डोल का बाढ़: जंगल की रखवाली में बीता दिन, सांझ ढली तो सुरों में ग...
जयपुर। यह कोई आम शुक्रवार नहीं था। यह एक जंगल की पुकार थी। एक संकल्प का दिन। एक प्रतिरोध की आवाज़।भोमियाजी मंदिर परिसर, जहां आमतौर पर शांति पसरी होती है, आज वहां सुबह से ही हलचल थी जंगल की रखवाली के लिए। सैकड़ों लोगआदिवासी संगठनों...


