बूंदी जिले को संपूर्ण स्वच्छ जिला बनाया जाएगा,ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर तक चलेगा ’प्लास्टिक कचरा मुक्त राजस्थान अभियान-2026’

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बूंदी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार बूंदी जिले में चलाये जा रहे ’प्लास्टिक कचरा मुक्त राजस्थान अभियान-2026 के तहत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत नए बीएसआर के अनुसार 5 गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती चारू (आई.ए.एस.) ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार 2 अक्टूबर तक चलाये जा रहे इस अभियान के तहत नियमानुसार नियुक्त संवेदको से ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण के निर्देश दिए गए है। साथ ही कचरा संग्रहण वाहनों से गांव की गलियों, मोहल्लो, सड़कों एवं सड़को पर बिखरे असंग्रहित कचरे को भी संग्रहित कर संग्रहण वाहनों से संग्रहण केन्द्रों पर ले लाकर निस्तारण करने के लिए पाबंद किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में आम रास्तों सहित रास्तों की नियमित साफ-सफाई, नालियों, सामुदायिक स्वच्छता केंद्रों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राजकीय भवनों एवं कार्यालयों, सार्वजनिक, धार्मिक, ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों की भी नियमित साफ सफाई एवं कचरा संग्रहण किया जावेगा। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई व स्वच्छता गतिविधियों में लापरवाही होने अथवा गंदगी का सही प्रकार से निस्तारण नहीं करवाने पर संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक की जवाबदेही तय की जावेगी व स्पॉट फाईन भी लगाया जावेगा।

स्वच्छता के लिए अपनाया जाएगा 5आर मॉडल
जिले में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण हेतु 5आर मॉडल पर काम किया जा रहा है। जिसके तहत मना करें, कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्प्राप्त करें, और पुनर्चक्रण करें शामिल है। इसके तहत नागरिकों से अनावश्यक सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को मना करने, इसके उपयोग को कम करने, कपड़े व जूट जैसे फिर से उपयोग योग्य थैलों को अपनाने और प्लास्टिक कचरे को अलग कर पुनर्चक्रण के लिए भेजने का आह्वान किया जा रहा हैं। यह अभियान 5 चरणों में पूरा होगा।

स्वच्छता के लिए इस प्रकार चलेगें पांच चरण
प्रथम चरण में ग्राम सभाओं में शपथ, और कचरे के हॉटस्पॉट की पहचान व मैपिंग का कार्य सहित दूसरे चरण में स्वच्छता समितियों की बैठकें, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक और घर-घर जाकर जनसंपर्क किये जाने की गतिविधियां आयोजित की जा चुकी है। तीसरा चरण एक सितम्बर से 20 सितंबर तक आयोजित किया जावेगा जिसके तहत स्रोत पर कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक संग्रहण और पुराने कचरे के ढेरों की सम्पूर्ण सफाई की जाएगी। इसी प्रकार चौथा चरण 21 से 30 सितंबर तक आयोजित होगा जिसके तहत सरकारी दफ्तरों व बाजारों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का कार्य होगा तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक विक्रेताओं पर स्पॉट फाइन लगाया जाएगा। पांचवें चरण के तहत एक व 2 अक्टूबर को उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, बाजारों और स्वयं सहायता समूहों एवं स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं को समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।

नियमों की अवहेलना पर दुकानदारों के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही
जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मज़हर इमाम ने बताया कि अभियान के तहत विभागीय निर्देशानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर बाजारों व दुकानों की आकस्मिक जांच की जावेगी। तथा प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक बेचने वाले दुकानदारों के विरूद्ध अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 व सीपीसीबी नियमों के तहत ‘स्पॉट फाइन‘ की कार्यवाही की जावेगी।

अभियान के तहत ग्राम पंचायतों की केटेगरी होगी तय
एसीईओ मज़हर इमाम ने बताया कि ’प्लास्टिक कचरा मुक्त राजस्थान अभियान-2026 के तहत ग्राम पंचायतों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ‘प्लास्टिक अवेयर’, ‘प्लास्टिक एक्शन‘ और ‘प्लास्टिक फ्री‘ जैसी श्रेणियों में भी बांटा जाएगा। साथ ही अभियान को सफल बनाने के लिए एनएसएस, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं को ‘प्लास्टिक मुक्त एम्बेसडर’ बनाया जाएगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को कपड़े और जूट के थैले बनाने तथा उनके विपणन के काम से जोड़ा जाएगा।

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