जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत सरकार की आर्थिक मामलात सचिव श्रीमती अनुराधा ठाकुर एवं मुख्य सचिव के मध्य राज्य में संचालित बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति, भावी प्राथमिकताओं तथा नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई तथा केंद्र-राज्य समन्वय को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग के अधिकारियों सहित राज्य के वित्त एवं आयोजना विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वित्तीय नवाचार एवं ई-गवर्नेंस प्रणालियों की हुई सराहना
मुख्य सचिव ने बैठक में बताया कि सिंगल नोडल एजेंसी प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु ‘एसएनए स्पर्श’ तथा वित्तीय लेनदेन को त्वरित व पारदर्शी बनाने वाली ‘साइबर ट्रेजरी’ प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। आर्थिक कार्य सचिव श्रीमती अनुराधा ठाकुर ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल है।
कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं पीपीपी मॉडल पर हुआ संवाद
बैठक में कौशल विकास तथा उच्च व तकनीकी शिक्षा क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को चिह्नित करने पर विस्तृत संवाद हुआ। आर्थिक कार्य सचिव ने सुझाव दिया कि अर्बन मोबिलिटी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, हाईवे विकास व अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी पूंजी के प्रभावी एकीकरण की दिशा में कार्य किया जाए, जिस पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
शहरी अवसंरचना, मेट्रो एवं सड़क नेटवर्क विकास की हुई समीक्षा
मुख्य सचिव ने जयपुर मेट्रो फेज-II (एडीबी) के अंतर्गत 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली 41 किमी लंबी मेट्रो लाइन (प्रहलादपुरा से टोडी मोड़) की प्रगति की समीक्षा की। द्वितीयक शहर विकास परियोजना के तहत 26 शहरों में पेयजल-सीवरेज कार्यों के 95 प्रतिशत से अधिक पूर्ण होने तथा 18 लाख से अधिक आबादी को लाभ मिलने की जानकारी साझा की गई। सूत्रा (सतत शहरी परिवर्तन) योजना के अंतर्गत जयपुर, जोधपुर, कोटा व भरतपुर में अर्बन मोबिलिटी व ग्रीन स्पेस विकास पर चर्चा हुई। राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम के तहत 900 किमी से अधिक राजमार्गों के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा की गई तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में आर्थिक मामलात सचिव श्रीमती अनुराधा ठाकुर एवं मुख्य सचिव सभी परियोजनाओं के सफल निष्पादन, उच्च गुणवत्ता मानकों तथा निर्धारित समयावधि में वित्तीय प्रगति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने पर सहमत हुए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को केंद्र सरकार व अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ नियमित संपर्क में रहकर सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव एवं भारत सरकार की आर्थिक मामलात सचिव के मध्य बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं एवं वित्तीय नवाचारों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
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