनवाला (भीलवाड़ा) के लिए 15 आवेदन, फतेहपुरा-समेलिया (भीलवाड़ा) के लिए 12 आवेदन, बोरानाडा एक्सटेंशन (बोरानाडा) के लिए 27 आवेदन तथा औद्योगिक क्षेत्र चतालिया (मंडौर) के लिए 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अब तक 12 चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। इन चरणों में 2147 औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से प्रदेश में 20,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश तथा 42,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा 400 से अधिक भूखण्डों का आवंटन वर्तमान में प्रक्रियाधीन है, जिनसे 1,600 करोड़ रुपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश की संभावना है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच एवं औद्योगिक विकास की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत एमओयू निष्पादित करने वाले निवेशकों को प्रत्यक्ष आवंटन योजना के माध्यम से भूखण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी दिशा में रीको निरंतर प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल पहल करते हुए काम कर रहा है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया राज्य में औद्योगिक निवेश को नई गति दे रही है और नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के माध्यम से रोजगार सृजन एवं प्रदेश के आर्थिक विकास को सुदृढ़ आधार मिल रहा है।
प्रत्यक्ष आवंटन योजना में निवेशकों का लगातार बढ़ रहा रूझान, 13वें चरण में 242 भूखण्डों के लिये 954 आवेदन प्राप्त
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