-डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन तथा ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति से कराया अवगत
-प्रदेश में 24 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सत्यापित सर्वेक्षण, लगभग एक लाख 61 हजार का डिजिटलीकरण
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को नई दिल्ली में सेवा तीर्थ में कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन से मुलाकात की। मुख्य सचिव ने उन्हें राजस्थान में डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन तथा ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति से अवगत कराया।
मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान ने डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन के पहले चरण में आवंटित सभी 23 प्राथमिकता क्षेत्रों में कार्रवाई पूरी कर ली है। दूसरे चरण में आवंटित 28 प्राथमिकता क्षेत्रों में से 24 में की गई कार्रवाई पर केंद्र की सहमति प्राप्त हो चुकी है। शेष चार प्राथमिकता क्षेत्रों में से तीन में राज्य स्तर पर कार्यवाही जारी है, जबकि एक केंद्र स्तर पर विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों के तहत भवन निर्माण, उद्योगों की स्थापना और व्यावसायिक स्वीकृतियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के कदम उठाए गए हैं। इनका उद्देश्य अनावश्यक नियामकीय बाधाओं को कम कर प्रदेश में निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
मुख्य सचिव ने ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण की प्रगति की भी जानकारी दी। प्रदेश में अब तक 24,63,769 पांडुलिपियों का सत्यापित सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। लगभग एक लाख 61 हजार पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है तथा 19 केंद्रों पर यह कार्य जारी है।
श्रीनिवास ने बताया कि मिशन के अंतर्गत सर्वेक्षण के लिए विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, संस्थाओं एवं निजी पांडुलिपि धारकों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। संस्कृत, अरबी, फारसी, प्राकृत, पाली एवं अपभ्रंश सहित विभिन्न भाषाओं की पांडुलिपियों का संरक्षण किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।



