राष्ट्रीय लोक अदालत में 647 प्रकरणों का निस्तारण

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जैसलमेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जैसलमेर न्यायक्षेत्र के सभी न्यायिक व राजस्व न्यायालयों तथा उपभोक्ता संरक्षण मंच न्यायालय में लंबित प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन स्टेज पर लंबित प्रकरणों हेतु इस वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत ऑनलाईन आयोजित की गई।इ स राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ एडीआर सेंटर में अधिकारीगण, बैंकर्स व अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 6995 प्रकरण रखे गये जिसमें से 647 प्रकरणों का निस्तारण हुआ जिसमें 8.71 करोड राशि के अवार्ड पारित किये गये। कुुल निस्तारित प्रकरणों में से 509 प्रकरण न्यायालय में लंबित थे व 138 प्रकरण न्यायालय में जाने से पूर्व ही प्री-लिटिगेशन स्टेज पर निस्तारित किये गये।

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिये कुल 04 बैंचों का गठन किया गया जिनकी अध्यक्षता न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय चन्द्र प्रकाश सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किशोर कुमार तालेपा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर विजेंद्र कुमार तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पोकरण नवीन रतनू ने की। बैंच में सदस्यों के रूप में जिला मुख्यालय पर मोहम्मद जहांगीर मलिक, चांद मोहम्म्द लोहार तथा दामोदर सिंह सोलंकी, राजस्व मामलों में सदस्य के रूप में उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर सक्षम गोयल ने तथा पोकरण मुख्यालय पर गठित बैंच में सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता जसवंत दैया उपस्थित थे तथा राजस्व मामलों में सदस्य के रूप में उपखण्ड अधिकारी पोकरण लाखाराम ने भाग लिया।

इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किशोर कुमार तालेपा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारान ने उत्साह से भाग लेकर राजीनामा के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण करवाया। उन्होने यह भी बताया कि प्री-लिटिगेशन स्टेज पर बैंकर्स व विद्युत विभाग द्वारा बकायादारों को ब्याज में अधिकतम छूट व सरकार की योजना का लाभ देते हुए पक्षकारों को राहत प्रदान की। प्रि-लिटिगेशन स्टेज पर भारत संचार लिगम लिमिटेड के बकाया बिलों संबंधी भी अनेक प्रकरण निस्तारित हुए। विभिन्न बैंकों के ऋण वसूली के 121 प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा विद्युत व टेलिफोन बिलों के 17 प्रकरणों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन स्टेज पर किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में भारत संचार निगम एवं विभिन्न बैंकों की ओर से अधिकारीगण ने सक्रिय रूप से भाग लेकर लोक अदालत को सफल बनाया। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में पक्षकारान के सभी अधिवक्तागण का सक्रिय सहयोग रहा।

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